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जिला कारागार में बंदियों को दी गई उनके विधिक अधिकारों की जानकारी
Updated Thu, 16 Nov 2017 10:50 PM IST
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बिजनौर । जिला कारागार बिजनौर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में विवेक कॉलेज ऑफ लॉ के सहयोग से विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में छात्र-छात्राओं ने जेल में होने वाली गतिविधियों और व्यवस्थाओं का बारीकी से अध्ययन भी किया।
प्राधिकरण के सचिव एसीजेएम बीके वासवानी ने जिला कारागार में आयोजित शिविर में कहा कि त्वरित और समान न्याय सभी का अधिकार है, ऐसे बंदी जो गरीब तबके के है। अपने केस की पैरवी करने में सक्षम नही है, यदि उनके परिवार की वार्षिक आय एक लाख से कम है। वो अपने मुकदमों की पैरवी करने के लिए प्राधिकरण के माध्यम से नि:शुल्क अधिवक्ता प्राप्त कर सकते है। प्रतिमाह जेल में आयोजित लोक अदालत में अपने मुकदमे समझौते से तय करा सकते है। लीगल ऐड के माध्यम से जेल विजिटर अधिवक्ता अक्षर प्रसाद और सविता देवी से नि:शुल्क विधिक सलाह ली जा सकती है। विवेक कॉलेज के छात्रा मेघा सिंघल और स्वीटी देशवाल व छात्र विवेक ढाका ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि वह लोग संविधान द्वारा बनाएं गए नियमों को तोड़ने की वजह से जेल में है। वह अपने जीवन में उन कृत्यों को पुर्नरावत्ति न करे जिससे नियमों का उल्लंघन होता हो। प्राचार्य राकेश चौधरी ने बंदियों के मानवाधिकार और मौलिक अधिकारों की जानकारी दी। जेल अधीक्षक राधाकृष्ण मिश्र ने बंदियों से अपील की, कि वह जेल में रहने के दौरान शिक्षा का अधिकार, मूलभूत इंटर तक शिक्षा व जेल में चलाई जा रही तकनीकी शिक्षा में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले। कार्यक्रम का संचालन अक्षर प्रताप ने किया। इस अवसर पर जेलर आकाश शर्मा, राजेश सचान, अधिवक्ता सविता देवी, विवेक लॉ कालेज के प्राचार्य राजीव चौधरी आदि मौजूद रहे।
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प्राधिकरण के सचिव एसीजेएम बीके वासवानी ने जिला कारागार में आयोजित शिविर में कहा कि त्वरित और समान न्याय सभी का अधिकार है, ऐसे बंदी जो गरीब तबके के है। अपने केस की पैरवी करने में सक्षम नही है, यदि उनके परिवार की वार्षिक आय एक लाख से कम है। वो अपने मुकदमों की पैरवी करने के लिए प्राधिकरण के माध्यम से नि:शुल्क अधिवक्ता प्राप्त कर सकते है। प्रतिमाह जेल में आयोजित लोक अदालत में अपने मुकदमे समझौते से तय करा सकते है। लीगल ऐड के माध्यम से जेल विजिटर अधिवक्ता अक्षर प्रसाद और सविता देवी से नि:शुल्क विधिक सलाह ली जा सकती है। विवेक कॉलेज के छात्रा मेघा सिंघल और स्वीटी देशवाल व छात्र विवेक ढाका ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि वह लोग संविधान द्वारा बनाएं गए नियमों को तोड़ने की वजह से जेल में है। वह अपने जीवन में उन कृत्यों को पुर्नरावत्ति न करे जिससे नियमों का उल्लंघन होता हो। प्राचार्य राकेश चौधरी ने बंदियों के मानवाधिकार और मौलिक अधिकारों की जानकारी दी। जेल अधीक्षक राधाकृष्ण मिश्र ने बंदियों से अपील की, कि वह जेल में रहने के दौरान शिक्षा का अधिकार, मूलभूत इंटर तक शिक्षा व जेल में चलाई जा रही तकनीकी शिक्षा में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले। कार्यक्रम का संचालन अक्षर प्रताप ने किया। इस अवसर पर जेलर आकाश शर्मा, राजेश सचान, अधिवक्ता सविता देवी, विवेक लॉ कालेज के प्राचार्य राजीव चौधरी आदि मौजूद रहे।
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