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बाल कल्याण समिति की मदद से देव को मिली मां
Updated Fri, 25 May 2018 12:36 AM IST
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नजीबाबाद।
मुस्सेपुर विकलांग आश्रम में लावारिस के रूप में डेढ़ माह से रह रहा बालक बाल कल्याण समिति ने उसकी मां तक पहुंचा दिया।
नगीना पुलिस को सात वर्षीय बालक लावारिस घूमते मिला था। बालक ने अपना नाम देव गुप्ता तो बताया गया लेकिन अपने बारे में पूरी जानकारी न देने पर उसे नगीना पुलिस ने 14 अप्रैल 2018 को आर्य सुगंध संस्थान के गांव मुस्सेपुर स्थित विकलांग आश्रम की संचालिका कमलेश आर्य के सुपुर्द कर दिया था।
मुस्सेपुर में पहुंचे लावारिस बालक के पिता रोहित और उनका भाई एक हत्या मामले में मार्च 2018 से जेल में है। तब से बालक लावारिस भटक रहा था। रोहित की पत्नी ने काफी समय पूर्व रोहित को छोड़कर किसी अन्य स्थान पर विवाह कर यिा था। जेल से रोहित और उसके भाई ने रोहित की मां को लावारिस घूम रहे सात वर्षीय देव गुप्ता को अपने पास रखने की सलाह दी।
देव गुप्ता की वास्तविक मां पूजा को जब जानकारी मिली तो उसके भीतर बालक के प्रति ममता जागी। उसने अपने पति की सहमति पर डेढ़ माह से लावारिस भटक रहे देव की तलाश की। बाल कल्याण समिति बिजनौर से ज्योति ने संपर्क किया। समिति के न्यायिक सदस्य उदय राज सिंह और डॉ. सविता वर्मा ने बालक की खोजबीन की तो वह नजीबाबाद के मुस्सेपुर विकलांग आश्रम में रहता हुआ मिला। बाल कल्याण समिति ने देव की मां अमरोह निवासी पूजा को सूचना दी। बुधवार को देव की मां ने बाल कल्याण समिति के उदय राज सिंह, डॉ. सविता वर्मा के साथ मुस्सेपुर आश्रम की संचालिका से अपना पुत्र ले लिया। सात वर्षीय देव गुप्ता अपनी मां को पाकर खुश हो गया।
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मुस्सेपुर विकलांग आश्रम में लावारिस के रूप में डेढ़ माह से रह रहा बालक बाल कल्याण समिति ने उसकी मां तक पहुंचा दिया।
नगीना पुलिस को सात वर्षीय बालक लावारिस घूमते मिला था। बालक ने अपना नाम देव गुप्ता तो बताया गया लेकिन अपने बारे में पूरी जानकारी न देने पर उसे नगीना पुलिस ने 14 अप्रैल 2018 को आर्य सुगंध संस्थान के गांव मुस्सेपुर स्थित विकलांग आश्रम की संचालिका कमलेश आर्य के सुपुर्द कर दिया था।
मुस्सेपुर में पहुंचे लावारिस बालक के पिता रोहित और उनका भाई एक हत्या मामले में मार्च 2018 से जेल में है। तब से बालक लावारिस भटक रहा था। रोहित की पत्नी ने काफी समय पूर्व रोहित को छोड़कर किसी अन्य स्थान पर विवाह कर यिा था। जेल से रोहित और उसके भाई ने रोहित की मां को लावारिस घूम रहे सात वर्षीय देव गुप्ता को अपने पास रखने की सलाह दी।
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देव गुप्ता की वास्तविक मां पूजा को जब जानकारी मिली तो उसके भीतर बालक के प्रति ममता जागी। उसने अपने पति की सहमति पर डेढ़ माह से लावारिस भटक रहे देव की तलाश की। बाल कल्याण समिति बिजनौर से ज्योति ने संपर्क किया। समिति के न्यायिक सदस्य उदय राज सिंह और डॉ. सविता वर्मा ने बालक की खोजबीन की तो वह नजीबाबाद के मुस्सेपुर विकलांग आश्रम में रहता हुआ मिला। बाल कल्याण समिति ने देव की मां अमरोह निवासी पूजा को सूचना दी। बुधवार को देव की मां ने बाल कल्याण समिति के उदय राज सिंह, डॉ. सविता वर्मा के साथ मुस्सेपुर आश्रम की संचालिका से अपना पुत्र ले लिया। सात वर्षीय देव गुप्ता अपनी मां को पाकर खुश हो गया।
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