फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   मंडलायुक्त कार्यालय में दबी मिली रजाई घोटाले की फाइल

मंडलायुक्त कार्यालय में दबी मिली रजाई घोटाले की फाइल

Sat, 11 Aug 2018 11:49 PM IST
Updated Sat, 11 Aug 2018 11:49 PM IST
विज्ञापन
मंडलायुक्त कार्यालय में दबी मिली रजाई घोटाले की फाइल
बिजनौर। नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना के नगर पंचायत झालू में हुए रजाई वितरण घोटाले की जांच के आदेश को अफसरों ने फाइलों में दफना दिया। दोबारा शिकायत पर नगर विकास मंत्री ने फाइल की तलाश कराई तो वह मंडलायुक्त कार्यालय में दबी मिली। अब डीएम के आदेश पर इस मामले की जांच एसडीएम को सौंपी गई है।
विज्ञापन

नगर पंचायत झालू में 21 जनवरी 2018 को गरीबों को तीन हजार रजाई बांटी गई थी। झालू निवासी संजीव कुमार राणा ने तीन जुलाई को रजाई वितरण घोटाले की शिकायत नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना और मुख्य सचिव मनोज कुमार से की थी। आरोप लगाया था कि सूचना के अधिकार में रजाई वितरण की नगर पंचायत की सूची मांगी गई तो उसमें भारी घोटाला सामने आया है। तीन हजार लोगों की फर्जी सूची तैयार करके रजाई बांटी गई। रजाई जिन्हें बांटी गई, उनमें 13 मृतक, नौ नौकरी पेशा और 83 लोग ऐसे लोग शामिल है जिनके पिता व पति का नाम ही नहीं है। 884 ऐसे व्यक्ति है जिन्हें दो-दो बार रजाई बांट दी गई। इन लोगों को अलग-अलग वार्डों का बाशिंदा दिखाया गया। 584 ऐसे लोगों को रजाई दी गई जो मालदार एवं जमींदार है। ऐसे लोग भी तमाम थे जिन्हें सूची मेें नाम होने के बाद भी रजाई नहीं दी गई। यह सारा खेल नगर पंचायत अध्यक्ष झालू शहजाद अहमद और अधिशासी अधिकारी इंद्रपाल सिंह की मिलीभगत से हुआ। आरोप लगाया कि दोनों से मिलकर यह घोटाला किया है। मंत्री ने मंडलायुक्त मुरादाबाद को इस मामले में 15 दिन के भीतर जांच कराकर रिपोर्ट देने को कहा। मगर, मंडलायुक्त स्तर पर ये जांच ही शुरू नहीं हुई। मंत्री के जांच आदेश को फाइल में दबा दिया गया।
विज्ञापन

12 जुलाई को मुख्यमंत्री के पोर्टल पर भी शिकायत की गई। जांच शुरू नहीं होने पर शिकायतकर्ता संजीव राणा सात अगस्त का फिर से मंत्री सुरेश खन्ना से मिले। मंत्री ने फाइल ढूंढवाई तो मंडलायुक्त के कार्यालय में दबी मिली। उन्होंने फिर से जांच कराने के आदेश दिए। एक सप्ताह पूर्व संजीव राणा डीएम अटल कुमार राय से मिले। डीएम ने एडीएम प्रशासन को जांच सौंपी। एडीएम ने एडीएम बृजेश सिंह को जांच सौंप दी। एसडीएम के मुताबिक जांच शुरू करा दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed