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पखवाड़े के पहले दिन एक भी पुरुष ने नहीं कराई नसबंदी
Updated Thu, 12 Jul 2018 01:05 AM IST
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बिजनौर। विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर जिले में आज से जनसंख्या पखवाड़े की शुरुआत हो गई है। यह पखवाड़ा 25 जुलाई तक चलेगा। इसके तहत जनसंख्या नियंत्रण के लिए ‘हम दो, हमारे दो’ फार्मूले को ध्यान में रखते हुए जिलेभर में कुल चार महिलाओं की नसबंदी की गई। धामपुर में 26 महिलाओं को अंतरा के इंजेक्शन दिए गए और छाया की साप्ताहिक गोलियों के लिए छह महिलाओं का मार्गदर्शन किया गया।
अनियंत्रित होती जा रही जनसंख्या देश की तरक्की में सबसे बड़ी बाधक मानी जाती है। इसके लेकर स्वास्थ्य विभाग काफी सजग है, लेकिन जिले के लोग इसके प्रति गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं। महिलाएं तो इसे अपनी जिम्मेदारी समझकर फैमिली प्लानिंग के तरीकों को अपना रही है, जबकि पुरुष परिवार नियोजन के केवल अस्थायी साधनों का ही इस्तेमाल कर रहे हैं। जिला अस्पताल में पखवाड़े के प्रथम दिन एक भी नसबंदी नहीं हुई, जबकि धामपुर में 26 महिलाओं को अंतरा के त्रैमासिक गर्भ निरोधक इंजेक्शन लगाए गए। नगीना सीएचसी पर चार महिलाओं की नसबंदी की गई। जिला अस्पताल में न तो किसी पुरुष और न ही महिला की नसबंदी की गई। जिला महिला अस्पताल में दो पीपीआईयूसीडी और दो महिलाओं को आईयूसीडी लगाई गई। सीएमओ राकेश कुमार मित्तल का कहना है कि अभियान में और तेजी लाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने का प्रयास किया जाएगा। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। फैमिली प्लानर संतोष यादव के अनुसार पीपीआईयूसीडी प्रसव के तुरंत बाद महिला को कॉपरटी लगाई जाती है, जबकि आईयूसीडी को सामान्य दिनों में लगवाया जाता है।
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अनियंत्रित होती जा रही जनसंख्या देश की तरक्की में सबसे बड़ी बाधक मानी जाती है। इसके लेकर स्वास्थ्य विभाग काफी सजग है, लेकिन जिले के लोग इसके प्रति गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं। महिलाएं तो इसे अपनी जिम्मेदारी समझकर फैमिली प्लानिंग के तरीकों को अपना रही है, जबकि पुरुष परिवार नियोजन के केवल अस्थायी साधनों का ही इस्तेमाल कर रहे हैं। जिला अस्पताल में पखवाड़े के प्रथम दिन एक भी नसबंदी नहीं हुई, जबकि धामपुर में 26 महिलाओं को अंतरा के त्रैमासिक गर्भ निरोधक इंजेक्शन लगाए गए। नगीना सीएचसी पर चार महिलाओं की नसबंदी की गई। जिला अस्पताल में न तो किसी पुरुष और न ही महिला की नसबंदी की गई। जिला महिला अस्पताल में दो पीपीआईयूसीडी और दो महिलाओं को आईयूसीडी लगाई गई। सीएमओ राकेश कुमार मित्तल का कहना है कि अभियान में और तेजी लाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने का प्रयास किया जाएगा। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। फैमिली प्लानर संतोष यादव के अनुसार पीपीआईयूसीडी प्रसव के तुरंत बाद महिला को कॉपरटी लगाई जाती है, जबकि आईयूसीडी को सामान्य दिनों में लगवाया जाता है।
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