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किसानों के लिए जारी हुए 212 करोड़
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
Updated Wed, 09 Sep 2015 11:25 PM IST
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बिजनौर। प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों एवं शुगर मिलों को राहत पहुंचाने के लिए 212 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त कर दी है। जिले में तीन शुगर मिलों का पैसा आ चुका है तो वहीं पांच शुगर मिलों के हिस्से की धनराशि गुरुवार तक गन्ना विभाग के खाते में पहुंचेगी।
प्रदेश सरकार ने शुगर मिलों को 28.60 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। इसी घोषणा के तहत बुधवार को बिजनौर शुगर मिल के किसानों के लिए 7.14 करोड़, बहादरपुर के लिए 23.51 करोड़, बरकातपुर मिल के किसानों के लिए करीब 26 करोड़ रुपया गन्ना विभाग के खाते में भेज दिया है।
गन्ना विभाग के अनुसार इनके अलावा धामपुर शुगर मिल को 45.10 करोड़, स्योहारा मिल के किसानों के लिए 42.31 करोड़ रुपये, बुंदकी शुगर मिल के लिए 23.97 करोड़, बिलाई के लिए 30.29 करोड़ रुपये, चांदपुर शुगर मिल के लिए 14.22 करोड़ रुपये गन्ना भुगतान के वास्ते अवमुक्त किया है।
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डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार तीन शुगर मिलों की धनराशि आ गई है। अवशेष मिलों की धनराशि भी जल्द ही आ जाएगी। जिले को 212 करोड़ रुपया मिल रहा है। यह धनराशि सीधे किसानों के खाते में भेजी जाएगी।
चुनावी समर में सियासी चोट
बिजनौर। प्रदेश सरकार ने गन्ना भुगतान के लिए बिजनौर जनपद में 212 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त की है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान अवमुक्त हुई यह धनराशि किसानों पर सम्मोहन वाण के रूप में देखी जा रही है। माना जा रहा है कि ऐेेसे समय में किसानों को गन्ना भुगतान की धनराशि सीधे उनके खातों में भेजने की कवायद को सपा त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सियासी हथियार के रूप में इस्तेमाल करेगी।
जिले में पोट्रे विधि से बढ़ेगा गन्ना उत्पादन
बिजनौर। जिले में गन्ने का उत्पादन बढ़ाने के लिए गन्ना विभाग ने इस बार पूरी तैयारी कर ली है। गन्ना विभाग पोट्रे विधि से पेड़ी गन्ने में गैप फिलिंग कराने की तैयारी कर रहा है। पौध तैयार करने के लिए प्लेटें महाराष्ट्र से मंगवाई जा रही हैं। किसान अपने घर पर ही पोट्रे विधि से गन्ने की पौध तैयार कर सकते हैं।
जिले में 9.10 लाख हेक्टेयर भूमि में गन्ने की बुआई होती है। इसमें करीब चार लाख हेक्टेयर भूमि में पेड़ी का गन्ना होता है। गन्ने की कटाई के बाद पेड़ी में काफी संख्या में पौध खराब हो जाती है। इससे खेत में काफी दूर तक खाली स्थान रह जाता है और गन्ने का उत्पादन गिर जाता है। या पौधा गन्ने में भी किसी कारणवश जमाव खराब हो जाता है।
ऐेसी स्थिति में किसान अपने खेत में तैयार पौध का रोपण कर सकते हैं। ये पौध किसान अपने घर पर भी तैयार कर सकते हैं। पौध प्लेट में तैयार होती है। गन्ने के बीच का एक आंख वाला हिस्सा काटकर इन प्लेटों में रखा जाता है और उसके ऊपर मिट्टी व गोबर की खाद डाली जाती है। करीब पंद्रह से बीस दिन में प्लेट के खानों में दबी गन्ने की एक-एक आंख से पौध तैयार हो जाती है, जिसे प्लेट से उठाकर बाद में खेत में रोपाई किया जा सकता है। ऐसा करने से किसान अपने खेत में खाली स्थान को भरकर करीब दस से पंद्रह प्रतिशत गन्ना बढ़ा सकते हैं। जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह के अनुसार पौध पोट्रे प्लेट में तैयार होगी।
