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परची के समय से न मिलने पर किसान अपने मोबाइल पर आए मैसेज से अब करा सकते है गन्ना तौल
Updated Tue, 07 Nov 2017 11:58 PM IST
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मोबाइल पर आए मेसेज से भी होगी गन्ना तौल
धामपुर(बिजनौर)। सहकारी गन्ना किसान समिति के प्रभारी सचिव महिपाल सिंह यादव ने बताया कि अब किसानों को गन्ने की पर्ची समय से उपलब्ध न होने के बाद भी कोई तनाव लेने की जरूरत नहीं है। यदि किसी कारण से संबंधित किसान के पास गन्ना पर्ची समय से नहीं पहुंचती है तो किसान मोबाइल पर आए मेसेज के आधार भी अपना गन्ना संबंधित केंद्र पर तुलवा सकता है।
महिपाल सिंह ने बताया कि सहकारी गन्ना समिति में पर्ची वितरकों का वर्तमान में टोटा है। 70 वितरकों में से केवल 12-13 ही कार्यरत हैं। जिसकी वजह से समिति क्षेत्र में गन्ने की पर्चियों का समय से वितरण करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने किसानों को सुझाव दिया कि जब किसान की पर्ची निर्गत होती है तो उसकी सूचना संबंधित किसान के मोबाइल फोन पर मेसेज के माध्यम से प्रेषित हो जाती है। ऐसे में यदि किसान के पास पर्ची नहीं पहुंची है तो वह मिल गेट अथवा डिजिटल जीपीएस प्रणाली के तहत लगे गन्ना सेंटरों पर मेसेज दिखाकर गन्ने की तौल करा सकता है। मिल गेट पर गन्ना तौल 24 घंटे और देहात में डिजिटल सेंटरों पर सवेरे आठ बजे से शाम के पांच बजे तक कराई जा सकती है। देहात के इन सेंटरों का कंट्रोल सेंटरों के बाबुओं के हाथ में नहीं होता है। बल्कि चीनी मिल मुख्यालय पर होता है।
सभी सेंटरों पर तौल शुरू
धामपुर चीनी मिल के जीएम गन्ना आजाद सिंह ने बताया कि क्षेत्र के 203 गन्ना सेंटरों पर तौल शुरू हो गई है। इनमें से 100 गन्ना सेंटर डिजिटल प्रणाली के तहत काम कर रहे हैं। इन सभी सेंटरों पर तौल का समय सवेरे आठ बजे से शाम के पांच बजे तक है। इसके बाद इन सेंटरों पर तौल नहीं होती। क्योंकि मिल मुख्यालय पर इन सेंटरों की कमांड रहती है।
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धामपुर(बिजनौर)। सहकारी गन्ना किसान समिति के प्रभारी सचिव महिपाल सिंह यादव ने बताया कि अब किसानों को गन्ने की पर्ची समय से उपलब्ध न होने के बाद भी कोई तनाव लेने की जरूरत नहीं है। यदि किसी कारण से संबंधित किसान के पास गन्ना पर्ची समय से नहीं पहुंचती है तो किसान मोबाइल पर आए मेसेज के आधार भी अपना गन्ना संबंधित केंद्र पर तुलवा सकता है।
महिपाल सिंह ने बताया कि सहकारी गन्ना समिति में पर्ची वितरकों का वर्तमान में टोटा है। 70 वितरकों में से केवल 12-13 ही कार्यरत हैं। जिसकी वजह से समिति क्षेत्र में गन्ने की पर्चियों का समय से वितरण करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने किसानों को सुझाव दिया कि जब किसान की पर्ची निर्गत होती है तो उसकी सूचना संबंधित किसान के मोबाइल फोन पर मेसेज के माध्यम से प्रेषित हो जाती है। ऐसे में यदि किसान के पास पर्ची नहीं पहुंची है तो वह मिल गेट अथवा डिजिटल जीपीएस प्रणाली के तहत लगे गन्ना सेंटरों पर मेसेज दिखाकर गन्ने की तौल करा सकता है। मिल गेट पर गन्ना तौल 24 घंटे और देहात में डिजिटल सेंटरों पर सवेरे आठ बजे से शाम के पांच बजे तक कराई जा सकती है। देहात के इन सेंटरों का कंट्रोल सेंटरों के बाबुओं के हाथ में नहीं होता है। बल्कि चीनी मिल मुख्यालय पर होता है।
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सभी सेंटरों पर तौल शुरू
धामपुर चीनी मिल के जीएम गन्ना आजाद सिंह ने बताया कि क्षेत्र के 203 गन्ना सेंटरों पर तौल शुरू हो गई है। इनमें से 100 गन्ना सेंटर डिजिटल प्रणाली के तहत काम कर रहे हैं। इन सभी सेंटरों पर तौल का समय सवेरे आठ बजे से शाम के पांच बजे तक है। इसके बाद इन सेंटरों पर तौल नहीं होती। क्योंकि मिल मुख्यालय पर इन सेंटरों की कमांड रहती है।
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