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कोटावाली के रपटे को नदी ने किया क्षतिग्रस्त
Updated Wed, 04 Jul 2018 12:56 AM IST
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नजीबाबाद। कोटवाली नदी का जलस्तर बढ़ने से भारी वाहनों के लिए बनाया गया वैकल्पिक रपटा क्षतिग्रस्त हो गया। क्षेत्र में निर्माणाधीन पक्के रपटे को भी नुकसान पहुुुंचा। रपटा क्षतिग्रस्त से हाइवे का यातायात प्रभावित रहा।
नजीबाबाद-हरिद्वार मार्ग पर कोटावाली नदी के पुल में तकनीकी खराबी आने के बाद पुल से अगस्त से भारी वाहनों का आवागमन बंद है। भारी वाहनों के आवागमन के लिए पुल के निकट आरवीएम डालकर वैकल्पिक रपटा बनाया गया था। हाइवे अथॉरिटी वैकल्पिक रपटे के निकट गत 6 माह से पक्का रपटा निर्माण करा रही है। उधर, कोटावाली के तकनीकी खराबी का शिकार पुल से छोटे वाहनों का आवागमन जारी है। सोमवार रात अचानक कोटावाली नदी का जलस्तर बढ़ गया। जलस्तर बढ़ने से कोटावाली नदी के वैकल्पिक रपटे को भारी क्षति पहुंची, जिससे पहले वाहनों का आवागमन ठप रहा।
उधर कोटावाली नदी का जलस्तर बढ़ने से वैकल्पिक रपटा मार्ग के निकट बनाए जा रहे पक्का रपटा मार्ग को भी कोटावाली नदी के पानी से नुकसान पहुंचा। रपटा निर्माण से जुड़ी राधा कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार ने वैकल्पिक और पक्के रपटे को बचाने के लिए सेंडबैग लगाए। कड़ी मशक्कत के बाद जलस्तर कम होने पर ठेकेदार व कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। जिससे हाइवे का वनवे यातायात फिर से क्षेत्र में मानसूनी वर्षा और पहाड़ों की वर्षा से कभी भी कोटावाली नदी का जलस्तर बढ़ जाता है। मानसून शुरू होते ही वैकल्पिक रपटा प्रभावित होने से इस बात की आशंका बन गई है कि आने वाले दिनों में कहीं कोटावाली नदी का उफान वैकल्पिक और निर्माणाधीन पक्के रपटे जिसकी दोनों साइड हाइवे से जोड़ी जानी हैं, कहीं नदी रपटे को बहा न ले जाए।
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नजीबाबाद-हरिद्वार मार्ग पर कोटावाली नदी के पुल में तकनीकी खराबी आने के बाद पुल से अगस्त से भारी वाहनों का आवागमन बंद है। भारी वाहनों के आवागमन के लिए पुल के निकट आरवीएम डालकर वैकल्पिक रपटा बनाया गया था। हाइवे अथॉरिटी वैकल्पिक रपटे के निकट गत 6 माह से पक्का रपटा निर्माण करा रही है। उधर, कोटावाली के तकनीकी खराबी का शिकार पुल से छोटे वाहनों का आवागमन जारी है। सोमवार रात अचानक कोटावाली नदी का जलस्तर बढ़ गया। जलस्तर बढ़ने से कोटावाली नदी के वैकल्पिक रपटे को भारी क्षति पहुंची, जिससे पहले वाहनों का आवागमन ठप रहा।
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उधर कोटावाली नदी का जलस्तर बढ़ने से वैकल्पिक रपटा मार्ग के निकट बनाए जा रहे पक्का रपटा मार्ग को भी कोटावाली नदी के पानी से नुकसान पहुंचा। रपटा निर्माण से जुड़ी राधा कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार ने वैकल्पिक और पक्के रपटे को बचाने के लिए सेंडबैग लगाए। कड़ी मशक्कत के बाद जलस्तर कम होने पर ठेकेदार व कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। जिससे हाइवे का वनवे यातायात फिर से क्षेत्र में मानसूनी वर्षा और पहाड़ों की वर्षा से कभी भी कोटावाली नदी का जलस्तर बढ़ जाता है। मानसून शुरू होते ही वैकल्पिक रपटा प्रभावित होने से इस बात की आशंका बन गई है कि आने वाले दिनों में कहीं कोटावाली नदी का उफान वैकल्पिक और निर्माणाधीन पक्के रपटे जिसकी दोनों साइड हाइवे से जोड़ी जानी हैं, कहीं नदी रपटे को बहा न ले जाए।
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