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महिलाओं की मदद को खुलेगा आशा ज्योति केंद्र, चलेगी रेस्क्यू वैन
Updated Sat, 17 Jun 2017 12:36 AM IST
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बिजनौर (ब्यूरो)। महिलाओं की किसी भी मदद के लिए जिले में एक रेस्क्यू वैन चलाई जाएगी और आशा ज्योति केंद्र खोला जाएगा। यह योजना अभी तक प्रदेश के 11 जिलों में ही चल रही है। अब इसे प्रदेश के बाकी जिलों में भी विस्तारित किया जाएगा। 102 और 108 एंबुलेंस को प्रदेश सरकार के 100 दिन पूरे होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रेस्क्यू वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
केंद्र सरकार की योजना के तहत 181 हेल्प लाइन को उत्तर प्रदेश में पिछले वर्ष शुरू किया गया था। इसके अलावा 11 जिलों में आशा ज्योति केंद्र भी स्थापित किए गए थे। अब सरकार योजना को 75 जिलों में लागू करने जा रही है। इसके लिए बचे 64 जिलों के लिए वैन आ चुकी है, और उनको योजना के लिए तैयार किया जा रहा है। जिला कोर्डिनेटर मनोज सावंत का कहना है कि 22 जून के बाद किसी भी दिन मुख्यमंत्री आदित्यनाथ हरी झंडी दिखाकर इन्हें जिले रवाना करेंगे।
वैन पर होगी महिला पुलिस और काउंसलर
जिले को मिलने वाली रेस्क्यू वैन में महिला पुलिस व काउंसलर की टीम मौजूद रहेगी। इसके अलावा मामला ज्यादा गंभीर होने पर टीम के साथ यूनिसेफ की टीम भी जाएगी। रेस्क्यू वैन में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगा होगा और इसके 181 हेल्प लाइन से मॉनिटर किया जाएगा।
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ऐसे करेगी हेल्पलाइन काम
181 हेल्पलाइन पर पीड़ित महिला की कॉल आते ही उसे यहां मौजूद काउंसलर के साथ ऑनलाइन कनेक्ट किया जाएगा। मामला ज्यादा गंभीर होने की स्थिति में अगर पीड़ित महिला अपने घर में नहीं रहना चाहती है तो उसे घर से आशा ज्योति केंद्र तक लाने के लिए रेस्क्यू वैन का इस्तेमाल किया जाएगा। काउंसलर से बातचीत के दौरान की वैन को पीड़ित महिला के पास रवाना किया जाएगा। उसे लगातार ट्रैक किया जाता रहेगा और इस बारे में पीड़ित को बताया जाता रहेगा।
महिलाओं के लिए लाभकारी है योजना : डीसी
102 और108 एंबुलेंस के जिला कोर्डिनेटर मनोज सावंत ने बताया कि इस योजना को प्रदेश सरकार के 100 दिन पूरे होने पर बाकी बचे 64 जिलों में प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। इसके लिए 64 रेस्क्यू वैन लखनऊ में आ गई है उन पर स्टिकर लगाने का कार्य चल रहा है। जैसे ही विभाग को मुख्यमंत्री आदित्यनाथ से समय दिया जाएगा वैसे ही वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर दिया जाएगा। यह योजना महिलाओं के लिए बहुत लाभकारी है। इससे आत्महत्या जैसी घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगेगा।
अभी तक प्रदेश के 11 जिलों में ही चल रही है 181 की सेवा
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केंद्र सरकार की योजना के तहत 181 हेल्प लाइन को उत्तर प्रदेश में पिछले वर्ष शुरू किया गया था। इसके अलावा 11 जिलों में आशा ज्योति केंद्र भी स्थापित किए गए थे। अब सरकार योजना को 75 जिलों में लागू करने जा रही है। इसके लिए बचे 64 जिलों के लिए वैन आ चुकी है, और उनको योजना के लिए तैयार किया जा रहा है। जिला कोर्डिनेटर मनोज सावंत का कहना है कि 22 जून के बाद किसी भी दिन मुख्यमंत्री आदित्यनाथ हरी झंडी दिखाकर इन्हें जिले रवाना करेंगे।
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वैन पर होगी महिला पुलिस और काउंसलर
जिले को मिलने वाली रेस्क्यू वैन में महिला पुलिस व काउंसलर की टीम मौजूद रहेगी। इसके अलावा मामला ज्यादा गंभीर होने पर टीम के साथ यूनिसेफ की टीम भी जाएगी। रेस्क्यू वैन में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगा होगा और इसके 181 हेल्प लाइन से मॉनिटर किया जाएगा।
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ऐसे करेगी हेल्पलाइन काम
181 हेल्पलाइन पर पीड़ित महिला की कॉल आते ही उसे यहां मौजूद काउंसलर के साथ ऑनलाइन कनेक्ट किया जाएगा। मामला ज्यादा गंभीर होने की स्थिति में अगर पीड़ित महिला अपने घर में नहीं रहना चाहती है तो उसे घर से आशा ज्योति केंद्र तक लाने के लिए रेस्क्यू वैन का इस्तेमाल किया जाएगा। काउंसलर से बातचीत के दौरान की वैन को पीड़ित महिला के पास रवाना किया जाएगा। उसे लगातार ट्रैक किया जाता रहेगा और इस बारे में पीड़ित को बताया जाता रहेगा।
महिलाओं के लिए लाभकारी है योजना : डीसी
102 और108 एंबुलेंस के जिला कोर्डिनेटर मनोज सावंत ने बताया कि इस योजना को प्रदेश सरकार के 100 दिन पूरे होने पर बाकी बचे 64 जिलों में प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। इसके लिए 64 रेस्क्यू वैन लखनऊ में आ गई है उन पर स्टिकर लगाने का कार्य चल रहा है। जैसे ही विभाग को मुख्यमंत्री आदित्यनाथ से समय दिया जाएगा वैसे ही वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर दिया जाएगा। यह योजना महिलाओं के लिए बहुत लाभकारी है। इससे आत्महत्या जैसी घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगेगा।
अभी तक प्रदेश के 11 जिलों में ही चल रही है 181 की सेवा