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आंखों और त्वचा संबंधी रोगों का कवच
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बीमारियों से लड़ने का कवच बनेगी विटामिन ए की खुराक
बिजनौर। शासन के निर्देश पर जिले में पहली बार बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और आंखों तथा त्वचा संबंधी बीमारियों से लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से नौ माह से पांच साल तक के चार लाख 60 हजार बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाई जाएगी। अफसरों की मानें तो जिले में इस राष्ट्रीय कार्यक्रम की शुरूआत एक जुलाई से होने की उम्मीद है। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। करीब 375 टीमों का गठन किया जा चुका है।
भोजन में किसी प्रकार की अनियमितता से अगर विटामिन की कमी हो तो शरीर में विभिन्न प्रकार के रोग हो जाते हैं। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए अलग-अलग विटामिन की जरूरत होती है। शरीर में हड्डियों व मांसपेशियों की मजबूती व आंखों के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए विटामिन ए की आवश्यकता होती है। यही नहीं, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए काफी सहायक होता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए शासन ने जुलाई में बाल स्वास्थ्य पोषण माह के अंतर्गत प्रथम चरण में अभियान चलाकर बच्चों को इसकी खुराक पिलवाने का फैसला किया है। इसके अंतर्गत नौ माह से पांच साल तक के बच्चों को पिलाई जाने वाली इस खुराक को लेकर विभाग की ओर से तैयारी शुरू करने के साथ गठित टीम में शामिल एएनएम व आशाओं को निर्देश दिए जा चुके हैं कि वे टीकाकरण के लिए उप केंद्रों पर पहुंचने वाले बच्चों के टीकाकरण के साथ साथ विटामिन ए की खुराक भी पिलाई जाए। अपर शोध अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि जिले के करीब चार लाख 60 हजार बच्चों विटामिन ए की खुराक पिलाई जाएगी। यह कार्यक्रम आगे भी चलता रहेगा। उन्होंने बताया कि शासन की मंशा है कि बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी न रहे।
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बिजनौर। शासन के निर्देश पर जिले में पहली बार बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और आंखों तथा त्वचा संबंधी बीमारियों से लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से नौ माह से पांच साल तक के चार लाख 60 हजार बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाई जाएगी। अफसरों की मानें तो जिले में इस राष्ट्रीय कार्यक्रम की शुरूआत एक जुलाई से होने की उम्मीद है। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। करीब 375 टीमों का गठन किया जा चुका है।
भोजन में किसी प्रकार की अनियमितता से अगर विटामिन की कमी हो तो शरीर में विभिन्न प्रकार के रोग हो जाते हैं। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए अलग-अलग विटामिन की जरूरत होती है। शरीर में हड्डियों व मांसपेशियों की मजबूती व आंखों के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए विटामिन ए की आवश्यकता होती है। यही नहीं, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए काफी सहायक होता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए शासन ने जुलाई में बाल स्वास्थ्य पोषण माह के अंतर्गत प्रथम चरण में अभियान चलाकर बच्चों को इसकी खुराक पिलवाने का फैसला किया है। इसके अंतर्गत नौ माह से पांच साल तक के बच्चों को पिलाई जाने वाली इस खुराक को लेकर विभाग की ओर से तैयारी शुरू करने के साथ गठित टीम में शामिल एएनएम व आशाओं को निर्देश दिए जा चुके हैं कि वे टीकाकरण के लिए उप केंद्रों पर पहुंचने वाले बच्चों के टीकाकरण के साथ साथ विटामिन ए की खुराक भी पिलाई जाए। अपर शोध अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि जिले के करीब चार लाख 60 हजार बच्चों विटामिन ए की खुराक पिलाई जाएगी। यह कार्यक्रम आगे भी चलता रहेगा। उन्होंने बताया कि शासन की मंशा है कि बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी न रहे।
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