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फूड प्वाइजनिंग के शिकार बच्चों की हालत बिगड़ी, रेफर
Updated Sat, 08 Sep 2018 12:33 AM IST
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अमरोहा। रजबपुर थाना क्षेत्र के गांव दौलतपुर नहरी में दूध से बनी सेवईं खाकर फूड प्वाइजनिंग के शिकार अस्पताल में भर्ती बच्चों हालत बिगड़ गई है। डॉक्टरों ने बच्चों को रेफर कर दिया है। परिजनों ने शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। वहीं, गुरुवार को फूड प्वाइजनिंग से छात्रा की मौत हो गई थी। देर रात गांव पहुंचे एसडीएम ने आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। एसडीएम के कहने पर परिजन पोस्टमार्टम कराने को राजी हो गए। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बुधवार की रात रजबपुर थाना क्षेत्र के गांव दौलतपुर नहरी निवासी किसान गिरधारी सिंह के परिवार के सभी सदस्य दूध से बनी सेवईं खाकर सो गए थे। करीब दस बजे अचानक गिरधारी सिंह और उनकी बेटी प्रियंका, छुटकी, बेटा रवि और भाई सुमित को उल्टी और दस्त होने लगे। तीनों बच्चे बेहोश होकर गिर पड़े थे। चीख पुकार सुनकर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। आनन-फानन में बीमारों को गांव के ही निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया। जहां उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। गुरुवार की सुबह परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। जहां डॉक्टरों ने 11 वर्षीय प्रियंका को मृत घोषित कर दिया था। गंभीर हालत में गिरधारी और चाचा सुमित को रेफर कर दिया गया था। जबकि बेटा रवि और बेटी छुटकी को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था, लेकिन देर रात उनकी हालत बिगड़ गई। डाक्टरों के रेफर करने पर दोनों को परिजनों निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। जबकि गिरधारी और सुमित की हालात भी गंभीर बनी हुई है।
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बुधवार की रात रजबपुर थाना क्षेत्र के गांव दौलतपुर नहरी निवासी किसान गिरधारी सिंह के परिवार के सभी सदस्य दूध से बनी सेवईं खाकर सो गए थे। करीब दस बजे अचानक गिरधारी सिंह और उनकी बेटी प्रियंका, छुटकी, बेटा रवि और भाई सुमित को उल्टी और दस्त होने लगे। तीनों बच्चे बेहोश होकर गिर पड़े थे। चीख पुकार सुनकर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। आनन-फानन में बीमारों को गांव के ही निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया। जहां उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। गुरुवार की सुबह परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। जहां डॉक्टरों ने 11 वर्षीय प्रियंका को मृत घोषित कर दिया था। गंभीर हालत में गिरधारी और चाचा सुमित को रेफर कर दिया गया था। जबकि बेटा रवि और बेटी छुटकी को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था, लेकिन देर रात उनकी हालत बिगड़ गई। डाक्टरों के रेफर करने पर दोनों को परिजनों निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। जबकि गिरधारी और सुमित की हालात भी गंभीर बनी हुई है।
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