{"_id":"5b86f0b842c792464b1c5c12","slug":"171535570104-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सटटे का कारोबार बंद कराने के लिए की पंचायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सटटे का कारोबार बंद कराने के लिए की पंचायत
Updated Thu, 30 Aug 2018 12:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सट्टे का कारोबार बंद कराने के लिए पंचायत
नहटौर। गांव कासमपुर लेखराज में बुधवार को पंचायत हुई। राजेश कुमार, खुशीराम सैनी, महेंद्र सिंह, सुरेश सिंह, प्रदीप कुमार, रामो देवी आदि के मुताबिक गांव में दो सगे भाई बड़े पैमाने पर सट्टे का कारोबार करते हैं। ग्रामीणों ने थाने में उनकी शिकायत की थी। कोई कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने राजनैतिक लोगों के पास जाकर सट्टे के कारोबार को बंद कराने की गुहार लगाई थी। ग्रामीणों ने पंचायत में कहा कि सट्टे के कारोबार से गांव की बदनामी हो रही है। कई लोगों का लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है। पुलिस के एक सिपाही की मिलीभगत का पता चलने पर उसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से करने का निर्णय लिया गया। पंचों ने समझाते हुए गलत काम को बंद कराने के लिए कहा। आश्वासन के बाद पंचायत खत्म हुई। ग्राम प्रधान पप्पू सैनी का कहना हैं कि गांव में गलत काम करने वालों की शिकायत के बाद भी काम चलने पर ग्रामीण एकत्रित हुए थे।
विज्ञापन
नहटौर। गांव कासमपुर लेखराज में बुधवार को पंचायत हुई। राजेश कुमार, खुशीराम सैनी, महेंद्र सिंह, सुरेश सिंह, प्रदीप कुमार, रामो देवी आदि के मुताबिक गांव में दो सगे भाई बड़े पैमाने पर सट्टे का कारोबार करते हैं। ग्रामीणों ने थाने में उनकी शिकायत की थी। कोई कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने राजनैतिक लोगों के पास जाकर सट्टे के कारोबार को बंद कराने की गुहार लगाई थी। ग्रामीणों ने पंचायत में कहा कि सट्टे के कारोबार से गांव की बदनामी हो रही है। कई लोगों का लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है। पुलिस के एक सिपाही की मिलीभगत का पता चलने पर उसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से करने का निर्णय लिया गया। पंचों ने समझाते हुए गलत काम को बंद कराने के लिए कहा। आश्वासन के बाद पंचायत खत्म हुई। ग्राम प्रधान पप्पू सैनी का कहना हैं कि गांव में गलत काम करने वालों की शिकायत के बाद भी काम चलने पर ग्रामीण एकत्रित हुए थे।