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गैर हाजिर 15 अधिकारियों का जवाब तलब
Updated Wed, 10 Jan 2018 11:49 PM IST
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गैर हाजिर 15 अधिकारियों से मांगा जवाब
बिजनौर। ग्राम पंचायतों की खुली बैठकों में गैर हाजिर रहने वाले 15 जिलास्तरीय अधिकारियों का जवाब मांगा गया है। शासन के निर्देश पर वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए मनरेगा, ग्राम पंचायत विकास योजना में प्रस्ताव पारित होने हैं। सीडीओ के मुताबिक खुली बैठक में नहीं पहुंचने वाले अधिकारियों का वेतन काटा जाएगा।
सीडीओ डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी के अनुसार जिले में 1128 ग्राम पंचायत हैं। इनमें करीब ढाई हजार राजस्व गांव आते हैं। शासन के वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए मनरेगा और ग्राम पंचायत के विकास कार्य जैसे सड़क, नाली आदि के लिए बजट पारित होना है। इसके लिए ग्राम पंचायतों की खुली बैठक 10 जनवरी से शुरू हो गई हैं, जो 13 जनवरी तक चलेंगी। ग्राम पंचायत की खुली बैठक में संबंधित ग्राम पंचायत के राजस्व गांवों के ग्रामीणों का भाग लेना जरूरी है। इसके लिए ग्राम प्रधान को गांव में मुनादी कराने के लिए कहा गया है।
बैठक में बीडीओ, एडीओ समेत जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहेंगे। पहले दिन की समीक्षा में यह बात सामने आई है कि 15 जिला स्तरीय अधिकारी ग्राम पंचायतों की खुली बैठक में नहीं पहुंचे। गैरहाजिर अधिकारियों से जवाब मांगा गया है। जवाब सही नहीं होने पर इनका वेतन रोका जाएगा। खुली बैठक में कार्य योजना तैयार होने के बाद इसे जिला स्तरीय बैठक में अंतिम रूप देकर बजट आवंटन के लिए भेजा जाएगा।
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बिजनौर। ग्राम पंचायतों की खुली बैठकों में गैर हाजिर रहने वाले 15 जिलास्तरीय अधिकारियों का जवाब मांगा गया है। शासन के निर्देश पर वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए मनरेगा, ग्राम पंचायत विकास योजना में प्रस्ताव पारित होने हैं। सीडीओ के मुताबिक खुली बैठक में नहीं पहुंचने वाले अधिकारियों का वेतन काटा जाएगा।
सीडीओ डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी के अनुसार जिले में 1128 ग्राम पंचायत हैं। इनमें करीब ढाई हजार राजस्व गांव आते हैं। शासन के वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए मनरेगा और ग्राम पंचायत के विकास कार्य जैसे सड़क, नाली आदि के लिए बजट पारित होना है। इसके लिए ग्राम पंचायतों की खुली बैठक 10 जनवरी से शुरू हो गई हैं, जो 13 जनवरी तक चलेंगी। ग्राम पंचायत की खुली बैठक में संबंधित ग्राम पंचायत के राजस्व गांवों के ग्रामीणों का भाग लेना जरूरी है। इसके लिए ग्राम प्रधान को गांव में मुनादी कराने के लिए कहा गया है।
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बैठक में बीडीओ, एडीओ समेत जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहेंगे। पहले दिन की समीक्षा में यह बात सामने आई है कि 15 जिला स्तरीय अधिकारी ग्राम पंचायतों की खुली बैठक में नहीं पहुंचे। गैरहाजिर अधिकारियों से जवाब मांगा गया है। जवाब सही नहीं होने पर इनका वेतन रोका जाएगा। खुली बैठक में कार्य योजना तैयार होने के बाद इसे जिला स्तरीय बैठक में अंतिम रूप देकर बजट आवंटन के लिए भेजा जाएगा।
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