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जलीलपुर क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात
Updated Sun, 29 Jul 2018 01:00 AM IST
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जलीलपुर क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात
जलीलपुर। गंगा खादर क्षेत्र के कई गांवों की हजारों बीघा खेती की जमीन में गंगा का पानी भर गया है। सबसे ज्यादा परेशानी का सामना पशुपालकों करना पड़ रहा है। गहरे पानी में डूबे खेतों से पशुओं के लिए चारा लाना मुसीबत बन रहा है।
जलीलपुर क्षेत्र में गंगा खादर के गांवों मे बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। पहाड़ों व मैदानी क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश के चलते गंगा और सहायक नदियों में उफान है। गंगा नदी का पानी अपनी मुख्य धारा से करीब पांच किलो मीटर दूर बहने वाली छोईया नदी को पार कर सड़क तक पहुंच गया है। गांव सलेमपुर खादर, रायपुर, नारनौर, दत्तियाना, सुजातपुर खादर, कुम्हरिया आदि का हजारों बीघा जंगल जलमग्न हो गया है। सैकड़ों किसानों की धान, गन्ना और चारे आदि की फसल गंगा के पानी में डूब गई है।
धीरे-धीरे नदियों का पानी गांवों की ओर बढ़ रहा है। चादंपुर दत्तियाना मार्ग पर गांव जमालुदीनपुर के मंदिर के निकट गंगा का पानी सड़क पर चल रहा है। गांवों की ओर बढ़ते पानी को देख ग्रामीण जाग कर रात गुजार रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी का सामना पशुपालक किसानों को करना पड़ रहा है। पशुओं के लिए पानी मे डूबे खेतों से चारा काटकर लाना पड़ रहा है। किसानों कुलदीप सिंह, दुष्यंत सिंह, जोगेंद्र सिंह, संजीव कुमार आदि ने बताया अभी जल स्तर बढ़ने की तरफ है धीरे धीरे पानी गांव की तरफ आ रहा है।
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बाढ़ का पानी देख बंदर भयभीत
जलीलपुर। गंगा नदी के उफान से खादर क्षेत्र मे बने बाढ़ के हालात से जंगली जानवर भी सुरक्षित ठिकाना तलाश रहे है। गांव नारनौर से दत्तियाना तक सड़क के दोनों ओर के पेड़ पर भारी संख्या में बंदर रहते हैं। गंगा का पानी सड़क पहुंचते ही बंदर सुरक्षित ठिकानों को पलायन कर गए हैं। जो बंदर वहां रुके हैं, वे भी इंसानों की तरह पुलिया पर बैठ कर बढ़ते जल स्तर को देख भयभीत नजर आ रहे हैं।
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जलीलपुर। गंगा खादर क्षेत्र के कई गांवों की हजारों बीघा खेती की जमीन में गंगा का पानी भर गया है। सबसे ज्यादा परेशानी का सामना पशुपालकों करना पड़ रहा है। गहरे पानी में डूबे खेतों से पशुओं के लिए चारा लाना मुसीबत बन रहा है।
जलीलपुर क्षेत्र में गंगा खादर के गांवों मे बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। पहाड़ों व मैदानी क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश के चलते गंगा और सहायक नदियों में उफान है। गंगा नदी का पानी अपनी मुख्य धारा से करीब पांच किलो मीटर दूर बहने वाली छोईया नदी को पार कर सड़क तक पहुंच गया है। गांव सलेमपुर खादर, रायपुर, नारनौर, दत्तियाना, सुजातपुर खादर, कुम्हरिया आदि का हजारों बीघा जंगल जलमग्न हो गया है। सैकड़ों किसानों की धान, गन्ना और चारे आदि की फसल गंगा के पानी में डूब गई है।
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धीरे-धीरे नदियों का पानी गांवों की ओर बढ़ रहा है। चादंपुर दत्तियाना मार्ग पर गांव जमालुदीनपुर के मंदिर के निकट गंगा का पानी सड़क पर चल रहा है। गांवों की ओर बढ़ते पानी को देख ग्रामीण जाग कर रात गुजार रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी का सामना पशुपालक किसानों को करना पड़ रहा है। पशुओं के लिए पानी मे डूबे खेतों से चारा काटकर लाना पड़ रहा है। किसानों कुलदीप सिंह, दुष्यंत सिंह, जोगेंद्र सिंह, संजीव कुमार आदि ने बताया अभी जल स्तर बढ़ने की तरफ है धीरे धीरे पानी गांव की तरफ आ रहा है।
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बाढ़ का पानी देख बंदर भयभीत
जलीलपुर। गंगा नदी के उफान से खादर क्षेत्र मे बने बाढ़ के हालात से जंगली जानवर भी सुरक्षित ठिकाना तलाश रहे है। गांव नारनौर से दत्तियाना तक सड़क के दोनों ओर के पेड़ पर भारी संख्या में बंदर रहते हैं। गंगा का पानी सड़क पहुंचते ही बंदर सुरक्षित ठिकानों को पलायन कर गए हैं। जो बंदर वहां रुके हैं, वे भी इंसानों की तरह पुलिया पर बैठ कर बढ़ते जल स्तर को देख भयभीत नजर आ रहे हैं।