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पटरी से उतरी बेसिक शिक्षा
Updated Wed, 22 Nov 2017 12:10 AM IST
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शिक्षकों के प्रमोशन और तबादले नहीं होने से हो रही परेशानी
बिना हेडमास्टर के चल रहे जिले के 500 उच्च प्राथमिक विद्यालय
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर । परिषदीय स्कूलों में इस बार शिक्षकों के तबादले और प्रमोशन नहीं होने से शिक्षा पटरी से उतरी है। आसपास के स्कूलों में तो शिक्षक हैं पर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों का अभाव है। जिले के करीब 500 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में हेडमास्टर नहीं होने से व्यवस्था बिगड़ी है। लंबे समय से शिक्षक प्रमोशन की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रमोशन नहीं हुए हैं।
शासन ने जुलाई के महीने में शिक्षकों के तबादले एक स्कूल से दूसरे स्कूल में करने के आदेश दिए थे। इसके ऑनलाइन आवेदन पत्र भी मांग गए थे। पर अभी तक शिक्षकों के तबादले नहीं हुए है। काफी संख्या में ऐसे स्कूल है जिनमें शिक्षकों की भरमार है। शहरों के आसपास के स्कूलों में काफी संख्या में शिक्षक हैं। पर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी है। शिक्षामित्रों का शिक्षक पदों से समायोजन निरस्त होने के बाद से स्थिति बिगड़ी है। शिक्षा मित्रों के उत्साह में कमी आई है। दूसरी ओर, जिले के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में वर्ष 2010 के बाद से प्रमोशन नहीं हुए है। इस कारण जिले के 500 विद्यालय बिना हेडमास्टर के चल रहे हैं। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नागेश कुमार, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुधीर कुमार यादव, मीडिया प्रभारी चौधरी अंगजीत सिंह कई बार बीएसए से शिक्षकों को प्रमोशन का लाभ देने की मांग कर चुके हैं। ताकि स्कूलों में व्यवस्था बन जाए। उधर, बीएसए महेश चंद्र के मुताबिक उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रमोशन का मामला न्यायालय में लंबित है। शासन से गाइड लाइन आने पर ही शिक्षकों के प्रमोशन होंगे।
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बिना हेडमास्टर के चल रहे जिले के 500 उच्च प्राथमिक विद्यालय
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर । परिषदीय स्कूलों में इस बार शिक्षकों के तबादले और प्रमोशन नहीं होने से शिक्षा पटरी से उतरी है। आसपास के स्कूलों में तो शिक्षक हैं पर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों का अभाव है। जिले के करीब 500 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में हेडमास्टर नहीं होने से व्यवस्था बिगड़ी है। लंबे समय से शिक्षक प्रमोशन की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रमोशन नहीं हुए हैं।
शासन ने जुलाई के महीने में शिक्षकों के तबादले एक स्कूल से दूसरे स्कूल में करने के आदेश दिए थे। इसके ऑनलाइन आवेदन पत्र भी मांग गए थे। पर अभी तक शिक्षकों के तबादले नहीं हुए है। काफी संख्या में ऐसे स्कूल है जिनमें शिक्षकों की भरमार है। शहरों के आसपास के स्कूलों में काफी संख्या में शिक्षक हैं। पर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी है। शिक्षामित्रों का शिक्षक पदों से समायोजन निरस्त होने के बाद से स्थिति बिगड़ी है। शिक्षा मित्रों के उत्साह में कमी आई है। दूसरी ओर, जिले के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में वर्ष 2010 के बाद से प्रमोशन नहीं हुए है। इस कारण जिले के 500 विद्यालय बिना हेडमास्टर के चल रहे हैं। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नागेश कुमार, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुधीर कुमार यादव, मीडिया प्रभारी चौधरी अंगजीत सिंह कई बार बीएसए से शिक्षकों को प्रमोशन का लाभ देने की मांग कर चुके हैं। ताकि स्कूलों में व्यवस्था बन जाए। उधर, बीएसए महेश चंद्र के मुताबिक उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रमोशन का मामला न्यायालय में लंबित है। शासन से गाइड लाइन आने पर ही शिक्षकों के प्रमोशन होंगे।
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