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हाइवे पर चक्का जाम में मुकदमा होने पर भारतीय किसान महासंघ में उबाल
Updated Sun, 18 Jun 2017 02:20 AM IST
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भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर मुकदमे से किसानों में उबाल
अमरोहा।
स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू किए जाने और कर्ज माफी समेत किसानों की अन्य मांगों को लेकर शुक्रवार को भारतीय किसान महासंघ के बैनर तले भाकियू असली द्वारा एनएच-24 रजबपुर पर चक्का जाम किए जाने के मामले में संगठन के पदाधिकारियों व किसानों पर मुकदमा दर्ज होने से भारतीय किसान महासंघ में उबाल आ गया है। मुकदमा होने के बाद किसानों का गुस्सा और भड़कता नजर आ रहा है। महासंघ ने अब रजबपुर को ही किसानों के आंदोलन का केंद्र घोषित करते हुए आंदोलनात्मक रणनीति बनानी शुरु कर दी है। जुलाई के पहले सप्ताह में रजबपुर में महासंघ के बैनर तले विभिन्न किसान संगठनों की महापंचायत बुलाने का निर्णय लिया गया है। महापंचायत की तिथि 19 को गांधी शांति प्रतिष्ठान नई दिल्ली में होने वाली बैठक में तय की जाएगी।
बता दें कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने और कर्ज माफी समेत किसानों के अन्य मुद्दों को लेकर भारतीय किसान महासंघ के बैनर तले भाकियू असली ने शुक्रवार को दोपहर 12 से तीन बजे तक रजबपुर नेशनल हाइवे पर प्रस्तावित चक्का जाम किया था। इस मामले में रजबपुर थाना पुलिस ने राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह समेत 17 लोगों को नामजद करते हुए 50-60 अज्ञात किसान नेताओं व किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। महासंघ के राष्ट्रीय सचिव व भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने बताया कि देेश भर के करीब 60 किसान संगठनों को संगठित करके भारतीय किसान महासंघ का गठन किया गया है। महासंघ के बैनर तले भाकियू असली ने शुक्रवार को रजबपुर हाइवे पर तीन घंटे का प्रस्तावित चक्का जाम किया था। पूरे मुरादाबाद मंडल में जगह-जगह प्रस्तावित चक्का जाम किया गया था। सिर्फ रजबपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। जो गलत है। किसान अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब रजबपुर ही किसानों के आंदोलन का मुख्य केंद्र बनेगा। इसके लिए जुलाई माह के पहले सप्ताह में रजबपुर में महासंघ की महापंचायत बुलाई जाएगी। 19 को गांधी शांति प्रतिष्ठान नई दिल्ली में आयोजित बैठक में महापंचायत की तिथि तय की जाएगी। किसानों को हक दिलाने के लिए जंग जारी रहेगी।
इनके खिलाफ हुआ मुकदमा
भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह, जिलाध्यक्ष महावीर सिंह, मंडलाध्यक्ष विरेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष संभल राजपाल सिंह, काविद्र सिंह, लालू सिंह, राजपाल सिंह, चन्नू सिंह, विजय सिंह, सुरेश सिंह, दिवाकर, डा. विजय, हरिराज शर्मा, भगवान सिंह, सोमपाल सिंह, संजीव गाधी, हरपाल सिंह के अलावा 50-60 किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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अमरोहा।
स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू किए जाने और कर्ज माफी समेत किसानों की अन्य मांगों को लेकर शुक्रवार को भारतीय किसान महासंघ के बैनर तले भाकियू असली द्वारा एनएच-24 रजबपुर पर चक्का जाम किए जाने के मामले में संगठन के पदाधिकारियों व किसानों पर मुकदमा दर्ज होने से भारतीय किसान महासंघ में उबाल आ गया है। मुकदमा होने के बाद किसानों का गुस्सा और भड़कता नजर आ रहा है। महासंघ ने अब रजबपुर को ही किसानों के आंदोलन का केंद्र घोषित करते हुए आंदोलनात्मक रणनीति बनानी शुरु कर दी है। जुलाई के पहले सप्ताह में रजबपुर में महासंघ के बैनर तले विभिन्न किसान संगठनों की महापंचायत बुलाने का निर्णय लिया गया है। महापंचायत की तिथि 19 को गांधी शांति प्रतिष्ठान नई दिल्ली में होने वाली बैठक में तय की जाएगी।
बता दें कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने और कर्ज माफी समेत किसानों के अन्य मुद्दों को लेकर भारतीय किसान महासंघ के बैनर तले भाकियू असली ने शुक्रवार को दोपहर 12 से तीन बजे तक रजबपुर नेशनल हाइवे पर प्रस्तावित चक्का जाम किया था। इस मामले में रजबपुर थाना पुलिस ने राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह समेत 17 लोगों को नामजद करते हुए 50-60 अज्ञात किसान नेताओं व किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। महासंघ के राष्ट्रीय सचिव व भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने बताया कि देेश भर के करीब 60 किसान संगठनों को संगठित करके भारतीय किसान महासंघ का गठन किया गया है। महासंघ के बैनर तले भाकियू असली ने शुक्रवार को रजबपुर हाइवे पर तीन घंटे का प्रस्तावित चक्का जाम किया था। पूरे मुरादाबाद मंडल में जगह-जगह प्रस्तावित चक्का जाम किया गया था। सिर्फ रजबपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। जो गलत है। किसान अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब रजबपुर ही किसानों के आंदोलन का मुख्य केंद्र बनेगा। इसके लिए जुलाई माह के पहले सप्ताह में रजबपुर में महासंघ की महापंचायत बुलाई जाएगी। 19 को गांधी शांति प्रतिष्ठान नई दिल्ली में आयोजित बैठक में महापंचायत की तिथि तय की जाएगी। किसानों को हक दिलाने के लिए जंग जारी रहेगी।
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इनके खिलाफ हुआ मुकदमा
भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह, जिलाध्यक्ष महावीर सिंह, मंडलाध्यक्ष विरेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष संभल राजपाल सिंह, काविद्र सिंह, लालू सिंह, राजपाल सिंह, चन्नू सिंह, विजय सिंह, सुरेश सिंह, दिवाकर, डा. विजय, हरिराज शर्मा, भगवान सिंह, सोमपाल सिंह, संजीव गाधी, हरपाल सिंह के अलावा 50-60 किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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