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पहाड़ों पर बारिश से मैदान में नदियों का कहर जारी

Sun, 06 Aug 2017 12:28 AM IST
Updated Sun, 06 Aug 2017 12:28 AM IST
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पहाड़ों पर बारिश से मैदान में नदियों का कहर जारी
बिजनौर/मंडावर/बेगावाला। पहाड़ों पर हो रही बारिश से मैदानी क्षेत्र में गंगा का कहर जारी है। बालावाली में यूपी-उत्तराखंड को जोड़ने वाली सड़क पर दो से तीन फीट तक पानी चलने से आवागमन अवरुद्ध हो गया है। किसानों के खेत काटते हुए गंगा गांवों की ओर बढ़ रही है। प्रशासन द्वारा अब तक कोई कार्रवाई न किए जाने पर गांव वाले खुद ही बोरी में मिट्टी भरकर अपने खेतों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
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गांव ब्रह्मपुरी में दूसरे दिन भी गंगा का पानी भरा रहा। गांव वाले बाढ़ के आतंक के साये में जी रहे हैं। कई गांवों को जोड़ने वाले मालन नदी के रपटे पर अब भी तीन से चार फीट पानी चल रहा है। किसी हादसे की आशंका के चलते अब गांव वाले रपटे से भी पुल पार नहीं कर रहे हैं और गांव में रहने में ही भलाई समझ रहे हैं। बालावाली में शनिवार दोपहर तक गंगा का पानी मंदिर सामने रपटे पर आ गया। यह रपटा यूपी-उत्तराखंड को जोड़ता है। रपटे पर पानी आने से यहां से गुजरने वाला यातायात अवरुद्ध हो गया है। बिजनौर-नजीबाबाद रोड पर भी मालन नदी के रपटे पर एक फीट तक पानी आ गया है। पानी आने से प्रशासन सतर्क हो गया है। फिलहाल रपटे पर से यातायात चल रहा है। गंगा का पानी गांव राजारामपुर व डैबलगढ़ तक पहुंच गया है। गांव वालों के भूूसे व उपलों के बूंगे गंगा का पानी भरने से बर्बाद हो रहे हैं। गंगा का जलस्तर थोड़ा और बढ़ने पर पानी इन गांवों में घूस जाएगा। गंगा गांव कुंदनपुर, मिर्जापुर, कोहरपुर, मीरापुर के खेतों में कटान करते हुए गांवों की ओर बढ़ रही है। कटान को रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कुछ नहीं किया गया है। गांव कुंदनपुर के किसान जान जोखिम में डालकर कटान को रोकने के लिए बोरी में मिट्टी भरकर तटबंध बनाने की कोशिश कर रही हैं। लेकिन गंगा की प्रचंड लहरों के सामने ये बोरी कितनी देर टिकेंगी, किसानों को खुद नहीं पता है।
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मध्य गंगा बैराज के एक्सईएन शरद सौरभ गिरि का कहना है कि गंगा में एक लाख 40 हजार क्यूसेक पानी चल रहा है। उत्तराखंड से पानी छोड़े जाने के कारण शनिवार रात पानी एक लाख 60 हजार क्यूसेक तक पहुंच जाएगा। इससे ज्यादा पानी नहीं होगा। सुबह को पानी उतरना शुरू हो जाएगा। दो लाख 19 हजार क्यूसेक पानी पर खतरे वाली स्थिति आती है।
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नगीना। खो नदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को जंगल में फंसे किसानों को गांव वालों ने बुग्गी में रस्सी बांधकर खींचकर निकाला। प्रशासन की टीम किसानों को हुए नुकसान का सर्वे करने में जुट गई है।
गांव फतेहपुर के दो दर्जन से अधिक किसान शुक्रवार सुबह चारा लेने के लिए खेतों पर गए थे। अचानक खो नदी में पानी आने के कारण वे बाढ़ में फंस गए थे। गांव वालों ने लोगों के फंसे होने की सूचना दी। कानूनगो राजीव भटनागर ग्राम प्रधान व युवाओं के साथ मिलकर जंगल गए। जंगल में पानी तो उतर गया था, लेकिन किसान कीचड़ में फंसे हुए थे। बुग्गी में रस्सी बांधकर रस्सी का एक सिरा किसानों को पकड़कार किसानों को निकाला गया। नायब तहसीलदार राजीव यादव ने बताया किदेर रात तक सभी सकुशल अपने घरों पर पहुंच गए थे। वहीं पहाड़ों पर लगातार हो रही वर्षा के कारण नगीना क्षेत्र में बहने वाली खो नदी का जल स्तर शनिवार दोपहर से फिर से बढ़ने लगा है। चारा लेने गए किसान सूचना मिलते ही घरों को वापस लौट गए। जल स्तर बढ़ने के कारण नगीना-बढ़ापुर मार्ग स्थित गांव इस्लामाबाद में सड़क पर पानी बहने लगा जिससे इस मार्ग का यातायात प्रभावित हो गया।

एसडीएम नगीना ने बताया कि क्षेत्र में किसी प्रकार की कोई बाढ़ को लेकर परेशानी नहीं है। कोई जान माल का नुकसान नहीं हुआ है। क्षेत्र के सभी कानूनगो व लेखपालों को किसानों को बाढ़ से हुई फसलों के नुकसान के सर्वे के लिए भेजा है। प्रशासन क्षेत्र में बराबर चौकसी बरते हुए है।
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