फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   15 big heifers and six cubs were caught in seven months in the district

हेडिंग: सात माह में 15 बड़े गुलदार और छह शावक पकड़े

Mon, 14 Aug 2023 11:06 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Mon, 14 Aug 2023 11:06 PM IST
विज्ञापन
15 big heifers and six cubs were caught in seven months in the district
अफजलगढ़ के गांव महसनपुर के जंगल में गुलदार के पिंजरे में कैद होने के बाद मौके पर मौजूद वन विभाग
नंबर गेम
विज्ञापन

-21 छोटे-बड़े कुल गुलदार सात माह में पकड़े गए
-17 गांव रेहड़ और नगीना क्षेत्र के ऐसे हैं जहां सबसे ज्यादा हमले हुए
-13 लोगों की जान साढ़े सात माह में गुलदार के हमलों में गई
-04 हाथी और 100 सदस्य टीम कर रहीं गुलदार की तलाश
-40 ट्रैप कैमरा, 04 ड्रोन की मदद से चल रही गुलदारों की तलाश
-----
रजनीश त्यागी
बिजनौर। जिले में गुलदार कितने हैं, इसका जबाव किसी के पास नहीं है। हां केवल अनुमान लगाया जा सकता है। पिछले सात माह में जिले में 15 बड़े गुलदार पकड़े गए और छह गुलदार के शावक मिले। इनके अलावा कई ऐसे भी रहे, जो केवल दिखे, लेकिन पकड़ में नहीं आए। सात माह में कुल 21 छोटे-बड़े गुलदार पकड़ में आए। लोगों पर हमले की बात करें तो साढ़े सात माह में 13 लोगों की जान चली गई, वहीं 25 से ज्यादा घायल हो गए। इस समय हाथी, ट्रैंक्यूलाइज विशेषज्ञ, शूटर समेत 100 से ज्यादा सदस्यों की टीम गुलदार की तलाश में जुटी हुई हैं।
जिले में पिछले साल गुलदार की मौजूदगी की शिकायतें भले ही आई हो, लेकिन इंसानों पर हमले कम हुए थे। इस साल की शुरुआत से ही हमले तेज हो गए। एक के बाद एक हमले होते गए और 13 लोगों ने अपनी जान गवां दी। वहीं घायलों की संख्या 20 से भी ज्यादा रही। गुलदारों ने न सिर्फ हमले किए, बल्कि वन विभाग के पिंजरों में भी लगातार गुलदार फंसते गए। पिछले एक सप्ताह में ही पांच गुलदार पकड़े जा चुके हैं। जहां पूरे साल में यह संख्या 21 रही। ऐसे में अनुमान तो यह है कि जिले में 400 से भी ज्यादा गुलदार गन्ने के खेतों में हो सकते हैं।
विज्ञापन


जंगल से सटे 42 गांवों में अधिक खतरा
अमानगढ़ और नगीना रेंज से सटे गांवों को इसके लिए संवेदनशील घोषित कर दिया गया है। इन दोनों रेंज में 42 गांव जंगल सीमा के पास हैं। जिनमें बाघ और गुलदार की मौजूदगी का खतरा पहले ही सता रहा था। इस साल गुलदार जंगलों से बाहर निकले और इन संवेदनशील गांवों सहित अन्य जगहों पर भी हमले किए।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब चिड़ियाघर भेजे जा रहे गुलदार, पूरी जिंदगी वहीं रहेंगे
अब वन विभाग जिन गुलदार को पकड़ रहा है, उन्हें जंगल में नहीं छोड़ा जा रहा है। रविवार की रात जिन गुलदार को पकड़ा गया, उन्हें गोरखपुर चिड़ियाघर भेजा गया। चूंकि बिजनौर में कौन सा गुलदार हमलावर है, इसका पता नहीं चल पा रहा है। ऐसे में आशंका के आधार पर ही इन्हें चिड़ियाघर में भेजा जा रहा है।

