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जिले में लगेंगे रिकॉर्ड 21 लाख पौधे, बढ़ेगी हरियाली
Updated Mon, 23 Jul 2018 12:33 AM IST
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जिले में लगेंगे रिकॉर्ड 21 लाख पौधे, बढ़ेगी हरियाली
बिजनौर। जिले में इस साल रिकॉर्ड 21 लाख पौधे लगाए जाएंगे। वन विभाग के अलावा भी एक दर्जन से अधिक विभाग पौधरोपण में हिस्सा लेंगे। वन विभाग से ज्यादा पौधरोपण की जिम्मेदारी इन विभागों को सौंपी गई है। इसके अलावा सामाजिक संस्थाओं को भी पौधरोपण करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त करने के लिए पौधरोपण बहुत जरूरी है। वन विभाग की ओर से हर साल पौधरोपण किया जाता है। इसके अलावा बाकी विभागों को भी पौधरोपण का लक्ष्य दिया जा रहा है। इस साल जिले में रिकॉर्ड पौधरोपण की तैयारी की जा रही है। वन विभाग की ओर से इस साल नौ लाख पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा बाकी विभागों को भी करीब सवा 12 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। 15 अगस्त तक यह पौधरोपण अभियान पूरा होना है। जिले की लगभग सभी सड़कों को पौधरोपण के लिए चिह्नित किया गया है। जो फोरलेन इस साल बने हैं, उनके किनारे विशेष रूप से पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा शहरों की चौड़ी सड़कों पर भी पौधरोपण किया जाएगा। तीन साल तक इन पौधों की देखभाल भी संबंधित विभाग द्वारा की जाएगी।
डीएफओ डा.एम सेम्मारन के मुताबिक पौधरोपण में सभी विभाग सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। आम जनता भी पौधरोपण करे और उनकी देखभाल करे।
विभाग पौधे लगाने का लक्ष्य
वन विभाग 900000
ग्रामीण विकास 471538
राजस्व विभाग 272903
पंचायती राज 170000
आवास विकास 5689
औद्योगिक विकास 7654
नगर विकास 11360
लोनिवि 12357
रेशम विभाग 3654
कृषि विभाग 5680
पशुपालन विभाग 6320
सहकारिता विभाग 2880
उद्योग केंद्र 6480
विद्युत निगम 6320
माध्यमिक शिक्षा 6013
बेसिक शिक्षा 6507
प्राविधिक शिक्षा 5147
उच्चतर शिक्षा 7653
श्रम विभाग 2013
स्वास्थ्य विभाग 8987
परिवहन विभाग 1680
रेलवे 6987
उद्यान विभाग 38333
पुलिस विभाग 5680
नोट:उक्त आंकड़े वन विभाग से लिए गए हैं।
पौधरोपण अभियान में पौधे और जमीन की प्रवृत्ति का खास ख्याल रखा जाता है। जल प्लावित क्षेत्र में अर्जुन, नहर किनारे शीशम, जामुन, रेतीली जमीन में यूकेलिप्टस व शीशम तथा गंगा किनारे खैर व सागौन की विशेष तौर पर बुआई की जाएगी। इनके अलावा भी बबूल, नीम, पीपल, बालमखीरा, बरगद, पिलखन आदि के पौधे भी रोपित किए जाएंगे।
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बिजनौर। जिले में इस साल रिकॉर्ड 21 लाख पौधे लगाए जाएंगे। वन विभाग के अलावा भी एक दर्जन से अधिक विभाग पौधरोपण में हिस्सा लेंगे। वन विभाग से ज्यादा पौधरोपण की जिम्मेदारी इन विभागों को सौंपी गई है। इसके अलावा सामाजिक संस्थाओं को भी पौधरोपण करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त करने के लिए पौधरोपण बहुत जरूरी है। वन विभाग की ओर से हर साल पौधरोपण किया जाता है। इसके अलावा बाकी विभागों को भी पौधरोपण का लक्ष्य दिया जा रहा है। इस साल जिले में रिकॉर्ड पौधरोपण की तैयारी की जा रही है। वन विभाग की ओर से इस साल नौ लाख पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा बाकी विभागों को भी करीब सवा 12 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। 15 अगस्त तक यह पौधरोपण अभियान पूरा होना है। जिले की लगभग सभी सड़कों को पौधरोपण के लिए चिह्नित किया गया है। जो फोरलेन इस साल बने हैं, उनके किनारे विशेष रूप से पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा शहरों की चौड़ी सड़कों पर भी पौधरोपण किया जाएगा। तीन साल तक इन पौधों की देखभाल भी संबंधित विभाग द्वारा की जाएगी।
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डीएफओ डा.एम सेम्मारन के मुताबिक पौधरोपण में सभी विभाग सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। आम जनता भी पौधरोपण करे और उनकी देखभाल करे।
विभाग पौधे लगाने का लक्ष्य
वन विभाग 900000
ग्रामीण विकास 471538
राजस्व विभाग 272903
पंचायती राज 170000
आवास विकास 5689
औद्योगिक विकास 7654
नगर विकास 11360
लोनिवि 12357
रेशम विभाग 3654
कृषि विभाग 5680
पशुपालन विभाग 6320
सहकारिता विभाग 2880
उद्योग केंद्र 6480
विद्युत निगम 6320
माध्यमिक शिक्षा 6013
बेसिक शिक्षा 6507
प्राविधिक शिक्षा 5147
उच्चतर शिक्षा 7653
श्रम विभाग 2013
स्वास्थ्य विभाग 8987
परिवहन विभाग 1680
रेलवे 6987
उद्यान विभाग 38333
पुलिस विभाग 5680
नोट:उक्त आंकड़े वन विभाग से लिए गए हैं।
पौधरोपण अभियान में पौधे और जमीन की प्रवृत्ति का खास ख्याल रखा जाता है। जल प्लावित क्षेत्र में अर्जुन, नहर किनारे शीशम, जामुन, रेतीली जमीन में यूकेलिप्टस व शीशम तथा गंगा किनारे खैर व सागौन की विशेष तौर पर बुआई की जाएगी। इनके अलावा भी बबूल, नीम, पीपल, बालमखीरा, बरगद, पिलखन आदि के पौधे भी रोपित किए जाएंगे।
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