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सरकार अलर्ट, पर शिक्षा विभाग ने नहीं की पहल शुरू

Wed, 20 Jun 2018 12:52 AM IST
Updated Wed, 20 Jun 2018 12:52 AM IST
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सरकार अलर्ट, पर शिक्षा विभाग ने नहीं की पहल शुरू
जर्जर भवन में ही होगी नए सत्र की शुरूआत
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धामपुर। एक जुलाई 2018 से नवीन शैक्षिक सत्र शुरू होने जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सत्र के पहले सप्ताह में ही छात्र-छात्राओं को निशुल्क पुस्तकों और जूतों मोजों का वितरण करने के आदेश दिए हैं। लेकिन शिक्षा विभाग शासन के आदेशों पर अमल नहीं कर रहा है। नगर क्षेत्र के सभी 12 विद्यालयों में से अधिकांश प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूलों के भवनों की स्थिति बेहद जर्जर है। स्कूलों के भवनों पर छतें भी नहीं हैं। बार-बार रिपोर्ट भेजने के बाद भी अधिकारी कोई संज्ञान नहीं ले रहे हैं।
नगर में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से 10 प्राथमिक और दो जूनियर हाईस्कूल संचालित हैं। लेकिन इन सभी स्कूलों में सात विद्यालयों के भवनों की स्थिति ऐसी है, कि उनके नीचे सर्दी, गर्मी और बरसात के दिनों में सिर बचाने तक की कोई गुंजाइश नहीं है। नगर क्षेत्र में जहां खंड शिक्षा अधिकारी का कार्यालय है, इस परिसर में एक साथ चार प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इस भवन में कई कमरे, बरामदे ऐसे हैं, जिनके ऊपर अपनी छत नहीं है। बीआरसी पर मौजूद कर्मचारियों का कहना है कि अधिकारियों की ओर से सूचनाएं तो हर माह मेल पर मांगी जाती हैं, लेकिन सूचनाओं के भेजने से अभी तक कोई सुधार होता नजर नहीं आया है।
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एक ऐसा विद्यालय, जिसका अपना भवन ही नहीं
नगर क्षेत्र का गांधी प्राथमिक विद्यालय बड़ा पंचायती शिव मंदिर में चलता आ रहा है। इस विद्यालय का बेसिक शिक्षा विभाग भवन नहीं बना सका है। अधिकारियों का कहना है कि विद्यालय शिव मंदिर परिसर में चल रहा है, तो नए विद्यालय भवन की क्या आवश्यकता है। नगर क्षेत्र के तीन प्राथमिक विद्यालय ऐसे हैं जिनका संचालन किराए के दो भवनों में होता आ रहा है। इन भवनों की स्थिति भी उचित रखरखाव न होने से जर्जर बनी हुई है। नगर के दिलावर सिंह, मयंक कुमार, करन सिंह, भूरा सिंह, महेंद्र सिंह, गजेंद्र सिंह का कहना है कि विभाग के अफसर बेसिक शिक्षा मानकों के अनुरूप दायित्वों का निर्वहन नहीं कर रहे है। इन विद्यालयों में पंजीकृत बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था भी नहीं है। पेय जल का इन स्कूलों में संकट बरकरार है।
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सुधार का होगा प्रयास : एसडीएम
एसडीएम आजाद भगत सिंह का कहना है कि बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर विद्यालयों की मरम्मत करा दशा को सुधारने का प्रयास किया जाएगा। सरकार की मंशा के अनुरूप सुधार कराया जाएगा।
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