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जीएसटी लागू होने पर बिजनौर में मिलेगा 150 करोड़ का टैक्स
Updated Sat, 01 Jul 2017 12:19 AM IST
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बिजनौर में जीएसटी से 20 फीसदी बढ़ेगा टैक्स
बिजनौर।
जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) लागू होने के बाद जिले को मिलने वाले टैक्स में 20 प्रतिशत का इजाफा होगा। इससे बिजनौर को मिलने वाला टैक्स 150 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है। जीएसटी के विरोध की चर्चा होने के बाद भी जिले के व्यापारियों ने इसका समर्थन किया है। 15 जून तक जिले के 90 प्रतिशत व्यापारियों ने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन करा लिया था।
केंद्र सरकार ने सभी करों को जीएसटी में समायोजित कर दिया है। शुक्रवार रात 12 बजे संसद भवन में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी घंटी बजाकर जीएसटी का शुभारंभ करेंगे। जिले को अब तक हर साल औसतन 125 करोड़ का टैक्स वाणिज्य कर विभाग में जमा होता है। साल 2015-16 में विभाग में 117.14 करोड़ कर जमा हुआ था तो 2016-17 में 134.02 करोड़ का टैक्स जमा हुआ। चालू वित्त वर्ष में मई तक विभाग में 27.89 करोड़ का टैक्स जमा हो चुका है। जीएसटी लागू होने के बाद टैक्स में 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होना तय है। यानी बिजनौर को मिलने वाला टैक्स 150 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। पूरे प्रदेश की बात करें तो टैक्स में अरबों रुपये की बढ़ोतरी होगी। यह राशि जनता के विकास में ही खर्च की जाएगी।
जीएसटी को बिजनौर के व्यापारियों का भी समर्थन मिला है। बिजनौर में वाणिज्य कर विभाग में 11,500 व्यापारी पंजीकृत हैं। इनमे से 10,105 व्यापारियों े 15 जून तक अपना रजिस्ट्रेशन कर जीएसटी में माइग्रेशन करा लिया था। यानी करीब 90 प्रतिशत व्यापारियों ने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन करा लिया है। 30 जून पंजीकरण में और वृद्धि होगी।
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ये हैं जीएसटी के फायदे
- जीएसटी में नि:शुल्क पंजीयन।
- सभी प्रकार के फार्म समाप्त।
- प्रांत के बाहर माल भेजना व लाना आसान।
- 75 लाख टर्नओवर तक के व्यापारियों के लिए समाधान योजना का प्रावधान। देना होगा केवल एक प्रतिशत टैक्स।
- रेस्टोरेंट सर्विस भी समाधान योजना में शामिल।
रिटर्न दाखिल करना भी आसान
- समाधान योजना से जुड़े 75 लाख तक के टर्नओवर वाले व्यापारियों के लिए केवल चार त्रैमासिक रिटर्न एवं एक वार्षिक रिटर्न।
- सामान्य व्यापारियों के लिए 12 मासिक रिटर्न एवं एक वार्षिक रिटर्न।
- सभी प्रक्रिया ऑनलाइन। जिले में खुले 800 कॉमन सर्विस सेंटर।
समाधान योजना में देना होगा एक प्रतिशत टैक्स
जीएसटी में 20 लाख तक के टर्नओवर वाले व्यापारियों को रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं है। 75 लाख तक टर्नओवर वाले व्यापारियों को समाधान योजना में केवल एक प्रतिशत टैक्स दोना होगा। ऐसे व्यापारियों को रिटर्न भी तिमाही आधार पर भरने होंगे। समाधान योजना का लाभ न लेने वाले व्यापारियों को अगले महीने की दस तारीख तक रिटर्न दाखिल करना होगा।
800 तकॉमन सर्विस सेंटर खुले
जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों को सुविधा देने के लिए केंद्र सरकार गंभीर है। इसके लिए जिलेभर में 800 कॉमन सर्विस सेंटर को मान्यता दी गई है। व्यापारी यहां रजिस्ट्रेशन, रिटर्न दाखिल करा सकते हैं और ऑनलाइन ई वे बिल भी निकलवा सकते हैं। पहला रिटर्न दाखिल करने के लिए केंद्र सरकार ने 20 सितंबर तक का समय दिया है। व्यापारियों की सुविधा के लिए रविवार दो जुलाई को भी वाणिज्य कर कार्यालय खुला रहेगा।
व्यापारियों को भी आसानी
जीएसटी लागू होने के बाद ईमानदार व्यापारियों के लिए व्यापार करना आसान होगा। पहले ये किसी फर्म से सामान लेकर बेचते थे और इनपुट टैक्स क्रेडिट योजना का लाभ लेने के लिए वाणिज्य कर विभाग में आवेदन करते थे। बाद में पता चलता था कि फर्म ने बेचे गए माल को विभाग में नहीं दिखाया है। इसके चलते व्यापारी को इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ नहीं मिल पाता था और उसे अतिरिक्त टैक्स जमा करना होता था। अब सब कुछ ऑनलाइन होने के चलते फर्म मालिक टैक्स की चोरी नहीं कर पाएंगे।
चीनी से मिलेगा बंपर टैक्स
बिजनौर जिला चीनी का हब है। यहां हर साल तीन हजार करोड़ से ज्यादा की चीनी का उत्पादन होता है। चीनी को यूपी में बेचने पर दो प्रतिशत टैक्स देना होता है, जबकि बाकी राज्यों में बेचने पर शुगर मिल टैक्स नहीं देतीं। अब शुगर मिलों को कहीं भी माल बेचने पर पांच प्रतिशत टैक्स देना होगा। इससे टैक्स जमा में भारी बढ़ोतरी होगी।
कपड़ा होगा सस्ता
कपड़े के जीएसटी में शामिल होने पर उपभोक्ताओं को लाभ होगा। पहले कपड़े के अलग-अलग आइटम पर पांच प्रतिशत से 20 प्रतिशत तक एक्साइज ड्यूटी देनी होती थी। अब कपड़े पर पांच प्रतिशत ही टैक्स दोना होगा। 20 लाख तक टर्नओवर वाले व्यापारियों को जीएसटी में रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं है। अगर वे रजिस्ट्रेशन कराते हैं तो उनको जीएसटी की योजनाओं का लाभ मिलेगा।
विभाग ने झोंकी ताकत
जीएसटी में व्यापारियों के रजिस्ट्रेशन कराने के लिए वाणिज्य कर विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी। पूरे जिले में रजिस्ट्रेशन व व्यापारियों को जानकारी देने के लिए कैंप लगाए गए। इसके अलावा अधिकारियों व कर्मचारियों ने डोर टू डोर जाकर भी व्यापारियों से संपर्क किया।
जनता ले पक्के बिल
सरकार ने जीएसटी जनता के हित के लिए लागू किया है। इसमे कई प्रकार के टैक्स बहुत कम किए गए हैं तो खाद्यान्नों से टैक्स खत्म कर दिया है। जीएसटी को सफल करना उपभोक्ताओं के हाथ में भी है। दुकानदार जनता से वस्तुओं पर लगा टैक्स तो वसूल कर लेते हैं, लेकिन उनको वाउचर यानी पक्का बिल नहीं देते। इससे उपभोक्ताओं द्वारा दिया गया टैक्स दुकानदारों की जेब में चला जाता है। उपभोक्ता दुकानों से सामान की खरीदारी करते समय वाउचर जरूर लें। ऐसा करने से उपभोक्ताओं द्वारा दिया गया टैक्स सीधे सरकार तक पहुंचेगा। इस टैक्स के रुपये को विकास योजनाओं में लगाकर जनता का जीवन स्तर ऊंचा उठाया जाएगा।
जनता के हित में लगेगा टैक्स का पैसा
वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड 2 जीएस बौनाल के अनुसार, जीएसटी के बाद जिले को मिलने वाला राजस्व बढ़ जाएगा। टैक्स का पैसा जनता के हित में ही लगेगा। जिले के व्यापारी जीएसटी में रुचि ले रहे हैं।
जागरूकता के लिए कर रहे कैंप
डिप्टी कमिश्नर धनीराम के अनुसार, जीएसटी का लाभ और जानकारी देने के लिए जिलेभर में 800 कॉमन सर्विस सेंटर खुले हैं। व्यापारियों को पूरी जानकारी दी जा रही है। अधिकारी भी जगह-जगह कैंप कर रहे हैं।
