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झोपड़ी में आग लगने से पुजारी की जलकर मौत
Updated Sun, 12 Aug 2018 12:05 AM IST
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झोपड़ी में आग लगी, पुजारी की जलकर मौत
नूरपुर/शिवाला कलां (बिजनौर)। गांव फीना में एक धार्मिक स्थल पर बनी झोपड़ी में आग लगने से उसमें सो रहे पुजारी की जलकर मौत हो गई। ग्रामीणों ने बिना कोई कानूनी कार्रवाई किए पुजारी के शव को वहीं दफन कर उनकी अंत्येष्टि कर दी।
गांव फीना में अजयपाल देवता (बड़े देवता) के नाम से एक धार्मिक स्थल है। गांववासी वहां जाकर पूजा-अर्चना करते हैं। पिछले करीब दो वर्ष से एक पुजारी वहां आकर रहने लगे। गांववासी उन्हें झारखंडी बाबा के नाम से पुकारते थे। पुजारी रात को धार्मिक स्थल पर बनी पूस की झोपड़ी में रहते थे। शुक्रवार रात उनकी झोपड़ी में आग लग गई। आग में झोपड़ी पूरी तरह से जलकर राख हो गई। उसमें सो रहे 90 वर्षीय पुजारी की जलकर मौत हो गई। सुबह जब गांववासी वहां पूजा करने पहुंचे तब आग लगने का पता लगा। बारिश होने के कारण तब तक आग बुझ चुकी थी तथा पुजारी का बुरी तरह से जला शव वहां पड़ा था। मौके पर पहुंचे प्रधान के पति मनोज राजपूत ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने पहुंचकर ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। ग्रामीणों द्वारा कोई कानूनी कार्रवाई न करने का आग्रह करने पर पुलिस ने शव उन्हें सौंप दिया। गांववासियों ने सर्व सम्मति से निर्णय कर शव को पुजारी के रहने के स्थान पर दफन कर उनकी अंतिम क्रिया पूरी की। वहां अब पुजारी की समाधि बनाई जाएगी। थानाध्यक्ष अमन सिंह ने बताया कि झोपड़ी के ऊपर से बिजली का एक केबिल गुजर रहा था। संभवतया आग उसी केबिल के शार्ट होने से लगी है। वह कोटद्वार के पास स्यावली गांव के रहने वाले थे और जूना अखाड़े से जुड़े हुए थे। उनका वास्तविक नाम सुल्तान गिरी था।
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नूरपुर/शिवाला कलां (बिजनौर)। गांव फीना में एक धार्मिक स्थल पर बनी झोपड़ी में आग लगने से उसमें सो रहे पुजारी की जलकर मौत हो गई। ग्रामीणों ने बिना कोई कानूनी कार्रवाई किए पुजारी के शव को वहीं दफन कर उनकी अंत्येष्टि कर दी।
गांव फीना में अजयपाल देवता (बड़े देवता) के नाम से एक धार्मिक स्थल है। गांववासी वहां जाकर पूजा-अर्चना करते हैं। पिछले करीब दो वर्ष से एक पुजारी वहां आकर रहने लगे। गांववासी उन्हें झारखंडी बाबा के नाम से पुकारते थे। पुजारी रात को धार्मिक स्थल पर बनी पूस की झोपड़ी में रहते थे। शुक्रवार रात उनकी झोपड़ी में आग लग गई। आग में झोपड़ी पूरी तरह से जलकर राख हो गई। उसमें सो रहे 90 वर्षीय पुजारी की जलकर मौत हो गई। सुबह जब गांववासी वहां पूजा करने पहुंचे तब आग लगने का पता लगा। बारिश होने के कारण तब तक आग बुझ चुकी थी तथा पुजारी का बुरी तरह से जला शव वहां पड़ा था। मौके पर पहुंचे प्रधान के पति मनोज राजपूत ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने पहुंचकर ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। ग्रामीणों द्वारा कोई कानूनी कार्रवाई न करने का आग्रह करने पर पुलिस ने शव उन्हें सौंप दिया। गांववासियों ने सर्व सम्मति से निर्णय कर शव को पुजारी के रहने के स्थान पर दफन कर उनकी अंतिम क्रिया पूरी की। वहां अब पुजारी की समाधि बनाई जाएगी। थानाध्यक्ष अमन सिंह ने बताया कि झोपड़ी के ऊपर से बिजली का एक केबिल गुजर रहा था। संभवतया आग उसी केबिल के शार्ट होने से लगी है। वह कोटद्वार के पास स्यावली गांव के रहने वाले थे और जूना अखाड़े से जुड़े हुए थे। उनका वास्तविक नाम सुल्तान गिरी था।
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