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एसडीएम ने ट्रांसपोर्टरों, ट्रक यूनियन प्रतिनिधियों को स्पष्ट की स्थिति
Updated Thu, 31 May 2018 12:52 AM IST
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नजीबाबाद। गैर जनपदों से आकर चोरी-छिपे खनन करने वाले वाहनों का नजीबाबाद में प्रवेश रोका जाएगा। मगर स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को निर्धारित मापदंड में वाहनों के संचालन की गारंटी देनी होगी। प्रशासन द्वारा अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा। एसडीएम डॉ.पंकज वर्मा ने स्थानीय ट्रांसपोर्टरों और खनन वाहन मालिकों को दो टूक स्थिति स्पष्ट कर दी।
प्रशासन द्वारा पांच वाहनों को सीज करने की कार्रवाई से क्षेत्र के ट्रांसपोर्टरों और खनन वाहन मालिकों में हड़कंप मच गया। मनमोहन सिंह, महीपाल चौधरी सहित क्षेत्र के कुछ ट्रांसपोर्टर मंडी समिति में एसडीएम से मिले। ट्रांसपोर्टरों ने एसडीएम को बताया कि उत्तराखंड में खनन पट्टे खुले हैं। उत्तराखंड के कोटद्वार और हरिद्वार क्षेत्र की नदियों से आरबीएम नजीबाबाद तहसील क्षेत्र के स्टोन क्रेशरों पर लाया जा रहा है। खनन प्वाइंट पर ही वाहनों में अंधाधुंध सामग्री भर दी जाती है। ओवरलोड रोकने के लिए प्वाइंटों के लिए निर्देश दिए जाएं।
ट्रांसपोर्टरों ने एसडीएम को बताया कि रोजाना करीब 500 से 600 खनन वाहन आरबीएम के ढुलान में जुटे हैं। गैर जनपदों के कुछ खनन वाहन भी इस कार्य में जुटे है। मगर एसडीएम द्वारा ओवरलोडिंग के सवाल पर ट्रांसपोर्टर चुप्पी साध गए। उन्होंने दबी जबान ओवरलोडिंग की बात स्वीकार की। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन, ओवरलोडिंग, गैर जनपदों से आकर अवैध खनन करनने वाले वाहनों का प्रवेश नजीबाबाद तहसील में रोका जाएगा, मगर इससे पहले क्षेत्र के खनन वाहनों एवं अन्य वाहनों के अंडरलोड संचालन की वाहन स्वामियों, यूनियन प्रतिनिधियों को गारंटी देनी होगी। एसडीएम ने व्यवस्था में सुधार और मामले में विचार-विमर्श के लिए एक जून को स्टोन क्रेशर स्वामियों, ट्रक यूनियन प्रतिनिधियों, ट्रांसपोर्टरों और खनन वाहन स्वामियों की बैठक बुलाई है।
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प्रशासन द्वारा पांच वाहनों को सीज करने की कार्रवाई से क्षेत्र के ट्रांसपोर्टरों और खनन वाहन मालिकों में हड़कंप मच गया। मनमोहन सिंह, महीपाल चौधरी सहित क्षेत्र के कुछ ट्रांसपोर्टर मंडी समिति में एसडीएम से मिले। ट्रांसपोर्टरों ने एसडीएम को बताया कि उत्तराखंड में खनन पट्टे खुले हैं। उत्तराखंड के कोटद्वार और हरिद्वार क्षेत्र की नदियों से आरबीएम नजीबाबाद तहसील क्षेत्र के स्टोन क्रेशरों पर लाया जा रहा है। खनन प्वाइंट पर ही वाहनों में अंधाधुंध सामग्री भर दी जाती है। ओवरलोड रोकने के लिए प्वाइंटों के लिए निर्देश दिए जाएं।
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ट्रांसपोर्टरों ने एसडीएम को बताया कि रोजाना करीब 500 से 600 खनन वाहन आरबीएम के ढुलान में जुटे हैं। गैर जनपदों के कुछ खनन वाहन भी इस कार्य में जुटे है। मगर एसडीएम द्वारा ओवरलोडिंग के सवाल पर ट्रांसपोर्टर चुप्पी साध गए। उन्होंने दबी जबान ओवरलोडिंग की बात स्वीकार की। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन, ओवरलोडिंग, गैर जनपदों से आकर अवैध खनन करनने वाले वाहनों का प्रवेश नजीबाबाद तहसील में रोका जाएगा, मगर इससे पहले क्षेत्र के खनन वाहनों एवं अन्य वाहनों के अंडरलोड संचालन की वाहन स्वामियों, यूनियन प्रतिनिधियों को गारंटी देनी होगी। एसडीएम ने व्यवस्था में सुधार और मामले में विचार-विमर्श के लिए एक जून को स्टोन क्रेशर स्वामियों, ट्रक यूनियन प्रतिनिधियों, ट्रांसपोर्टरों और खनन वाहन स्वामियों की बैठक बुलाई है।
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