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बिजनौर।
जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) लागू होने के बाद जिले को मिलने वाले टैक्स में 20 प्रतिशत का इजाफा होगा। इससे बिजनौर को मिलने वाला टैक्स 150 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है। जीएसटी के विरोध की चर्चा होने के बाद भी जिले के व्यापारियों ने इसका समर्थन किया है। 15 जून तक जिले के 90 प्रतिशत व्यापारियों ने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन करा लिया था।
केंद्र सरकार ने सभी करों को जीएसटी में समायोजित कर दिया है। शुक्रवार रात 12 बजे संसद भवन में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी घंटी बजाकर जीएसटी का शुभारंभ करेंगे। जिले को अब तक हर साल औसतन 125 करोड़ का टैक्स वाणिज्य कर विभाग में जमा होता है। साल 2015-16 में विभाग में 117.14 करोड़ कर जमा हुआ था तो 2016-17 में 134.02 करोड़ का टैक्स जमा हुआ। चालू वित्त वर्ष में मई तक विभाग में 27.89 करोड़ का टैक्स जमा हो चुका है। जीएसटी लागू होने के बाद टैक्स में 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होना तय है। यानी बिजनौर को मिलने वाला टैक्स 150 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। पूरे प्रदेश की बात करें तो टैक्स में अरबों रुपये की बढ़ोतरी होगी। यह राशि जनता के विकास में ही खर्च की जाएगी।
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जीएसटी को बिजनौर के व्यापारियों का भी समर्थन मिला है। बिजनौर में वाणिज्य कर विभाग में 11,500 व्यापारी पंजीकृत हैं। इनमे से 10,105 व्यापारियों े 15 जून तक अपना रजिस्ट्रेशन कर जीएसटी में माइग्रेशन करा लिया था। यानी करीब 90 प्रतिशत व्यापारियों ने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन करा लिया है। 30 जून पंजीकरण में और वृद्धि होगी।
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- जीएसटी में नि:शुल्क पंजीयन।
- सभी प्रकार के फार्म समाप्त।
- प्रांत के बाहर माल भेजना व लाना आसान।
- 75 लाख टर्नओवर तक के व्यापारियों के लिए समाधान योजना का प्रावधान। देना होगा केवल एक प्रतिशत टैक्स।
- रेस्टोरेंट सर्विस भी समाधान योजना में शामिल।
रिटर्न दाखिल करना भी आसान
- समाधान योजना से जुड़े 75 लाख तक के टर्नओवर वाले व्यापारियों के लिए केवल चार त्रैमासिक रिटर्न एवं एक वार्षिक रिटर्न।
- सामान्य व्यापारियों के लिए 12 मासिक रिटर्न एवं एक वार्षिक रिटर्न।
- सभी प्रक्रिया ऑनलाइन। जिले में खुले 800 कॉमन सर्विस सेंटर।
समाधान योजना में देना होगा एक प्रतिशत टैक्स
जीएसटी में 20 लाख तक के टर्नओवर वाले व्यापारियों को रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं है। 75 लाख तक टर्नओवर वाले व्यापारियों को समाधान योजना में केवल एक प्रतिशत टैक्स दोना होगा। ऐसे व्यापारियों को रिटर्न भी तिमाही आधार पर भरने होंगे। समाधान योजना का लाभ न लेने वाले व्यापारियों को अगले महीने की दस तारीख तक रिटर्न दाखिल करना होगा।
800 तकॉमन सर्विस सेंटर खुले
जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों को सुविधा देने के लिए केंद्र सरकार गंभीर है। इसके लिए जिलेभर में 800 कॉमन सर्विस सेंटर को मान्यता दी गई है। व्यापारी यहां रजिस्ट्रेशन, रिटर्न दाखिल करा सकते हैं और ऑनलाइन ई वे बिल भी निकलवा सकते हैं। पहला रिटर्न दाखिल करने के लिए केंद्र सरकार ने 20 सितंबर तक का समय दिया है। व्यापारियों की सुविधा के लिए रविवार दो जुलाई को भी वाणिज्य कर कार्यालय खुला रहेगा।
व्यापारियों को भी आसानी
जीएसटी लागू होने के बाद ईमानदार व्यापारियों के लिए व्यापार करना आसान होगा। पहले ये किसी फर्म से सामान लेकर बेचते थे और इनपुट टैक्स क्रेडिट योजना का लाभ लेने के लिए वाणिज्य कर विभाग में आवेदन करते थे। बाद में पता चलता था कि फर्म ने बेचे गए माल को विभाग में नहीं दिखाया है। इसके चलते व्यापारी को इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ नहीं मिल पाता था और उसे अतिरिक्त टैक्स जमा करना होता था। अब सब कुछ ऑनलाइन होने के चलते फर्म मालिक टैक्स की चोरी नहीं कर पाएंगे।
चीनी से मिलेगा बंपर टैक्स
बिजनौर जिला चीनी का हब है। यहां हर साल तीन हजार करोड़ से ज्यादा की चीनी का उत्पादन होता है। चीनी को यूपी में बेचने पर दो प्रतिशत टैक्स देना होता है, जबकि बाकी राज्यों में बेचने पर शुगर मिल टैक्स नहीं देतीं। अब शुगर मिलों को कहीं भी माल बेचने पर पांच प्रतिशत टैक्स देना होगा। इससे टैक्स जमा में भारी बढ़ोतरी होगी।
कपड़ा होगा सस्ता
कपड़े के जीएसटी में शामिल होने पर उपभोक्ताओं को लाभ होगा। पहले कपड़े के अलग-अलग आइटम पर पांच प्रतिशत से 20 प्रतिशत तक एक्साइज ड्यूटी देनी होती थी। अब कपड़े पर पांच प्रतिशत ही टैक्स दोना होगा। 20 लाख तक टर्नओवर वाले व्यापारियों को जीएसटी में रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं है। अगर वे रजिस्ट्रेशन कराते हैं तो उनको जीएसटी की योजनाओं का लाभ मिलेगा।
विभाग ने झोंकी ताकत
जीएसटी में व्यापारियों के रजिस्ट्रेशन कराने के लिए वाणिज्य कर विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी। पूरे जिले में रजिस्ट्रेशन व व्यापारियों को जानकारी देने के लिए कैंप लगाए गए। इसके अलावा अधिकारियों व कर्मचारियों ने डोर टू डोर जाकर भी व्यापारियों से संपर्क किया।
जनता ले पक्के बिल
सरकार ने जीएसटी जनता के हित के लिए लागू किया है। इसमे कई प्रकार के टैक्स बहुत कम किए गए हैं तो खाद्यान्नों से टैक्स खत्म कर दिया है। जीएसटी को सफल करना उपभोक्ताओं के हाथ में भी है। दुकानदार जनता से वस्तुओं पर लगा टैक्स तो वसूल कर लेते हैं, लेकिन उनको वाउचर यानी पक्का बिल नहीं देते। इससे उपभोक्ताओं द्वारा दिया गया टैक्स दुकानदारों की जेब में चला जाता है। उपभोक्ता दुकानों से सामान की खरीदारी करते समय वाउचर जरूर लें। ऐसा करने से उपभोक्ताओं द्वारा दिया गया टैक्स सीधे सरकार तक पहुंचेगा। इस टैक्स के रुपये को विकास योजनाओं में लगाकर जनता का जीवन स्तर ऊंचा उठाया जाएगा।
जनता के हित में लगेगा टैक्स का पैसा
वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड 2 जीएस बौनाल के अनुसार, जीएसटी के बाद जिले को मिलने वाला राजस्व बढ़ जाएगा। टैक्स का पैसा जनता के हित में ही लगेगा। जिले के व्यापारी जीएसटी में रुचि ले रहे हैं।
जागरूकता के लिए कर रहे कैंप
डिप्टी कमिश्नर धनीराम के अनुसार, जीएसटी का लाभ और जानकारी देने के लिए जिलेभर में 800 कॉमन सर्विस सेंटर खुले हैं। व्यापारियों को पूरी जानकारी दी जा रही है। अधिकारी भी जगह-जगह कैंप कर रहे हैं।