{"_id":"5fb6bbd18ebc3e9bb604eea6","slug":"159-policemen-attacked-in-corona-so-far-in-the-district-bijnor-news-mrt5117116115","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में अब तक 159 पुलिसकर्मियों पर कोरोना का हमला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में अब तक 159 पुलिसकर्मियों पर कोरोना का हमला
विज्ञापन
बिजनौर। जिले में अब तक 159 पुलिसकर्मियों पर कोरोना ने हमला किया है। इनमें से 89 पुलिसकर्मियों ने कोरोना को मात दी है, जबकि 70 पुलिसकर्मी अभी भी कोरोना से संघर्ष कर रहे हैं। हालांकि अभी तक किसी भी पुलिसकर्मी ने कोरोना से जान नहीं गंवाई है।
जनपद में सबसे पहले नहटौर के थाने के एक दरोगा में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। उन्हें उपचार के लिए तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू) मुरादाबाद में बने कोविड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वहां पर करीब 28 दिन उनका उपचार चलने के बाद उनकी तीसरी जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने पर उन्हें वहां से डिस्चार्ज किया गया था। करीब 58 वर्षीय दरोगा ने कोरोना संक्रमण की चपेट में आने पर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अन्य पुलिसकर्मियों के लिए भी वे मिसाल बने। बाहर से एक गांव में आए एक ही परिवार के तीन प्रवासियों का सैंपल कराने वाली टीम के साथ गए दरोगा को कोरोना संक्रमण ने अपनी चपेट में ले लिया था। बीमारी के दौरान भी दरोगा ने अपने कार्य को अंजाम दिया। इसके बाद से लगातार आए दिन जिले भर में कहीं न कहीं से पुलिस कर्मियों पर कोरोना हमला करता रहा।
गनीमत रही कि अब तक सभी पुलिसकर्मी सकुशल हैं। इनमें से सिंप्ट्रोमेटिक यानी लक्षणयुक्त मरीजों को उपचार के लिए मुरादाबाद और लक्षणविहीन कोरोना रोगियों को जिला महिला अस्पताल के पुराने भवन में बने एल-2 हॉस्पिटल में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। सीएमओ विजय कुमार यादव ने बताया कि पिछले सप्ताह ही दो दिन में पुलिसलाइन के 73 पुलिसकर्मियों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इतनी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव आए। अभी तक की जांच में पता चला कि इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी बेहतर है। उन्होंने बताया कि अब तक जिले में कोरोना से 54 रोगियों की मौत हुई है। इनमें एक भी पुलिसकर्मी शामिल नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जनपद में सबसे पहले नहटौर के थाने के एक दरोगा में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। उन्हें उपचार के लिए तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू) मुरादाबाद में बने कोविड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वहां पर करीब 28 दिन उनका उपचार चलने के बाद उनकी तीसरी जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने पर उन्हें वहां से डिस्चार्ज किया गया था। करीब 58 वर्षीय दरोगा ने कोरोना संक्रमण की चपेट में आने पर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अन्य पुलिसकर्मियों के लिए भी वे मिसाल बने। बाहर से एक गांव में आए एक ही परिवार के तीन प्रवासियों का सैंपल कराने वाली टीम के साथ गए दरोगा को कोरोना संक्रमण ने अपनी चपेट में ले लिया था। बीमारी के दौरान भी दरोगा ने अपने कार्य को अंजाम दिया। इसके बाद से लगातार आए दिन जिले भर में कहीं न कहीं से पुलिस कर्मियों पर कोरोना हमला करता रहा।
विज्ञापन
गनीमत रही कि अब तक सभी पुलिसकर्मी सकुशल हैं। इनमें से सिंप्ट्रोमेटिक यानी लक्षणयुक्त मरीजों को उपचार के लिए मुरादाबाद और लक्षणविहीन कोरोना रोगियों को जिला महिला अस्पताल के पुराने भवन में बने एल-2 हॉस्पिटल में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। सीएमओ विजय कुमार यादव ने बताया कि पिछले सप्ताह ही दो दिन में पुलिसलाइन के 73 पुलिसकर्मियों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इतनी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव आए। अभी तक की जांच में पता चला कि इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी बेहतर है। उन्होंने बताया कि अब तक जिले में कोरोना से 54 रोगियों की मौत हुई है। इनमें एक भी पुलिसकर्मी शामिल नहीं है।
विज्ञापन