किसानों को यह प्लेट महाराष्ट्र से लाकर दी जाएगी। पिछले साल गन्ना विभाग ने इस विधि से पौध तैयार करके देखी थी। प्लेट में सही पौध तैयार हो गई थी। इस बार किसानों को इसी विधि से पौध तैयार करने की सलाह दी जा रही है।
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प्रदेश सरकार ने शुगर मिलों को 28.60 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। इसी घोषणा के तहत बुधवार को बिजनौर शुगर मिल के किसानों के लिए 7.14 करोड़, बहादरपुर के लिए 23.51 करोड़, बरकातपुर मिल के किसानों के लिए करीब 26 करोड़ रुपया गन्ना विभाग के खाते में भेज दिया है।
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गन्ना विभाग के अनुसार इनके अलावा धामपुर शुगर मिल को 45.10 करोड़, स्योहारा मिल के किसानों के लिए 42.31 करोड़ रुपये, बुंदकी शुगर मिल के लिए 23.97 करोड़, बिलाई के लिए 30.29 करोड़ रुपये, चांदपुर शुगर मिल के लिए 14.22 करोड़ रुपये गन्ना भुगतान के वास्ते अवमुक्त किया है।
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डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार तीन शुगर मिलों की धनराशि आ गई है। अवशेष मिलों की धनराशि भी जल्द ही आ जाएगी। जिले को 212 करोड़ रुपया मिल रहा है। यह धनराशि सीधे किसानों के खाते में भेजी जाएगी।
चुनावी समर में सियासी चोट
बिजनौर। प्रदेश सरकार ने गन्ना भुगतान के लिए बिजनौर जनपद में 212 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त की है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान अवमुक्त हुई यह धनराशि किसानों पर सम्मोहन वाण के रूप में देखी जा रही है। माना जा रहा है कि ऐेेसे समय में किसानों को गन्ना भुगतान की धनराशि सीधे उनके खातों में भेजने की कवायद को सपा त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सियासी हथियार के रूप में इस्तेमाल करेगी।
जिले में पोट्रे विधि से बढ़ेगा गन्ना उत्पादन
बिजनौर। जिले में गन्ने का उत्पादन बढ़ाने के लिए गन्ना विभाग ने इस बार पूरी तैयारी कर ली है। गन्ना विभाग पोट्रे विधि से पेड़ी गन्ने में गैप फिलिंग कराने की तैयारी कर रहा है। पौध तैयार करने के लिए प्लेटें महाराष्ट्र से मंगवाई जा रही हैं। किसान अपने घर पर ही पोट्रे विधि से गन्ने की पौध तैयार कर सकते हैं।
जिले में 9.10 लाख हेक्टेयर भूमि में गन्ने की बुआई होती है। इसमें करीब चार लाख हेक्टेयर भूमि में पेड़ी का गन्ना होता है। गन्ने की कटाई के बाद पेड़ी में काफी संख्या में पौध खराब हो जाती है। इससे खेत में काफी दूर तक खाली स्थान रह जाता है और गन्ने का उत्पादन गिर जाता है। या पौधा गन्ने में भी किसी कारणवश जमाव खराब हो जाता है।
ऐेसी स्थिति में किसान अपने खेत में तैयार पौध का रोपण कर सकते हैं। ये पौध किसान अपने घर पर भी तैयार कर सकते हैं। पौध प्लेट में तैयार होती है। गन्ने के बीच का एक आंख वाला हिस्सा काटकर इन प्लेटों में रखा जाता है और उसके ऊपर मिट्टी व गोबर की खाद डाली जाती है। करीब पंद्रह से बीस दिन में प्लेट के खानों में दबी गन्ने की एक-एक आंख से पौध तैयार हो जाती है, जिसे प्लेट से उठाकर बाद में खेत में रोपाई किया जा सकता है। ऐसा करने से किसान अपने खेत में खाली स्थान को भरकर करीब दस से पंद्रह प्रतिशत गन्ना बढ़ा सकते हैं। जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह के अनुसार पौध पोट्रे प्लेट में तैयार होगी।
किसानों को यह प्लेट महाराष्ट्र से लाकर दी जाएगी। पिछले साल गन्ना विभाग ने इस विधि से पौध तैयार करके देखी थी। प्लेट में सही पौध तैयार हो गई थी। इस बार किसानों को इसी विधि से पौध तैयार करने की सलाह दी जा रही है।