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पोषण मिशन पर लग गया ब्रेक
Updated Sat, 04 Nov 2017 12:58 AM IST
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नजीबाबाद (बिजनौर)। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के अनिश्चितकालीन धरने से क्षेत्र के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताले लटक गए हैं। गर्भवती महिलाओं और बच्चे केंद्रों से मिलने वाले पोषण से वंचित हो रहे हैं। प्रशासन ने पोषण की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं जुटाई गई है।
नजीबाबाद विकास खंड की समस्त ग्राम पंचायतों में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए गए थे। बीते एक सप्ताह से सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। जिससे क्षेत्र के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताले लटक गए हैं। शुरूआत में चार-पांच दिन तक आंगनबाड़ी केंद्रों पर अपने नौनिहालों को लेकर पहुंचे ग्रामीण भटककर घरों को लौट गए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हड़ताल पर होने की जानकारी पर अब ग्रामीणों ने बच्चों को केंद्रों पर लाना ही बंद कर दिया था। नांगल की ग्राम प्रधान मीनाक्षी गोयल, हरचंदपुर की प्रधान मुनेश देवी ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के संबंध में उनसे जानकारी मांगी जा रही है, मगर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की स्थिति स्पष्ट न किए जाने से वे केंद्रों के संचालन को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं। यही हालात भागूवाला और मंडावली क्षेत्र के गांवों में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों के भी हैं। यहां भी केंद्रों पर ताले लटके हैं और वीरानी छाई है। प्राथमिक विद्यालयों में स्थापित आंगनबाड़ी केंद्रों को संचालित रखने की किसी भी स्तर से अब तक रुचि नहीं ली गई है। जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। क्षेत्रीय ग्राम प्रधानों के साथ साथ ग्रामीणों अरुण, नवीन, शहजाद, विमल आदि ने केंद्रों को संचालित करने के लिए प्रशासन से उचित कदम उठाने की मांग की।
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नजीबाबाद विकास खंड की समस्त ग्राम पंचायतों में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए गए थे। बीते एक सप्ताह से सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। जिससे क्षेत्र के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताले लटक गए हैं। शुरूआत में चार-पांच दिन तक आंगनबाड़ी केंद्रों पर अपने नौनिहालों को लेकर पहुंचे ग्रामीण भटककर घरों को लौट गए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हड़ताल पर होने की जानकारी पर अब ग्रामीणों ने बच्चों को केंद्रों पर लाना ही बंद कर दिया था। नांगल की ग्राम प्रधान मीनाक्षी गोयल, हरचंदपुर की प्रधान मुनेश देवी ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के संबंध में उनसे जानकारी मांगी जा रही है, मगर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की स्थिति स्पष्ट न किए जाने से वे केंद्रों के संचालन को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं। यही हालात भागूवाला और मंडावली क्षेत्र के गांवों में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों के भी हैं। यहां भी केंद्रों पर ताले लटके हैं और वीरानी छाई है। प्राथमिक विद्यालयों में स्थापित आंगनबाड़ी केंद्रों को संचालित रखने की किसी भी स्तर से अब तक रुचि नहीं ली गई है। जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। क्षेत्रीय ग्राम प्रधानों के साथ साथ ग्रामीणों अरुण, नवीन, शहजाद, विमल आदि ने केंद्रों को संचालित करने के लिए प्रशासन से उचित कदम उठाने की मांग की।
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