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कब्जामुक्त भूमि पर गोशाला निर्माण शुरू
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कब्जामुक्त भूमि पर गोशाला निर्माण शुरू
अफजलगढ़। शासन के आदेश पर मोहल्ला किला में अमला नदी पुल के समीप ग्राम समाज की भूमि को कब्जामुक्त कराकर पालिका ने पौने दो करोड़ रुपये की लागत से कान्हा पशु आश्रयस्थल (गोशाला) का निर्माण शुरू कर दिया है। चाहरदीवारी की नींव खुदवाकर भराव कार्य शुरू करा दिया गया है। पालिका अध्यक्ष के पति सलीम अंसारी के मुताबिक गाटा संख्या 347,348 में लगभग नौ बीघा भूमि में गोशाला का निर्माण कराया जा रहा है। फिलहाल एक हॉल व एक ऑफिस भवन और पशुओं के पानी पीने के लिए वाटर सप्लाई बोर का कार्य चल रहा है। गोशाला में टीनशेड डबल चर और एक बायोगैस प्लांट का निर्माण भी कराया जाएगा। गोशाला निर्माण के लिए शासन से एक करोड़ 64 लाख 56 हजार रुपये स्वीकृत हुए हैं। एक करोड़ रुपये शासन ने तत्काल अवमुक्त कर दिया। जेई आरपी यादव के अनुसार गोशाला को हाईटेक बनाया जा रहा था, ताकि गोशाला में पशुओं को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। गोशाला में पशुओं के रहन-सहन का पूरा खयाल रखा गया है। अफजलगढ़ ब्लॉक क्षेत्र में सबसे ज्यादा लागत से गोशाला का निर्माण कराया जाएगा।
पशुशालाओं में लगेंगे पंखे
गोशाला में पशु सर्दी, गर्मी व बरसात के मौसम में पूरी तरह से महफूज रहेंगे। पशुओं के लिए गर्मी से निजात के लिए पंखे भी लगाए जाएंगे, ताकि किसी भी मौसम में पशुओं को कोई परेशानी न हो। कई बार गर्मी से गोवंश बीमार हो जाता है। इसका भी पूरा ध्यान रखा गया है।
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नस्ल सुधार की रहेगी व्यवस्था
गोशाला में पशुओं की नस्ल सुधार की व्यवस्था रहेगी। पशुओं की नस्ल सुधार को सरकार गंभीरता से ले रही है। ताकि बेहतर नस्ल के पशु तैयार कर अधिक से अधिक दूध उत्पादन किया जाए। पशुओं की नस्ल सुधार में गोशाला किसानों के लिए भी वरदान साबित होगी।
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पांच कर्मचारी करेंगे पशुओं की देखभाल
पशुओं की देखभाल के लिए पांच कर्मचारियों को रखा जाएगा, जो पशुओं के रहन-सहन व पानी तथा चारा करने की व्यवस्था करेंगे। पशुओं को हरा चारा खिलाने के लिए खाली भूमि का उपयोग होगा। कर्मचारी गोशाला की खाली पड़ी भूमि में पशुओं के लिए खाने के चारा पैदा करेंगे।
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बायोगैस प्लांट का होगा व्यवसायिक उपयोग
गोशाला में बायोगैस प्लांट भी लगाया जाएगा। जिसका उपयोग व्यवसायिक उपयोग में लाया जाएगा। उससे राजस्व हासिल कर गोशाला विस्तार में वृद्धि की जाएगी। गोशाला में तीन सौ पशुओं को रखने की व्यवस्था रहेगी। आसपास घूम रहे आवारा पशुओं को उसी में रखा जाएगा।
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भूमि को कब्जा मुक्त कराकर निर्माण शुरू किया
सीएम के आदेश पर आवारा पशुओं से किसानों के नुकसान की फजीहत होने के बाद एसडीएम कुंवर वीरेंद्र मौर्य ने भूमि को कब्जामुक्त कराकर गोशाला निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा। प्रस्ताव पहुंचते ही शासन से धन स्वीकृत कर दिया, जिसके चलते पालिका ने आननफानन में गोशाला निर्माण का कार्य तेजी से शुरू करा दिया।
