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आधार कार्ड रोकेगा 102 व 108 एंबुलेंस स्टाफ की मनमानी
Updated Tue, 20 Jun 2017 12:28 AM IST
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एंबुलेंस उपयोग करने वालों का आधार कार्ड जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर।
102 व 108 एंबुलेंस स्टाफ की मनमानी रोकने के लिए मरीजों को अब अपना आधार कार्ड पेशेंट केयर रिकार्ड (पीसीआर) में दर्ज कराना होगा। अब तक एंबुलेंस स्टाफ ऐसा नहीं करता और पीसीआर में नाम, पता, फोन नंबर, रोग का प्रकार, एंबुलेंस संख्या व एंबुलेंस में दिया प्राथमिक उपचार ही चढ़ाया जाता था।
शासन ने 102 व 108 एंबुलेंस स्टाफ की मनमानी रोकने की कवायद शुरू कर दी है। प्रमुख सचिव प्रशांत त्रिवेदी ने महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, महानिदेशक परिवार कल्याण विभाग और निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को पत्र जारी कर कहा है कि पीसीआर व डीबीआर (ड्राप बैक रिकार्ड) में बड़े स्तर पर खामियां पाई गई हैं। पत्र के मुताबिक, मरीजों की ट्रिपों व जीपीएस ट्रैकिंग डाटा में बहुत असमानताएं मिली हैं।
प्रमुख सचिव के अनुसार, एंबुलेंस स्टाफ किसी से भी झूठी कॉल कराकर पीसीआर को तैयार करता था, लेकिन जीपीएस ट्रैकिंग डाटा में कोई ट्रिप नहीं मिलती थी। इस फर्जीवाडे को रोकने के लिए प्रमुख सचिव ने निर्देश जारी किया है कि एंबुलेंस स्टाफ को पीसीआर में मरीज व उसके परिजनों के आधार कार्ड, वोटर कार्ड व राजकीय पहचान पत्र लेना अनिवार्य है। इनके बिना ट्रिप अधूरी रहेगी। सीएमओ डॉ. सुखवीर सिंह ने बताया कि शासन के पत्र में 102 व 108 एंबुलेंस से आने वाले मरीजों के आधार कार्ड व पहचान पत्र का रिकार्ड नहीं रखने पर कार्रवाई की जाएगी।
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- स्टाफ की मनमानी रुकेगी, मरीजों की ट्रिपों व जीपीएस ट्रेकिंग डाटा में मिलीं असमानताएं
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अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर।
102 व 108 एंबुलेंस स्टाफ की मनमानी रोकने के लिए मरीजों को अब अपना आधार कार्ड पेशेंट केयर रिकार्ड (पीसीआर) में दर्ज कराना होगा। अब तक एंबुलेंस स्टाफ ऐसा नहीं करता और पीसीआर में नाम, पता, फोन नंबर, रोग का प्रकार, एंबुलेंस संख्या व एंबुलेंस में दिया प्राथमिक उपचार ही चढ़ाया जाता था।
शासन ने 102 व 108 एंबुलेंस स्टाफ की मनमानी रोकने की कवायद शुरू कर दी है। प्रमुख सचिव प्रशांत त्रिवेदी ने महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, महानिदेशक परिवार कल्याण विभाग और निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को पत्र जारी कर कहा है कि पीसीआर व डीबीआर (ड्राप बैक रिकार्ड) में बड़े स्तर पर खामियां पाई गई हैं। पत्र के मुताबिक, मरीजों की ट्रिपों व जीपीएस ट्रैकिंग डाटा में बहुत असमानताएं मिली हैं।
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प्रमुख सचिव के अनुसार, एंबुलेंस स्टाफ किसी से भी झूठी कॉल कराकर पीसीआर को तैयार करता था, लेकिन जीपीएस ट्रैकिंग डाटा में कोई ट्रिप नहीं मिलती थी। इस फर्जीवाडे को रोकने के लिए प्रमुख सचिव ने निर्देश जारी किया है कि एंबुलेंस स्टाफ को पीसीआर में मरीज व उसके परिजनों के आधार कार्ड, वोटर कार्ड व राजकीय पहचान पत्र लेना अनिवार्य है। इनके बिना ट्रिप अधूरी रहेगी। सीएमओ डॉ. सुखवीर सिंह ने बताया कि शासन के पत्र में 102 व 108 एंबुलेंस से आने वाले मरीजों के आधार कार्ड व पहचान पत्र का रिकार्ड नहीं रखने पर कार्रवाई की जाएगी।
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- स्टाफ की मनमानी रुकेगी, मरीजों की ट्रिपों व जीपीएस ट्रेकिंग डाटा में मिलीं असमानताएं