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नोडल अधिकारी की छापेमारी की सूचना पर हड़कंप
Updated Tue, 19 Sep 2017 12:08 AM IST
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नहटौर। नोडल अधिकारी के फर्जी अस्पतालों के खिलाफ छापेमारी अभियान की खबर फैलने पर कई चिकित्सकों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में कई अस्पतालों से चिकित्सक गायब हो गए। अफवाह का पता चलने पर स्टाफ ने राहत की सांस ली। कई घंटे के बाद पुन: अस्पतालों को खोला गया।
नहटौर-नूरपुर मार्ग पर एक अस्पताल में महिला की मौत होने पर नोडल अधिकारी ने नगर के अस्पतालों में छापामारी अभियान चलाने की बात कही थी। ग्रामीणों के मुताबिक नगर में दूसरों के रजिस्ट्रेशन और बिना रजिस्ट्रेशन के कई अस्पताल संचालित है। इन अस्पतालों में पथरी और डिलीवरी के ऑपरेशन करने का खेल चल रहा है। मरीजों को भर्ती करने के बाद किराए पर बाहर से चिकित्सकों को बुलाया जाता है। उन चिकित्सकों के साथ मिलकर ऑपरेशन कर दिया जाता है। डिलीवरी के दौरान गंभीर मरीजों की जान भी चली जाती है। एजेंटों के माध्यम से इन में मरीज भर्ती होते है। पांच दिन पूर्व डिलीवरी के दौरान महिला की मौत पर फर्जी अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करने की बात कही थी। इसी के तहत सोमवार को नोडल अधिकारी की टीम द्वारा छापामारी कार्रवाई की खबर फैलने पर चिकित्सकों में हड़कंप मच गया। कई अस्पतालों से चिकित्सक और स्टाफ फरार हो गया। गलत सूचना की जानकारी होने पर चिकित्सकों ने राहत की सांस ली। नोडल अधिकारी प्रमोद देशवाल का कहना है कि नहटौर में छापामारी के लिए टीम बनाई गई थी। किसी कारणवश छापामारी नहीं हुई है। ऐसे अस्पतालों के खिलाफ जल्द ही छापामारी कार्रवाई की जाएगी।
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नहटौर-नूरपुर मार्ग पर एक अस्पताल में महिला की मौत होने पर नोडल अधिकारी ने नगर के अस्पतालों में छापामारी अभियान चलाने की बात कही थी। ग्रामीणों के मुताबिक नगर में दूसरों के रजिस्ट्रेशन और बिना रजिस्ट्रेशन के कई अस्पताल संचालित है। इन अस्पतालों में पथरी और डिलीवरी के ऑपरेशन करने का खेल चल रहा है। मरीजों को भर्ती करने के बाद किराए पर बाहर से चिकित्सकों को बुलाया जाता है। उन चिकित्सकों के साथ मिलकर ऑपरेशन कर दिया जाता है। डिलीवरी के दौरान गंभीर मरीजों की जान भी चली जाती है। एजेंटों के माध्यम से इन में मरीज भर्ती होते है। पांच दिन पूर्व डिलीवरी के दौरान महिला की मौत पर फर्जी अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करने की बात कही थी। इसी के तहत सोमवार को नोडल अधिकारी की टीम द्वारा छापामारी कार्रवाई की खबर फैलने पर चिकित्सकों में हड़कंप मच गया। कई अस्पतालों से चिकित्सक और स्टाफ फरार हो गया। गलत सूचना की जानकारी होने पर चिकित्सकों ने राहत की सांस ली। नोडल अधिकारी प्रमोद देशवाल का कहना है कि नहटौर में छापामारी के लिए टीम बनाई गई थी। किसी कारणवश छापामारी नहीं हुई है। ऐसे अस्पतालों के खिलाफ जल्द ही छापामारी कार्रवाई की जाएगी।
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