----------------
बिजनौर-गुलदार के पकड़े जाने की सूची
-29 जनवरी 2023 को चांदपुर रेंज के गांव धमरौला में गुलदार को कुएं से रेस्क्यू कर वन क्षेत्र में छोड़ा गया।
-17 फरवरी 2023 को नगीना रेंज के गांव किरतपुर में पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ा गया और अमानगढ़ रेंज के तहत जसपुर कक्ष संख्या एक में छोड़ा गया।
-तीन मार्च 2023 को धामपुर रेंज के गांव शेरपुर बल्ला में पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ा और अमानगढ़ रेंज के तहत जसपुर कक्ष संख्या एक में छोड़ा गया।
-18 मार्च 2023 को नगीना रेंज के गांव काजीवाला में पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ा और अमानगढ़ रेंज के तहत जसपुर कक्ष संख्या एक में छोड़ा गया।
-23 मार्च 2023 को बिजनौर रेंज के गांव ननूपुरा में पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ा और अमानगढ़ रेंज के तहत जसपुर कक्ष संख्या एक में छोड़ा गया।
-26 मार्च 2023 को बिजनौर रेंज के गांव ननूपुरा में पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ा और अमानगढ़ रेंज के तहत जसपुर कक्ष संख्या एक में छोड़ा गया।
-14 अप्रैल 2023 को बिजनौर रेंज के गांव छजपुरा में एक गुलदार खटके फंसा मिला, जिसको लायन सफारी इटावा भेजा गया।
-15 अप्रैल 2023 को चांदपुर रेंज के गांव कुलचाना में एक गुलदार शावक ग्रामीण बस्ती में आया गया था, जिसका रेस्क्यू कर वन क्षेत्र में छोड़ा गया।
-16 अप्रैल 2023 को नगीना रेंज के गांव पखनपुर में एक सूखे कुंए में गिरे गुलदार को रेस्क्यू कर वन क्षेत्र में छोड़ा गया।
-सात मई 2023 को बिजनौर रेंज के गांव दावरपुर में कृषि भूमि से दो गुलदार शावक रेस्क्यू कर लायन सफारी पार्क इटावा भेजे गए।
-19 जून 2023 को बिजनौर रेंज के गांव नसीरी में कृषि भूमि से दो गुलदार शावकों का रेस्क्यू किया गया। जिन्हें प्राणि उद्यान भेजने के लिए उच्च स्तर को पत्र भेजा गया है।
-09 अगस्त रेहड़ क्षेत्र के गांव सादकपुर में एक गुलदार पकड़ा गया
-12 अगस्त की रात शेरकोट कस्बे में एक घर के अंदर गुलदार घुसा, उसे पकड़ा गया
-13 अगस्त को गांव कांदला में एक गुलदार पकड़ा गया
-13 अगस्त की रात धामपुर के गांव मोहड़ा और अफजलगढ़ के गांव महसनपुर में दो गुलदार पकड़े
--------

ग्रामीणों के लिए एडवाइजरी जारी

क्या करें

- खेतों में दा या उससे अधिक के समूह में जाएं

- गन्ना काटने से पहले वन्य जीव भगाने के लिए हाका करें

- खेत में मोबाइल या रेडियो पर तेज आवाज में गाने चलाएं

- काम करते समय एक व्यक्ति को निगरानी के लिए लगाएं

- खेतों में काम करते समय सिर पर हेलमेट या नकपैड पहनें

- अधिक रात में खेतों पर न जाएं, खेतों की निगरानी मचान से करें

- वन्य जीव दिखने पर वन अधिकारियों को तुरंत सूचना दें



यह न करने की दी गई सलाह

- खेतों पर अकेले न जाएं, छोटे बच्चों को अकेले न भेजें

- गन्ने की कटाई बैठकर या झुककर न करें

- खेतों की रखवाली करते समय भूमि या चारपाई पर न सोएं

- वन्य जीव दिखने पर उसे न छेड़ें और उसके रास्ते में न आएं
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed