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धामपुर चीनी मिल ने शीरे से एथनॉल बनाकर बढ़ाई आमदनी
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मिल ने शीरे से एथनॉल बना बढ़ाई आमदनी
बिजनौर। चीनी के दाम गिरने से घाटे में चल रहीं चीनी मिल अब दूसरे उत्पादों को बनाकर आमदनी बढ़ा रही हैं। धामपुर चीनी मिल ने शीरे से एथनॉल बनाना शुरू कर दिया है। केंद्र और राज्य सरकार गन्ने के अधिक उत्पादन पर औंधे मुंह गिरने वाले चीनी बाजार को बचाने के लिए एथनॉल बनाने पर जोर दे रही हैं। जिले में सबसे पहले धामपुर चीनी मिल ने एथनॉल बनाना शुरू किया है। एथनॉल 43 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। एथनॉल को पेट्रोल में मिलाकर बेचा जा सकता है।
बाजार में चीनी के दाम मांग और पूर्ति के सिद्धांत पर निर्भर करते हैं। पिछले साल गन्ने की बंपर पैदावार और चीनी रिकवरी बढ़ने से चीनी का भी बंपर उत्पादन हुआ था। इससे चीनी मिलों की हालत पतली हो गई थी। चीनी के दामों में भी भारी गिरावट आई थी। केवल चार ही महीने में चीनी के दाम चार हजार रुपये प्रति क्विंटल से गिरकर 2500 रुपये प्रति क्विंटल तक ही रह गए थे। शीरे के दाम भी 350 रुपये प्रति क्विंटल से घटकर एक रुपया प्रति क्विंटल रह गए हैं। चीनी के दाम कम होने से पूरा चीनी कारोबार ही ठप हो गया था। चीनी मिल अब तक इस झटके से उबर नहीं पाई हैं। यहां तक कि कई चीनी मिलों ने तो अब तक पिछले साल का बकाया भुगतान नहीं किया है।
गन्ना केवल चीनी बनाने के काम ही आ रहा है। केंद्र व प्रदेश सरकार की मंशा है कि गन्ने का उपयोग अन्य उद्योगों में भी किया जाए। प्रदेश सरकार ने चीनी की मांग के अनुरूप ही चीनी बनाने तथा शेष गन्ने से एथनॉल बनाने की बात कही थी। इस पर अमल जल्दी शुरू किया जाएगा। हालांकि धामपुर चीनी मिल ने शीरे से एथनॉल बनाना शुरू कर दिया है। एथनॉल 43 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है।
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एथनॉल एक तरह का ईंधन ही होता है। इसे पेट्रोल में मिलाया जा सकता है। पेट्रोल व एथनॉल की मिलावट से किसी तरह की हानि नहीं होती है। फिलहाल पेट्रोल में दस प्रतिशत तक एथनॉल मिलाने पर जोर दिया जा रहा है। एक क्विंटल गन्ने में साढ़े चार लीटर तक शीरा बनता है। एक क्विंटल शीरा करीब 22 क्विंटल गन्ने से बनता है। वर्तमान में एक क्विंटल शीरे का दाम एक रुपया है। एक क्विंटल शीरे से 22 लीटर तक एथनॉल बनाया जा रहा है। एक लीटर एथनॉल 43 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। यानि 100 रुपये के शीरे से चीनी मिल 900 रुपये से अधिक का एथनॉल बना रही है। इससे चीनी मिलों की आमदनी बढ़ेगी।
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बिजनौर। चीनी के दाम गिरने से घाटे में चल रहीं चीनी मिल अब दूसरे उत्पादों को बनाकर आमदनी बढ़ा रही हैं। धामपुर चीनी मिल ने शीरे से एथनॉल बनाना शुरू कर दिया है। केंद्र और राज्य सरकार गन्ने के अधिक उत्पादन पर औंधे मुंह गिरने वाले चीनी बाजार को बचाने के लिए एथनॉल बनाने पर जोर दे रही हैं। जिले में सबसे पहले धामपुर चीनी मिल ने एथनॉल बनाना शुरू किया है। एथनॉल 43 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। एथनॉल को पेट्रोल में मिलाकर बेचा जा सकता है।
बाजार में चीनी के दाम मांग और पूर्ति के सिद्धांत पर निर्भर करते हैं। पिछले साल गन्ने की बंपर पैदावार और चीनी रिकवरी बढ़ने से चीनी का भी बंपर उत्पादन हुआ था। इससे चीनी मिलों की हालत पतली हो गई थी। चीनी के दामों में भी भारी गिरावट आई थी। केवल चार ही महीने में चीनी के दाम चार हजार रुपये प्रति क्विंटल से गिरकर 2500 रुपये प्रति क्विंटल तक ही रह गए थे। शीरे के दाम भी 350 रुपये प्रति क्विंटल से घटकर एक रुपया प्रति क्विंटल रह गए हैं। चीनी के दाम कम होने से पूरा चीनी कारोबार ही ठप हो गया था। चीनी मिल अब तक इस झटके से उबर नहीं पाई हैं। यहां तक कि कई चीनी मिलों ने तो अब तक पिछले साल का बकाया भुगतान नहीं किया है।
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गन्ना केवल चीनी बनाने के काम ही आ रहा है। केंद्र व प्रदेश सरकार की मंशा है कि गन्ने का उपयोग अन्य उद्योगों में भी किया जाए। प्रदेश सरकार ने चीनी की मांग के अनुरूप ही चीनी बनाने तथा शेष गन्ने से एथनॉल बनाने की बात कही थी। इस पर अमल जल्दी शुरू किया जाएगा। हालांकि धामपुर चीनी मिल ने शीरे से एथनॉल बनाना शुरू कर दिया है। एथनॉल 43 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है।
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एथनॉल एक तरह का ईंधन ही होता है। इसे पेट्रोल में मिलाया जा सकता है। पेट्रोल व एथनॉल की मिलावट से किसी तरह की हानि नहीं होती है। फिलहाल पेट्रोल में दस प्रतिशत तक एथनॉल मिलाने पर जोर दिया जा रहा है। एक क्विंटल गन्ने में साढ़े चार लीटर तक शीरा बनता है। एक क्विंटल शीरा करीब 22 क्विंटल गन्ने से बनता है। वर्तमान में एक क्विंटल शीरे का दाम एक रुपया है। एक क्विंटल शीरे से 22 लीटर तक एथनॉल बनाया जा रहा है। एक लीटर एथनॉल 43 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। यानि 100 रुपये के शीरे से चीनी मिल 900 रुपये से अधिक का एथनॉल बना रही है। इससे चीनी मिलों की आमदनी बढ़ेगी।