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पुरानी पेंशन बहाली को आंदोलन की तैयारी शुरू
Updated Mon, 09 Jul 2018 12:33 AM IST
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पुरानी पेंशन बहाली को आंदोलन की तैयारी शुरू
बिजनौर। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक में शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाली को आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई। अगस्त महीने में जिला स्तर पर होने वाले धरने प्रदर्शन की तैयारी में अभी से जुटने पर जोर दिया गया।
साकेत कालोनी में संघ के जिलाध्यक्ष नागेश कुमार की अध्यक्षता व प्रशांत चौधरी के संचालन में बैठक आयोजित की गई। जिलाध्यक्ष ने प्रदेश अध्यक्ष दिनेश चंद्र शर्मा द्वारा दिए गए निर्देशों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक शिक्षक व कर्मचारी संयुक्त मोर्चा बना कर बड़ा आंदोलन करेंगे। इसके लिए अगस्त में जिला स्तर पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। ब्लॉक इकाईयों से ब्लॉक स्तर पर संयुक्त मोर्चे का गठन करने पर जोर दिया गया। ब्लॉक स्तर पर आंदोलन की तैयारी अभी से शुरू करने को कहा गया। अन्य वक्ताओं ने पति पत्नी दोनों के शिक्षक होने पर मकान भत्ते का लाभ दिलाने, प्रत्येक महीने की एक तारीख को वेतन का भुगतान कराने, रिटायर्ड शिक्षकों की समस्याओं का निस्तारण कराने, कोर्ट के आदेश पर आश्रित शिक्षकों की जीपीएफ कटौती कराने, प्रमोशन के लिए वरिष्ठता सूची का शीघ्र प्रकाशन कराने की मांग की गई। बैठक में जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र कुमार, ब्लॉक अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, असीम चौहान, अरविंद चौधरी, पवन कुमार, कुशलपाल सिंह, यशवीर सिंह, पवन कुमार, जितेंद्र कुमार आदि ने विचार रखे।
लेखा पर्ची नहीं मिलने से शिक्षकों में आक्रोश
बिजनौर। नगर क्षेत्र के शिक्षकों को पिछले कई वर्षो से लेखा पर्ची नहीं मिली है। जिससे शिक्षकों में आक्रोश है। शिक्षकों ने वित्त एवं लेखाधिकारी से लेखापर्ची दिलाने की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। शिक्षकों का कहना है कि बेसिक शिक्षा विभाग में दोहरी नीति अपनाई जा रही है। पिछले तीन चार साल से नगर क्षेत्र बिजनौर, नजीबाबाद, चांदपुर, नगीना व धामपुर के शिक्षकों को लेखा पर्ची नहीं मिली है। जिससे शिक्षकों को यही नहीं पता कि उनके जीपीएफ में कितनी धनराशि है। शिक्षक इससे बेहद नाराज है। शिक्षकों ने तत्काल लेखपर्ची उपलब्घ कराने की मांग की है। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री प्रशांत सिंह ने बताया कि नगर क्षेत्र के शिक्षकों को लेखापर्ची मामले में संघ चुप नहीं बैठेगा। लेखापर्ची जल्दी नहीं दी गई तो संगठन आंदोलन करेगा। वित्त एवं लेखाधिकारी का घिराव किया जाएगा।
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बिजनौर। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक में शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाली को आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई। अगस्त महीने में जिला स्तर पर होने वाले धरने प्रदर्शन की तैयारी में अभी से जुटने पर जोर दिया गया।
साकेत कालोनी में संघ के जिलाध्यक्ष नागेश कुमार की अध्यक्षता व प्रशांत चौधरी के संचालन में बैठक आयोजित की गई। जिलाध्यक्ष ने प्रदेश अध्यक्ष दिनेश चंद्र शर्मा द्वारा दिए गए निर्देशों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक शिक्षक व कर्मचारी संयुक्त मोर्चा बना कर बड़ा आंदोलन करेंगे। इसके लिए अगस्त में जिला स्तर पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। ब्लॉक इकाईयों से ब्लॉक स्तर पर संयुक्त मोर्चे का गठन करने पर जोर दिया गया। ब्लॉक स्तर पर आंदोलन की तैयारी अभी से शुरू करने को कहा गया। अन्य वक्ताओं ने पति पत्नी दोनों के शिक्षक होने पर मकान भत्ते का लाभ दिलाने, प्रत्येक महीने की एक तारीख को वेतन का भुगतान कराने, रिटायर्ड शिक्षकों की समस्याओं का निस्तारण कराने, कोर्ट के आदेश पर आश्रित शिक्षकों की जीपीएफ कटौती कराने, प्रमोशन के लिए वरिष्ठता सूची का शीघ्र प्रकाशन कराने की मांग की गई। बैठक में जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र कुमार, ब्लॉक अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, असीम चौहान, अरविंद चौधरी, पवन कुमार, कुशलपाल सिंह, यशवीर सिंह, पवन कुमार, जितेंद्र कुमार आदि ने विचार रखे।
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लेखा पर्ची नहीं मिलने से शिक्षकों में आक्रोश
बिजनौर। नगर क्षेत्र के शिक्षकों को पिछले कई वर्षो से लेखा पर्ची नहीं मिली है। जिससे शिक्षकों में आक्रोश है। शिक्षकों ने वित्त एवं लेखाधिकारी से लेखापर्ची दिलाने की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। शिक्षकों का कहना है कि बेसिक शिक्षा विभाग में दोहरी नीति अपनाई जा रही है। पिछले तीन चार साल से नगर क्षेत्र बिजनौर, नजीबाबाद, चांदपुर, नगीना व धामपुर के शिक्षकों को लेखा पर्ची नहीं मिली है। जिससे शिक्षकों को यही नहीं पता कि उनके जीपीएफ में कितनी धनराशि है। शिक्षक इससे बेहद नाराज है। शिक्षकों ने तत्काल लेखपर्ची उपलब्घ कराने की मांग की है। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री प्रशांत सिंह ने बताया कि नगर क्षेत्र के शिक्षकों को लेखापर्ची मामले में संघ चुप नहीं बैठेगा। लेखापर्ची जल्दी नहीं दी गई तो संगठन आंदोलन करेगा। वित्त एवं लेखाधिकारी का घिराव किया जाएगा।
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