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निर्वाचन के बाद से चल रही थी जांच प्रक्रिया
Updated Mon, 24 Jul 2017 12:30 AM IST
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ग्राम प्रधान का अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र निरस्त
नजीबाबाद (बिजनौर)।
जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत असलमपुर भुल्लन की महिला ग्राम प्रधान के अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया। लंबी जांच प्रक्रिया में स्पष्ट हुआ कि ग्राम प्रधान पश्चिम बंगाल की चैन जाति (अनुसूचित जाति) की हैं। उत्तर प्रदेश के गजट में चैन जाति अनुसूचित जाति के रूप में अंकित नहीं है।
सामान्य निर्वाचन 2015 में ग्राम पंचायत असलमपुर भुल्लन से शिवाली ग्राम प्रधान निर्वाचित हुई थीं। ग्राम अलीपुर मोल्हड़ निवासी रोहिताश सिंह ने शिवाली के चयन को चुनौती दी। डीएम से शिकायत करने पर डीएम द्वारा प्रकरण की जांच एसडीएम नगीना से कराई गई। जांच में पता चला कि शिवाली पश्चिम बंगाल के जिला मालदा के ब्लाक मानिकचंद निवासी है। मानिकचंद के बीडीओ ने अवगत कराया कि चैन जाति पश्चिम बंगाल में अनुसूचित जाति के अंतर्गत है, लेकिन शिवाली द्वारा गलत शपथ पत्र देकर अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी कराया गया। ग्राम प्रधान की निर्वाचन प्रक्रिया के बाद से चल रही जांच का निष्कर्ष पांच जुलाई को हुई जिला स्क्रूटनी कमेटी की बैठक में निकला। डीएम ने स्क्रूटनी कमेटी की रिपोर्ट का अवलोकन करते निर्वाचित ग्राम प्रधान शिवाली पत्नी अशोक कुमार का अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र निरस्त करने के आदेश जारी किए।
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नजीबाबाद (बिजनौर)।
जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत असलमपुर भुल्लन की महिला ग्राम प्रधान के अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया। लंबी जांच प्रक्रिया में स्पष्ट हुआ कि ग्राम प्रधान पश्चिम बंगाल की चैन जाति (अनुसूचित जाति) की हैं। उत्तर प्रदेश के गजट में चैन जाति अनुसूचित जाति के रूप में अंकित नहीं है।
सामान्य निर्वाचन 2015 में ग्राम पंचायत असलमपुर भुल्लन से शिवाली ग्राम प्रधान निर्वाचित हुई थीं। ग्राम अलीपुर मोल्हड़ निवासी रोहिताश सिंह ने शिवाली के चयन को चुनौती दी। डीएम से शिकायत करने पर डीएम द्वारा प्रकरण की जांच एसडीएम नगीना से कराई गई। जांच में पता चला कि शिवाली पश्चिम बंगाल के जिला मालदा के ब्लाक मानिकचंद निवासी है। मानिकचंद के बीडीओ ने अवगत कराया कि चैन जाति पश्चिम बंगाल में अनुसूचित जाति के अंतर्गत है, लेकिन शिवाली द्वारा गलत शपथ पत्र देकर अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी कराया गया। ग्राम प्रधान की निर्वाचन प्रक्रिया के बाद से चल रही जांच का निष्कर्ष पांच जुलाई को हुई जिला स्क्रूटनी कमेटी की बैठक में निकला। डीएम ने स्क्रूटनी कमेटी की रिपोर्ट का अवलोकन करते निर्वाचित ग्राम प्रधान शिवाली पत्नी अशोक कुमार का अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र निरस्त करने के आदेश जारी किए।
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