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धरने पर बैठे कलक्ट्रेट कर्मी आपस में भिड़े, हंगामा
Updated Fri, 30 Nov 2018 01:13 AM IST
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अमरोहा। दो दिवसीय कार्यबहिष्कार कर धरने पर बैठक कर्मचारी आपस में भिड़ गए। दो कर्मचारियों के बीच जमकर गालीगलौच और नोकझोंक हुई। देखते ही देखते कलक्ट्रेट परिसर में हंगामा खड़ा हो गया। कर्मचारियों को भिड़ता देख फरियादियों की भीड़ जमा हो गई।
हंगामा बढ़ता देख डीएम के ओएसडी ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। इसके बाद कर्मचरियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित चौदह सूत्री ज्ञापन डीएम को सौंपा। जल्द की समस्याओं का निस्तारण नहीं होने पर कर्मचारियों ने आंदोलन की चेतवानी दी है।
उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रीयल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ के आह्वान पर अध्यक्ष राजीव सिंह के नेतृत्व में तमाम कर्मचारी कार्यबिहष्कार पर रहे। इसके चलते कार्यालयों में काम काज ठप रहा। कर्मचारी एकत्र होकर डीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।
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वक्ताओं ने कहा कि कलक्ट्रेट लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों को नायब तहसीलदार के दस प्रतिशत पदों पर प्रोन्नति दी जाए। जनपद मुख्यालय स्तर पर कलक्ट्रेट का नाम कार्यालय जिलाधिकारी के स्थान पर मिनी जनपद सचिवालय रखा जाए।
भूलेख लिपिक को पूर्व की तरह कलक्ट्रेट अधिष्ठान में वापस किया जाए। कलक्ट्रेट में लेखा का कार्य संपादित करने वाले पटल सहायकों को लेखा संवर्ग का वेतन दिया जाए। प्रदेश के 21 नवसृजित जनपदों में ज्येष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं नवसृजित तहसीलों में प्रशासनिक अधिकारी का पद सृजित करने के साथ ही पुरानी पेंशन बहाल की जाए। वहीं, संघ के कार्यालय के लिए एक कक्ष आवंटित किया जाए।
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हंगामा बढ़ता देख डीएम के ओएसडी ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। इसके बाद कर्मचरियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित चौदह सूत्री ज्ञापन डीएम को सौंपा। जल्द की समस्याओं का निस्तारण नहीं होने पर कर्मचारियों ने आंदोलन की चेतवानी दी है।
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उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रीयल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ के आह्वान पर अध्यक्ष राजीव सिंह के नेतृत्व में तमाम कर्मचारी कार्यबिहष्कार पर रहे। इसके चलते कार्यालयों में काम काज ठप रहा। कर्मचारी एकत्र होकर डीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।
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वक्ताओं ने कहा कि कलक्ट्रेट लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों को नायब तहसीलदार के दस प्रतिशत पदों पर प्रोन्नति दी जाए। जनपद मुख्यालय स्तर पर कलक्ट्रेट का नाम कार्यालय जिलाधिकारी के स्थान पर मिनी जनपद सचिवालय रखा जाए।
भूलेख लिपिक को पूर्व की तरह कलक्ट्रेट अधिष्ठान में वापस किया जाए। कलक्ट्रेट में लेखा का कार्य संपादित करने वाले पटल सहायकों को लेखा संवर्ग का वेतन दिया जाए। प्रदेश के 21 नवसृजित जनपदों में ज्येष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं नवसृजित तहसीलों में प्रशासनिक अधिकारी का पद सृजित करने के साथ ही पुरानी पेंशन बहाल की जाए। वहीं, संघ के कार्यालय के लिए एक कक्ष आवंटित किया जाए।