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अक्षय तृतीया आज, गूंजेंगी शहनाई
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अक्षय तृतीया आज, गूंजेंगी शहनाई
बिजनौर। आज अक्षय तृतीया का त्योहार है। यह तिथि करीब डेढ़ दशक बाद खुशहाली का योग लेकर आ रही है। विद्वान ब्राह्मणों के अनुसार इस बार चार ग्रहों सूर्य, चंद्र, शुक्र और राहु का सुखद संयोग बन रहा है। अक्षय तृतीया को अबूझ नक्षत्र भी कहा जाता है। इस पर्व पर सैकड़ों शादियां होंगी। इसके लिए जिले के अधिकांश कर्मकांडी पंडित, विवाह मंडप, फोटोग्राफर, बैंड वाले आदि विवाह कराने वाली पूरी टीम कई माह पहले से बुक हैं।
प्रत्येक वर्ष बैसाख मास की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है। इस बार यह तिथि सात मई को है। यह भगवान श्री परशुराम की जन्मतिथि है। विद्वान ब्राह्मण बताते हैं कि इस दिन कोई भी मांगलिक कार्य करना शुभ माना जाता है। इस दिन गंगा स्नान और दान आदि का विशेष महत्व होता है। इस बार अक्षय तृतीया पर विशेष योग बन रहा है। डबराल ज्योतिष केंद्र के प्रभारी पंडित प्रभुदत्त डबराल एवं पंडित आदेश शर्मा के अनुसार डेढ़ दशक के बाद चार ग्रहों सूर्य, चंद्र, शुक्र, राहु का सुखद संयोग बन रहा है। इससे पहले यह 2003 में ऐसा संयोग बना था।
अहम बात ये है कि केवल आभूषण की खरीदारी जाने जानी वाली अक्षय तृतीया पर दान और पूजा का भी विशेष महत्व है। पंडित ललित शर्मा ने बताया कि पूरे दशक से अधिक समय के बाद यह संयोग बेहद सुखद रहेगा। उन्होंने बताया कि गृह प्रवेश, विवाह एवं अन्य मांगलिक कार्यों के लिए भी इस दिन को सर्वश्रेष्ठ दिन माना जाता है। उन्होंने बताया कि एक-एक पंडित दिन और रात दोनों समय के लिए बुक हैं। उन्होंने बताया कि जिन युगलों का विवाह अगर किसी तिथि को न होता हो तो उनका अक्षय तृतीया पर पाणिग्रहण संस्कार कराया जा सकता है। इसलिए इसे अबूझ नक्षत्र भी कहा जाता है।
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जिले में करीब 250 बैंक्वेट हॉल हैं। इनमें लगभग 50 जिला मुख्यालय पर स्थित हैं। ये सभी कई माह पहले से ही बुक हैं। शहनाई बैंक्टवे हॉल स्वामी राजकुमार अग्रवाल और स्वयंवर बैंक्वेट हॉल के विनीत कुमार उर्फ लालू ने बताया कि करीब करीब सभी बैंक्वेट हॉल पिछले कई माह से बुक हैं। शर्मा बैंड के स्वामी महफूज उर्फ बुली का कहना है कि जिले भर में करीब एक हजार बैंड हैं। इनकी दिन और रात दोनों की बुकिंग है। वहीं, प्रजापति चित्रशाला स्वामी कमल कुमार ने बताया कि उनके पास मंगलवार को चार शादियों के ऑर्डर बुक हैं। जबकि कृतिका फोटो स्टूडियो के मालिक नितिन शर्मा का कहना है कि उनके पास एक दिन में और एक रात में शादी है।
ये रहेगा पूजन का शुभ समय
पूजन का शुभ समय सुबह 05:40 बजे से लेकर दोपहर 12:17 बजे तक है। जबकि आभूषणों की खरीदारी के लिए समय सुबह 06:26 बजे से रात 11:47 बजे तक बेहद अनुकूल रहेगा।
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बिजनौर। आज अक्षय तृतीया का त्योहार है। यह तिथि करीब डेढ़ दशक बाद खुशहाली का योग लेकर आ रही है। विद्वान ब्राह्मणों के अनुसार इस बार चार ग्रहों सूर्य, चंद्र, शुक्र और राहु का सुखद संयोग बन रहा है। अक्षय तृतीया को अबूझ नक्षत्र भी कहा जाता है। इस पर्व पर सैकड़ों शादियां होंगी। इसके लिए जिले के अधिकांश कर्मकांडी पंडित, विवाह मंडप, फोटोग्राफर, बैंड वाले आदि विवाह कराने वाली पूरी टीम कई माह पहले से बुक हैं।
प्रत्येक वर्ष बैसाख मास की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है। इस बार यह तिथि सात मई को है। यह भगवान श्री परशुराम की जन्मतिथि है। विद्वान ब्राह्मण बताते हैं कि इस दिन कोई भी मांगलिक कार्य करना शुभ माना जाता है। इस दिन गंगा स्नान और दान आदि का विशेष महत्व होता है। इस बार अक्षय तृतीया पर विशेष योग बन रहा है। डबराल ज्योतिष केंद्र के प्रभारी पंडित प्रभुदत्त डबराल एवं पंडित आदेश शर्मा के अनुसार डेढ़ दशक के बाद चार ग्रहों सूर्य, चंद्र, शुक्र, राहु का सुखद संयोग बन रहा है। इससे पहले यह 2003 में ऐसा संयोग बना था।
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अहम बात ये है कि केवल आभूषण की खरीदारी जाने जानी वाली अक्षय तृतीया पर दान और पूजा का भी विशेष महत्व है। पंडित ललित शर्मा ने बताया कि पूरे दशक से अधिक समय के बाद यह संयोग बेहद सुखद रहेगा। उन्होंने बताया कि गृह प्रवेश, विवाह एवं अन्य मांगलिक कार्यों के लिए भी इस दिन को सर्वश्रेष्ठ दिन माना जाता है। उन्होंने बताया कि एक-एक पंडित दिन और रात दोनों समय के लिए बुक हैं। उन्होंने बताया कि जिन युगलों का विवाह अगर किसी तिथि को न होता हो तो उनका अक्षय तृतीया पर पाणिग्रहण संस्कार कराया जा सकता है। इसलिए इसे अबूझ नक्षत्र भी कहा जाता है।
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जिले में करीब 250 बैंक्वेट हॉल हैं। इनमें लगभग 50 जिला मुख्यालय पर स्थित हैं। ये सभी कई माह पहले से ही बुक हैं। शहनाई बैंक्टवे हॉल स्वामी राजकुमार अग्रवाल और स्वयंवर बैंक्वेट हॉल के विनीत कुमार उर्फ लालू ने बताया कि करीब करीब सभी बैंक्वेट हॉल पिछले कई माह से बुक हैं। शर्मा बैंड के स्वामी महफूज उर्फ बुली का कहना है कि जिले भर में करीब एक हजार बैंड हैं। इनकी दिन और रात दोनों की बुकिंग है। वहीं, प्रजापति चित्रशाला स्वामी कमल कुमार ने बताया कि उनके पास मंगलवार को चार शादियों के ऑर्डर बुक हैं। जबकि कृतिका फोटो स्टूडियो के मालिक नितिन शर्मा का कहना है कि उनके पास एक दिन में और एक रात में शादी है।
ये रहेगा पूजन का शुभ समय
पूजन का शुभ समय सुबह 05:40 बजे से लेकर दोपहर 12:17 बजे तक है। जबकि आभूषणों की खरीदारी के लिए समय सुबह 06:26 बजे से रात 11:47 बजे तक बेहद अनुकूल रहेगा।