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ुष्ठ से विकलांग हुए रोगियों को मिलेगा दिव्यांगों का दर्जा
Updated Wed, 26 Sep 2018 11:20 PM IST
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दिव्यांगों की श्रेणी में होंगे कुष्ठ दिव्यांग
बिजनौर। कुष्ठ रोग से विकलांग हुए रोगियों को दिव्यांगों की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। कुष्ठ रोग दीर्घकालिक रोग है। संक्रमण होने के बाद औसतन पांच वर्ष की अवधि के बाद रोग के लक्षण दिखाई देते हैं। क्योंकि एम. लेप्री धीरे-धीरे बढ़ता है। यह मुख्यत: मानव त्वचा, ऊपरी श्वसन तंत्रिकाओं, आंखों और शरीर के कुछ अन्य क्षेत्रों को प्रभावित करता है। जिले में 263 लोग कुष्ठ रोग से पीड़ित हैं। इन सभी का कुष्ठ रोग अस्पताल में इलाज चल रहा है। अफसरों के मुताबिक कुष्ठ की दो श्रेणियां हैं। आंशिक और संपूर्ण प्रकार शामिल हैं। आंशिक रोगी निर्धारित समय तक उपचार पर रहने के बाद ठीक हो जाता है। जबकि संपूर्ण श्रेणी का रोगी विकलांग भी हो जाते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए शासन ने कुष्ठ से विकलांग हुए रोगियों को दिव्यांगों की श्रेणी में शामिल करने का फैसला किया है। जिला कुष्ठ रोग अधिकारी रोहताश कुमार के मुताबिक अब तक कुष्ठ रोग से विकलांग होने वाले 20 रोगियों का चयन कर लिया गया है। शीघ्र ही इनकी सूची विकलांग कल्याण विभाग को भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि 20 दिव्यांग ऐसे हैं जो कुष्ठ के कारण विकलांग हुए हैं। और रोगियों के चयन के लिए ब्लॉकवार सर्वे कराया जाएगा।
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बिजनौर। कुष्ठ रोग से विकलांग हुए रोगियों को दिव्यांगों की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। कुष्ठ रोग दीर्घकालिक रोग है। संक्रमण होने के बाद औसतन पांच वर्ष की अवधि के बाद रोग के लक्षण दिखाई देते हैं। क्योंकि एम. लेप्री धीरे-धीरे बढ़ता है। यह मुख्यत: मानव त्वचा, ऊपरी श्वसन तंत्रिकाओं, आंखों और शरीर के कुछ अन्य क्षेत्रों को प्रभावित करता है। जिले में 263 लोग कुष्ठ रोग से पीड़ित हैं। इन सभी का कुष्ठ रोग अस्पताल में इलाज चल रहा है। अफसरों के मुताबिक कुष्ठ की दो श्रेणियां हैं। आंशिक और संपूर्ण प्रकार शामिल हैं। आंशिक रोगी निर्धारित समय तक उपचार पर रहने के बाद ठीक हो जाता है। जबकि संपूर्ण श्रेणी का रोगी विकलांग भी हो जाते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए शासन ने कुष्ठ से विकलांग हुए रोगियों को दिव्यांगों की श्रेणी में शामिल करने का फैसला किया है। जिला कुष्ठ रोग अधिकारी रोहताश कुमार के मुताबिक अब तक कुष्ठ रोग से विकलांग होने वाले 20 रोगियों का चयन कर लिया गया है। शीघ्र ही इनकी सूची विकलांग कल्याण विभाग को भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि 20 दिव्यांग ऐसे हैं जो कुष्ठ के कारण विकलांग हुए हैं। और रोगियों के चयन के लिए ब्लॉकवार सर्वे कराया जाएगा।