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वन अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त एप्रोच की मरम्मत का काम रुकवाया
Updated Wed, 23 Aug 2017 12:24 AM IST
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नेशनल हाईवे का सूकरो पुल रामभरोसे
नजीबाबाद(बिजनौर)। वन विभाग के अधिकारियों ने नेशनल हाईवे पर सूकरो नदी के पुल की क्षतिग्रस्त एप्रोच का मरम्मत कार्य रुकवा दिया है। नेशनल हाईवे एथॉरिटी ऑफ इंडिया के प्रोजेक्ट मैनेजर ने पुल से भारी यातायात गुजरने के दौरान हादसे की आशंका से अवगत करा दिया है।
अगस्त के पहले हफ्ते में पर्वतीय क्षेत्रों में जबरदस्त बारिश के बाद क्षेत्र की बरसाती नदियों में उफान आ गया था। इसके बाद सूकरो नदी पर कोटद्वार ब्रांच लाइन पर बने रेल पुल और हाईवे पर बने सड़क पुल की एप्रोच क्षतिग्रस्त हो गई थी। कड़ी मशक्कत के बाद रेल पुल की एप्रोच को दुरुस्त कर समय से ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया, मगर हाईवे पर बने सड़क पुल की एप्रोच को दुरुस्त करना नेशनल हाईवे एथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के लिए चुनौती बन गया है। एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर आयुष चौधरी सोमवार को एसडीएम उद्भव त्रिपाठी से मिले। उन्होंने बताया कि शनिवार को सूकरो नदी पर सड़क पुल की कोटद्वार एंड पर क्षतिग्रस्त हुई एप्रोच की मरम्मत का काम चल रहा था। मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों ने मरम्मत का काम रुकवा दिया। कहा कि जब तक रेत-बजरी एवं मिट्टी के खनन की अनुमति नहीं होगी, तब तक सड़क पुल की एप्रोच की मरम्मत नहीं होने दी जाएगी, जिस पर काम रोक देना पड़ा। प्रोजेक्ट मैनेजर ने एसडीएम को बताया कि पुल के ऊपर से हाईवे का भारी यातायात गुजरने के दौरान क्षतिग्रस्त एप्रोच क्षेत्र में हादसे की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। एसडीएम ने इस संबंध में डीएम से संपर्क करने की बात कही।
खनन और लकड़ियों का कटान जारी
नजीबाबाद। क्षेत्र में सक्रिय खनन और लकड़ी माफिया को दबोचने में वन विभाग के अधिकारी नाकाम रहे हैं। जहां बरसाती नदियों से चोरी-छिपे रेत-बजरी का खनन जारी है, वहीं रातोंरात वन क्षेत्र से कीमती लकड़ियां आए दिन चोरी की जा रही हैं। इसके विपरीत राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में पुल की मरम्मत का काम नदी से खनिज संपदा न उठाने देने की बात कहकर रोका गया है।
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नजीबाबाद(बिजनौर)। वन विभाग के अधिकारियों ने नेशनल हाईवे पर सूकरो नदी के पुल की क्षतिग्रस्त एप्रोच का मरम्मत कार्य रुकवा दिया है। नेशनल हाईवे एथॉरिटी ऑफ इंडिया के प्रोजेक्ट मैनेजर ने पुल से भारी यातायात गुजरने के दौरान हादसे की आशंका से अवगत करा दिया है।
अगस्त के पहले हफ्ते में पर्वतीय क्षेत्रों में जबरदस्त बारिश के बाद क्षेत्र की बरसाती नदियों में उफान आ गया था। इसके बाद सूकरो नदी पर कोटद्वार ब्रांच लाइन पर बने रेल पुल और हाईवे पर बने सड़क पुल की एप्रोच क्षतिग्रस्त हो गई थी। कड़ी मशक्कत के बाद रेल पुल की एप्रोच को दुरुस्त कर समय से ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया, मगर हाईवे पर बने सड़क पुल की एप्रोच को दुरुस्त करना नेशनल हाईवे एथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के लिए चुनौती बन गया है। एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर आयुष चौधरी सोमवार को एसडीएम उद्भव त्रिपाठी से मिले। उन्होंने बताया कि शनिवार को सूकरो नदी पर सड़क पुल की कोटद्वार एंड पर क्षतिग्रस्त हुई एप्रोच की मरम्मत का काम चल रहा था। मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों ने मरम्मत का काम रुकवा दिया। कहा कि जब तक रेत-बजरी एवं मिट्टी के खनन की अनुमति नहीं होगी, तब तक सड़क पुल की एप्रोच की मरम्मत नहीं होने दी जाएगी, जिस पर काम रोक देना पड़ा। प्रोजेक्ट मैनेजर ने एसडीएम को बताया कि पुल के ऊपर से हाईवे का भारी यातायात गुजरने के दौरान क्षतिग्रस्त एप्रोच क्षेत्र में हादसे की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। एसडीएम ने इस संबंध में डीएम से संपर्क करने की बात कही।
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खनन और लकड़ियों का कटान जारी
नजीबाबाद। क्षेत्र में सक्रिय खनन और लकड़ी माफिया को दबोचने में वन विभाग के अधिकारी नाकाम रहे हैं। जहां बरसाती नदियों से चोरी-छिपे रेत-बजरी का खनन जारी है, वहीं रातोंरात वन क्षेत्र से कीमती लकड़ियां आए दिन चोरी की जा रही हैं। इसके विपरीत राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में पुल की मरम्मत का काम नदी से खनिज संपदा न उठाने देने की बात कहकर रोका गया है।
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