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अंबिकापुर पालिका की तर्ज पर होगा कूड़े का निस्तारण

Mon, 26 Nov 2018 12:32 AM IST
Updated Mon, 26 Nov 2018 12:32 AM IST
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अंबिकापुर पालिका की तर्ज पर होगा कूड़े का निस्तारण
अंबिकापुर पालिका की तर्ज पर होगा कूड़े का निस्तारण
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बिजनौर। कूड़ा निस्तारण के लिए जमीन ढूंढने के बजाए नगर पालिका बिजनौर अब वार्ड में ही कूड़े का निस्तारण करेगी। इसके लिए छत्तीसगढ़ की अंबिकापुर नगर पालिका की तर्ज पर कार्य किया जाएगा। प्रदेश में सबसे पहले ये प्रोजेक्ट बिजनौर नगर पालिका व उन्नाव की एक नगर पालिका में शुरू किया जा रहा है।
कूड़ा निस्तारण वर्तमान में नगर पालिकाओं के लिए सबसे बड़ी समस्या है। नगर पालिकाओं के पास आज भी कूड़ा निस्तारण के लिए जमीन नहीं है। जमीन ढूंढने में पालिका के अफसरों को जमीन के रेट से भी जुड़ी समस्या झेलनी पड़ती हैं। कूड़े का निस्तारण न होने पर इसे शहर से जाने वाले मार्गों पर ही निस्तारित किया जाता है। कूड़ा निस्तारण के लिए शासन ने बिजनौर और उन्नाव की एक-एक नगर पालिका को आदर्श बनाने का निर्णय लिया है। इस प्रस्ताव के अंतर्गत नगर पालिका क्षेत्र से निकलने वाले कूड़े को वार्ड में ही निस्तारित किया जाता है। यह प्रोजेक्ट पूरे प्रदेश में शुरू करने की योजना है। मगर, सबसे पहले बिजनौर नगर पालिका और उन्नाव की एक नगर पालिका को इसके लिए चुना गया है। बिजनौर नगर पालिका जल्दी इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने वाली है।
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ऐसे होता है काम
कूड़ा दो तरह का होता है, गलने वाला और न गलने वाला। गलने वाले कूड़े में सब्जी या फल, कागज आदि आते हैं। न गलने वाले कूड़े में पॉलिथीन, प्लास्टिक, एलईडी बल्ब आदि शामिल होते हैं। नगर पालिका वार्ड के नागरिकों को गलने वाला कूड़ा हरे व न गलने वाला कूड़ा नीले डस्टबिन में रखने को प्रेरित करेगी। पालिका कूड़ा एकत्र भी इसी तरह करेगी। अगर कूड़ा मिक्स भी है तो इसे इसे वार्ड में ही खाली जमीन में अलग किया जाएगा। न गलने वाले कूड़े को कबाड़ी को बेचा जाएगा। गलने वाले कूड़े का खाद बनाकर बेचा जाएगा।
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50 घरों से होगी शुरूआत
कूड़ा निस्तारण के लिए सबसे पहले वार्ड पांच को चिह्नित किया गया है। यहां के 50 घरों को सबसे पहले इस योजना के बारे में बताया जाएगा। इन घरों से ही सबसे पहले कूड़ा निस्तारण के लिए एकत्र किया जाएगा। इसके बाद पूरे वार्ड और पूरे पालिका क्षेत्र में कूड़ा निस्तारण के लिए एकत्र होगा।

हर रोज निकलता है 42 टन कूड़ा
बिजनौर नगर पालिका से हर रोज 42 टन कूड़ा निकलता है। इतने कूड़े को निस्तारित करने के लिए कई बीघा जमीन व कर्मचारी चाहिए। अगर नागरिक सहयोग करेंगे तो हर वार्ड में छोटे-छोटे प्लॉट में कूड़े का निस्तारण हो जाएगा।

नहीं आएगी बदबू
कूड़ा निस्तारण की योजना की सबसे बड़ी विशेषता होगी कि इसमें कूड़ा इकट्ठा नहीं रहेगा। कूड़े को अलग करके उसे कबाड़ी आदि को तुरंत बेचा जा सकता है। इसके अलावा यह प्रोजेक्ट किसी संस्थान के माध्यम से भी पूरा कराया जा सकता है। कूड़ा एकत्र नहीं रहेगा तो बदबू भी नहीं आएगी।

कलक्ट्रेट में बनेगा सीवर प्लांट
बिजनौर कलक्ट्रेट को फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए शासन द्वारा चिह्नित किया गया है। कलक्ट्रेट में सभी शौचालयों के लिए एक मिनी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। पानी को साफ किया जाएगा और सीवर की गंदगी से खाद बनाया जाएगा। यह प्लांट डीएम कार्यालय के सामने बने पार्क में बनाया जाएगा।


जल्दी होगा काम शुरू: ईओ
नगर पालिका ईओ दुर्गेश्वर त्रिपाठी के अनुसार वार्ड पांच से कूड़ा निस्तारण का काम जल्दी शुरू किया जाएगा। शहर को स्वच्छ रखने में नागरिक सहयोग दें। पॉलिथीन का प्रयोग बिल्कुल न करें।
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