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अफजलगढ़। शासन के आदेश पर मोहल्ला किला में अमला नदी पुल के समीप ग्राम समाज की भूमि को कब्जामुक्त कराकर पालिका ने पौने दो करोड़ रुपये की लागत से कान्हा पशु आश्रयस्थल (गोशाला) का निर्माण शुरू कर दिया है। चाहरदीवारी की नींव खुदवाकर भराव कार्य शुरू करा दिया गया है। पालिका अध्यक्ष के पति सलीम अंसारी के मुताबिक गाटा संख्या 347,348 में लगभग नौ बीघा भूमि में गोशाला का निर्माण कराया जा रहा है। फिलहाल एक हॉल व एक ऑफिस भवन और पशुओं के पानी पीने के लिए वाटर सप्लाई बोर का कार्य चल रहा है। गोशाला में टीनशेड डबल चर और एक बायोगैस प्लांट का निर्माण भी कराया जाएगा। गोशाला निर्माण के लिए शासन से एक करोड़ 64 लाख 56 हजार रुपये स्वीकृत हुए हैं। एक करोड़ रुपये शासन ने तत्काल अवमुक्त कर दिया। जेई आरपी यादव के अनुसार गोशाला को हाईटेक बनाया जा रहा था, ताकि गोशाला में पशुओं को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। गोशाला में पशुओं के रहन-सहन का पूरा खयाल रखा गया है। अफजलगढ़ ब्लॉक क्षेत्र में सबसे ज्यादा लागत से गोशाला का निर्माण कराया जाएगा।
पशुशालाओं में लगेंगे पंखे
गोशाला में पशु सर्दी, गर्मी व बरसात के मौसम में पूरी तरह से महफूज रहेंगे। पशुओं के लिए गर्मी से निजात के लिए पंखे भी लगाए जाएंगे, ताकि किसी भी मौसम में पशुओं को कोई परेशानी न हो। कई बार गर्मी से गोवंश बीमार हो जाता है। इसका भी पूरा ध्यान रखा गया है।
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नस्ल सुधार की रहेगी व्यवस्था
गोशाला में पशुओं की नस्ल सुधार की व्यवस्था रहेगी। पशुओं की नस्ल सुधार को सरकार गंभीरता से ले रही है। ताकि बेहतर नस्ल के पशु तैयार कर अधिक से अधिक दूध उत्पादन किया जाए। पशुओं की नस्ल सुधार में गोशाला किसानों के लिए भी वरदान साबित होगी।
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पांच कर्मचारी करेंगे पशुओं की देखभाल
पशुओं की देखभाल के लिए पांच कर्मचारियों को रखा जाएगा, जो पशुओं के रहन-सहन व पानी तथा चारा करने की व्यवस्था करेंगे। पशुओं को हरा चारा खिलाने के लिए खाली भूमि का उपयोग होगा। कर्मचारी गोशाला की खाली पड़ी भूमि में पशुओं के लिए खाने के चारा पैदा करेंगे।
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बायोगैस प्लांट का होगा व्यवसायिक उपयोग
गोशाला में बायोगैस प्लांट भी लगाया जाएगा। जिसका उपयोग व्यवसायिक उपयोग में लाया जाएगा। उससे राजस्व हासिल कर गोशाला विस्तार में वृद्धि की जाएगी। गोशाला में तीन सौ पशुओं को रखने की व्यवस्था रहेगी। आसपास घूम रहे आवारा पशुओं को उसी में रखा जाएगा।
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भूमि को कब्जा मुक्त कराकर निर्माण शुरू किया
सीएम के आदेश पर आवारा पशुओं से किसानों के नुकसान की फजीहत होने के बाद एसडीएम कुंवर वीरेंद्र मौर्य ने भूमि को कब्जामुक्त कराकर गोशाला निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा। प्रस्ताव पहुंचते ही शासन से धन स्वीकृत कर दिया, जिसके चलते पालिका ने आननफानन में गोशाला निर्माण का कार्य तेजी से शुरू करा दिया।