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अब सीवर टैंक से निकली गंदगी को वार्ड में ही किया जाएगा खत्म
Updated Sat, 29 Jul 2017 12:27 AM IST
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बिजनौर । दक्षिण भारत के शहरों की तरह बिजनौर नगर पालिका क्षेत्र में सीवर टैंक से निकलने वाली गंदगी का अब वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण होगा। ओडीएफ प्लस अभियान के अंतर्गत वार्डों में ही सेफ्टेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाकर इस गंदगी से खाद बनाया जाएगा। गंदगी को खुले में डालने पर होने वाले पर्यावरण प्रदूषण, बीमारी फैलने के खतरे और मिट्टी की उर्वरक क्षमता खत्म होने के खतरे से भी निजात मिलेगी।
नागरिक सीवर के भर जाने पर उस मशीनों से खाली करा देते हैं। नगर पालिका क्षेत्र में सीवर का ट्रीटमेंट प्लांट न होने के कारण इस गंदगी को सड़क किनारे ही ठिकाने लगाया जाता है। जिससे बीमारी फैलने और मिट्टी की उर्वरक क्षमता घटने का खतरा भी रहता है। दक्षिण भारत में इस गंदगी को सेफ्टेज मैनेजमेंट प्लांट के जरिए वैज्ञानिक तरीके से खत्म कर इसका खाद बनाया जाता है। ओडीएफ अभियान के तहत अब बिजनौर में भी चार सेफ्टेज मैनेजमेंट प्लांट बनाए जाएंगे।
ऐसे करता है काम
सेफ्टेज मैनेजमेंट प्लांट के लिए एक हजार वर्ग फीट जगह पर्याप्त होती है। यह मोहल्लों में ही अंडरग्राउंड बनाया जाता है। सीवर से गंदगी निकालकर प्लांट के चैंबर में डाली जाती है और पेड़ों की पत्तियां डाली जाती हैं। 21 से 25 दिन के अंदर यह खाद में बदल जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में दुर्गंध नहीं आती है।
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नगर पालिका ईओ इंद्रपाल सिंह के अनुसार जल्दी ही सेफ्टेज मैनेजमेंट प्लांट पर काम शुरू हो जाएगा। इससे पर्यावरण और जनता को बहुत फायदा होगा।
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नागरिक सीवर के भर जाने पर उस मशीनों से खाली करा देते हैं। नगर पालिका क्षेत्र में सीवर का ट्रीटमेंट प्लांट न होने के कारण इस गंदगी को सड़क किनारे ही ठिकाने लगाया जाता है। जिससे बीमारी फैलने और मिट्टी की उर्वरक क्षमता घटने का खतरा भी रहता है। दक्षिण भारत में इस गंदगी को सेफ्टेज मैनेजमेंट प्लांट के जरिए वैज्ञानिक तरीके से खत्म कर इसका खाद बनाया जाता है। ओडीएफ अभियान के तहत अब बिजनौर में भी चार सेफ्टेज मैनेजमेंट प्लांट बनाए जाएंगे।
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ऐसे करता है काम
सेफ्टेज मैनेजमेंट प्लांट के लिए एक हजार वर्ग फीट जगह पर्याप्त होती है। यह मोहल्लों में ही अंडरग्राउंड बनाया जाता है। सीवर से गंदगी निकालकर प्लांट के चैंबर में डाली जाती है और पेड़ों की पत्तियां डाली जाती हैं। 21 से 25 दिन के अंदर यह खाद में बदल जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में दुर्गंध नहीं आती है।
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नगर पालिका ईओ इंद्रपाल सिंह के अनुसार जल्दी ही सेफ्टेज मैनेजमेंट प्लांट पर काम शुरू हो जाएगा। इससे पर्यावरण और जनता को बहुत फायदा होगा।