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इस बार भी विदुरकुटी के सामने ही लगेगा गंगा मेला
Updated Wed, 27 Sep 2017 01:48 AM IST
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विदुरकुटी के सामने ही लगेगा गंगा मेला
बिजनौर। कार्तिक पूर्णिमा पर इस बार भी विदुरकुटी के सामने ही भागीरथी के तट पर मेला लगेगा। जिला पंचायत ने अभी से मेला लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। अफसरों की टीम ने मेला लगाने वाले स्थान का सर्वे भी कर लिया है। मेला पिछले साल वाले स्थान पर ही लगाया जाएगा।
कार्तिक पूर्णिमा पर हर साल भागीरथी के तट पर मेला लगता है। श्रद्धालु कई दिन तक तंबू लगाकर मेले में रहते हैं। कई लाख श्रद्धालु मेले में गंगा स्नान करने जाते हैं। पिछले कई सालों से मेला विदुरकुटी के सामने लग रहा है। कई साल तक मेला जलालपुर गंगा घाट पर भी लग चुका हैं। मेले के लिए गंगा के किनारे रेतीला क्षेत्र होना जरूरी है। रेत में ही मेला लगाया जाता है। जिला पंचायत की ओर से मेले के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी गई हैं। मेला एक नवंबर से लगेगा, चार नवंबर को गंगा स्नान है। जिला पंचायत के अभियंता इरशाद अहमद और सहायक अभियंता कपिल देव ने अपनी टीम के साथ मंगलवार को मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया और मेले के लिए रेतीला स्थान देखा। कपिल देव के मुताबिक विदुर कुटी से 2700 मीटर की दूरी उस स्थान पर ही लगेगा, जहां पिछले साल लगा था। इस क्षेत्र में गंगा ने खूब रेत छोड़ा है, यह स्थान मेले के उपयुक्त है।
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बिजनौर। कार्तिक पूर्णिमा पर इस बार भी विदुरकुटी के सामने ही भागीरथी के तट पर मेला लगेगा। जिला पंचायत ने अभी से मेला लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। अफसरों की टीम ने मेला लगाने वाले स्थान का सर्वे भी कर लिया है। मेला पिछले साल वाले स्थान पर ही लगाया जाएगा।
कार्तिक पूर्णिमा पर हर साल भागीरथी के तट पर मेला लगता है। श्रद्धालु कई दिन तक तंबू लगाकर मेले में रहते हैं। कई लाख श्रद्धालु मेले में गंगा स्नान करने जाते हैं। पिछले कई सालों से मेला विदुरकुटी के सामने लग रहा है। कई साल तक मेला जलालपुर गंगा घाट पर भी लग चुका हैं। मेले के लिए गंगा के किनारे रेतीला क्षेत्र होना जरूरी है। रेत में ही मेला लगाया जाता है। जिला पंचायत की ओर से मेले के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी गई हैं। मेला एक नवंबर से लगेगा, चार नवंबर को गंगा स्नान है। जिला पंचायत के अभियंता इरशाद अहमद और सहायक अभियंता कपिल देव ने अपनी टीम के साथ मंगलवार को मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया और मेले के लिए रेतीला स्थान देखा। कपिल देव के मुताबिक विदुर कुटी से 2700 मीटर की दूरी उस स्थान पर ही लगेगा, जहां पिछले साल लगा था। इस क्षेत्र में गंगा ने खूब रेत छोड़ा है, यह स्थान मेले के उपयुक्त है।
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