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गांवों में तैयार होंगे जल बचाओ सैनिक
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गांवों में तैयार किए जाएंगे जल बचाओ सैनिक
बिजनौर। पंचायतराज विभाग गांव-गांव जल ही जीवन है का संदेश देगा। आजादी आंदोलन की तर्ज पर जल संचरण को जन आंदोलन बनाया जाएगा। गांवों में जल बचाओ सैनिक तैयार किए जाएंगे। जिला पंचायतराज विभाग अभियान की तैयारियों में जुट गया है। जल बचाओ आंदोलन से जुडे़ वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगला विश्व युद्ध पानी के लिए होगा। लोग जागरूक नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ियों को पानी नसीब नहीं होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल संचरण के लिए गांव के हर व्यक्ति को जोड़ने पर बल दिया है। प्रधानमंत्री ने गांव के सरपंचों को पत्र भेजे हैं। कहा गया है कि ऐसा कुछ प्रावधान किया जाए कि बारिश का पानी हम ज्यादा से ज्यादा सुरक्षित कर सकें। इसके लिए खेतों की डौलबंदी की जाए। तालाबों की खुदाई और सफाई की जाए। पौधारोपण पर बल दिया जाए। गांवों में जलाशय बनाए जाए। प्रधानमंत्री की मंशा है कि खेत का पानी खेत में ही रहे और गांव का पानी गांव में रहे। किसी भी हालत में पानी की बर्बादी नहीं होनी चाहिए। ऐसा करने से खेतों की पैदावार बढे़गी और जल संकट से भी बचा जा सकेगा।
जिला पंचायतराज अधिकारी सतीश कुमार के अनुसार प्रधानमंत्री के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को लागू करने के लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। ग्रामपंचायतों की बैठक करके जल संरक्षण के फायदे बताए जाएंगे। घर घर प्रधानमंत्री के संदेश को पहुंचाया जाएगा। ग्राम पंचायत सचिवों को ग्रामीणों को प्रेरित करने के लिए लगाया जाएगा। गांवों में जल बचाओ चेतना मीटिंग होंगी। जल सैनिक बनाए जाएंगे जो घर घर संपर्क करके जल की बर्बादी रोकने पर जोर देंगे। बारिश से पहले यह अभियान शुरू हो जाएगा।
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बिजनौर। पंचायतराज विभाग गांव-गांव जल ही जीवन है का संदेश देगा। आजादी आंदोलन की तर्ज पर जल संचरण को जन आंदोलन बनाया जाएगा। गांवों में जल बचाओ सैनिक तैयार किए जाएंगे। जिला पंचायतराज विभाग अभियान की तैयारियों में जुट गया है। जल बचाओ आंदोलन से जुडे़ वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगला विश्व युद्ध पानी के लिए होगा। लोग जागरूक नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ियों को पानी नसीब नहीं होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल संचरण के लिए गांव के हर व्यक्ति को जोड़ने पर बल दिया है। प्रधानमंत्री ने गांव के सरपंचों को पत्र भेजे हैं। कहा गया है कि ऐसा कुछ प्रावधान किया जाए कि बारिश का पानी हम ज्यादा से ज्यादा सुरक्षित कर सकें। इसके लिए खेतों की डौलबंदी की जाए। तालाबों की खुदाई और सफाई की जाए। पौधारोपण पर बल दिया जाए। गांवों में जलाशय बनाए जाए। प्रधानमंत्री की मंशा है कि खेत का पानी खेत में ही रहे और गांव का पानी गांव में रहे। किसी भी हालत में पानी की बर्बादी नहीं होनी चाहिए। ऐसा करने से खेतों की पैदावार बढे़गी और जल संकट से भी बचा जा सकेगा।
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जिला पंचायतराज अधिकारी सतीश कुमार के अनुसार प्रधानमंत्री के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को लागू करने के लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। ग्रामपंचायतों की बैठक करके जल संरक्षण के फायदे बताए जाएंगे। घर घर प्रधानमंत्री के संदेश को पहुंचाया जाएगा। ग्राम पंचायत सचिवों को ग्रामीणों को प्रेरित करने के लिए लगाया जाएगा। गांवों में जल बचाओ चेतना मीटिंग होंगी। जल सैनिक बनाए जाएंगे जो घर घर संपर्क करके जल की बर्बादी रोकने पर जोर देंगे। बारिश से पहले यह अभियान शुरू हो जाएगा।
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