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सुमन हत्याकांड में पति को आजीवन कारावास की सजा
Updated Wed, 27 Sep 2017 12:23 AM IST
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सुमन हत्याकांड में पति को उम्रकैद
बिजनौर। एडीजे मुमताज अली ने सुमन हत्याकांड में मृतका के पति को आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है। 28 साल पूर्व विवाहिता की दहेज के लिए जलाकर हत्या कर दी गई थी।
शासकीय अधिवक्ता सलीम अख्तर के अनुसार नूरपुर निवासी मक्खन सिंह की पुत्री सुमन की शादी वर्ष 1986 में नूरपुर के ही मोहल्ला मोहम्मदनगर निवासी गुरुवचन सिंह उर्फ चटनी के साथ हुई थी। शादी में मिले दहेज से पति गुरुवचन और ससुराल वाले खुश नहीं थे। दो तोले सोना एवं टीवी की मांग करते थे। 13 अगस्त 1989 को मक्खन सिंह को पता चला कि उसकी पुत्री सुमन को उसके पति व सास ने जला दिया है। सूचना पर वह वहां पहुंचा तथा उसे इलाज के लिए सरकारी अस्पताल नूरपुर ले गया। वहां से बिजनौर अस्पताल लाते हुए रास्ते में सुमन की मृत्यु हो गई थी।
इस मामले में एडीजे वीरेंद्र सिंह ने पति गुरुवचन उर्फ चटनी को हत्या के आरोप में सजा सुनाई थी। लेकिन 302 में आरोप नहीं बनाए जाने के कारण यह मामला हाई कोर्ट द्वारा पुन: विचारण के लिए सत्र न्यायालय को रिमांड किया गया था। इस मामले में धारा 302 आईपीसी के तहत चार्ज लगाए जाने के बाद इस मामले की पुन: सुनवाई हुई। एडीजे मुमताज अली ने गुरुवचन उर्फ चटनी को अपनी पत्नी सुमन की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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नरेंद्र हत्याकांड में नितिन को आजीवान कारावास
बिजनौर। शासकीय अधिवक्ता भस्सुराम के अनुसार थाना कोतवाली शहर के मोहल्ला विदुर नगर निवासी ओमप्रकाश ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भाई नरेंद्र 18 जुलाई 2007 की शाम सात बजे घर से दूध लेने को कह कर गया था। वह घर नहीं लौटा तो उसकी तलाश की गई पर उसका कोई पता नहीं चला। 20 जुलाई 2007 को नरेंद्र की लाश डॉ. गौड़ की कोठी के पास नाले में पड़ी मिली थी। नरेंद्र को आखिरी बार नितिन के साथ देखा गया था। नितिन के नरेंद्र पर रुपये उधार थे। जिसे लेकर इन दोनों में अनबन थी। इस मामले में नितिन एवं बकली निवासी सूरज और नई बस्ती निवासी रिंकू, ज्ञानेंद्र पाल के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा चला। अदालत ने सिर्फ नितिन को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सूरज, रिंकू और ज्ञानेंद्र पाल के खिलाफ सबूत न मिलने पर बरी कर दिया है।
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बिजनौर। एडीजे मुमताज अली ने सुमन हत्याकांड में मृतका के पति को आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है। 28 साल पूर्व विवाहिता की दहेज के लिए जलाकर हत्या कर दी गई थी।
शासकीय अधिवक्ता सलीम अख्तर के अनुसार नूरपुर निवासी मक्खन सिंह की पुत्री सुमन की शादी वर्ष 1986 में नूरपुर के ही मोहल्ला मोहम्मदनगर निवासी गुरुवचन सिंह उर्फ चटनी के साथ हुई थी। शादी में मिले दहेज से पति गुरुवचन और ससुराल वाले खुश नहीं थे। दो तोले सोना एवं टीवी की मांग करते थे। 13 अगस्त 1989 को मक्खन सिंह को पता चला कि उसकी पुत्री सुमन को उसके पति व सास ने जला दिया है। सूचना पर वह वहां पहुंचा तथा उसे इलाज के लिए सरकारी अस्पताल नूरपुर ले गया। वहां से बिजनौर अस्पताल लाते हुए रास्ते में सुमन की मृत्यु हो गई थी।
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इस मामले में एडीजे वीरेंद्र सिंह ने पति गुरुवचन उर्फ चटनी को हत्या के आरोप में सजा सुनाई थी। लेकिन 302 में आरोप नहीं बनाए जाने के कारण यह मामला हाई कोर्ट द्वारा पुन: विचारण के लिए सत्र न्यायालय को रिमांड किया गया था। इस मामले में धारा 302 आईपीसी के तहत चार्ज लगाए जाने के बाद इस मामले की पुन: सुनवाई हुई। एडीजे मुमताज अली ने गुरुवचन उर्फ चटनी को अपनी पत्नी सुमन की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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नरेंद्र हत्याकांड में नितिन को आजीवान कारावास
बिजनौर। शासकीय अधिवक्ता भस्सुराम के अनुसार थाना कोतवाली शहर के मोहल्ला विदुर नगर निवासी ओमप्रकाश ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भाई नरेंद्र 18 जुलाई 2007 की शाम सात बजे घर से दूध लेने को कह कर गया था। वह घर नहीं लौटा तो उसकी तलाश की गई पर उसका कोई पता नहीं चला। 20 जुलाई 2007 को नरेंद्र की लाश डॉ. गौड़ की कोठी के पास नाले में पड़ी मिली थी। नरेंद्र को आखिरी बार नितिन के साथ देखा गया था। नितिन के नरेंद्र पर रुपये उधार थे। जिसे लेकर इन दोनों में अनबन थी। इस मामले में नितिन एवं बकली निवासी सूरज और नई बस्ती निवासी रिंकू, ज्ञानेंद्र पाल के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा चला। अदालत ने सिर्फ नितिन को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सूरज, रिंकू और ज्ञानेंद्र पाल के खिलाफ सबूत न मिलने पर बरी कर दिया है।