{"_id":"63a4a19d44f218497250dace","slug":"13-thousand-traders-did-not-submit-returns-in-the-district-registration-canceled-bijnor-news-mrt618884558","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: जिले में 13 हजार व्यापारियों ने जमा नहीं किया रिटर्न, पंजीकरण रद्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: जिले में 13 हजार व्यापारियों ने जमा नहीं किया रिटर्न, पंजीकरण रद्द
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में 13 हजार व्यापारियों ने जमा नहीं किया रिटर्न, पंजीकरण रद्द
बिजनौर। इसे व्यापार से तौबा कहें या कुछ और लेकिन बीते पांच सालों में 13 हजार व्यापारियों के पंजीकरण रद्द हो गए हैं। रिटर्न जमा नहीं होना इसकी वजह बना है। फिलहाल करीब 26 हजार व्यापारी जीएसटी में पंजीकृत हैं। इनका आंकड़ा 39 हजार तक जा पहुंचा था। हालांकि इसके बाद भी जीएसटी जमा करने के मामले में प्रदेश में बिजनौर का 21वां स्थान बना हुआ है।
साल 2017 के जुलाई माह में जीएसटी को लागू किया गया था, इससे पहले वाणिज्य कर और अन्य तरह से कर वसूली होती थी। तब से लेकर अब तक जिले में 40310 व्यापारियों ने जीएसटी में पंजीकृत हुए। हालांकि इनमें से 13607 व्यापारियों के पंजीकरण जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं करने पर रद्द हो गए हैं। वहीं इस समय जिले के 26703 व्यापारी जीएसटी में पंजीकृत हैं।
हर महीने जिले से करोड़ों रुपये की जीएसटी जमा हो रही है। जीएसटी विभाग का कहना है कि जीएसटी में पंजीकृत व्यापारी को हर महीने जीएसटी रिटर्न दाखिल करना होता है। इसमें व्यापारी को खरीद, बिक्री, कर आदि की जानकारी देनी होती है। छह महीने तक जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं करने पर व्यापारियों के पंजीकरण रद्द हुए हैं। वहीं शासन की ओर से अधिकारियों को जीएसटी के फायदे बताए जाने के निर्देश दिए गए हैं। जिसके चलते अब अधिकारी व्यापारियों को जीएसटी पंजीकरण के फायदे बता रहे हैं।
विज्ञापन
इन वजह से रद्द हुए जीएसटी पंजीकरण
- छह महीने तक जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं करना।
- व्यापार का नहीं चल पाने पर रद्द करने के लिए आवेदन दाखिल करना।
हर महीने जमा हो रही 22 करोड़ जीएसटी
जीएसटी जमा करने के मामले में जिला अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। पंजीकृत व्यापारियों से हर माह करीब 22 करोड़ की जीएसटी जमा की जा रही है। मुख्यालय की ओर से जिले को हर साल करीब 267 करोड़ रुपये की जीएसटी जमा करने का लक्ष्य दिया गया है। लक्ष्य पूरा करने के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है।
जीएसटी पंजीकरण के फायदे
- जीएसटी पंजीकृत व्यापारी को मुख्यमंत्री व्यापारी दुर्घटना योजना का लाभ मिलता है। पंजीकृत व्यापारी का 10 लाख रुपये का बीमा हो जाता है।
- कोई व्यापारी अपनी संस्था का बैंक में अकाउंट बिना जीएसटी पंजीयन के नहीं खोल सकता है।
- जीएसटी में पंजीकृत व्यापारी को बैंक से आसानी से लोन मिल जाता है।
- जीएसटी पंजीकृत व्यापारी ब्रांडेंड कंपनी के साथ व्यापार कर सकता है।
- बिना जीएसटी पंजीयन के व्यापारी सरकारी ठेकों में प्रतिभाग नहीं कर सकता है।
- जीएसटी में पंजीकृत व्यापारी ई-वे बिल से 50 हजार से अधिक राशि का सामान दूसरे प्रांत से भी खरीद सकता है।
वर्जन...
जीएसटी जमा करने के मामले में जिला प्रदेश स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। व्यापारियों को जीएसटी पंजीकरण कराने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं करने की वजह से व्यापारियों का पंजीयन रद्द हुआ है।
- राजीव ऑर्थर, ज्वाइंट कमिश्नर, जीएसटी विभाग बिजनौर
विज्ञापन
बिजनौर। इसे व्यापार से तौबा कहें या कुछ और लेकिन बीते पांच सालों में 13 हजार व्यापारियों के पंजीकरण रद्द हो गए हैं। रिटर्न जमा नहीं होना इसकी वजह बना है। फिलहाल करीब 26 हजार व्यापारी जीएसटी में पंजीकृत हैं। इनका आंकड़ा 39 हजार तक जा पहुंचा था। हालांकि इसके बाद भी जीएसटी जमा करने के मामले में प्रदेश में बिजनौर का 21वां स्थान बना हुआ है।
साल 2017 के जुलाई माह में जीएसटी को लागू किया गया था, इससे पहले वाणिज्य कर और अन्य तरह से कर वसूली होती थी। तब से लेकर अब तक जिले में 40310 व्यापारियों ने जीएसटी में पंजीकृत हुए। हालांकि इनमें से 13607 व्यापारियों के पंजीकरण जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं करने पर रद्द हो गए हैं। वहीं इस समय जिले के 26703 व्यापारी जीएसटी में पंजीकृत हैं।
विज्ञापन
हर महीने जिले से करोड़ों रुपये की जीएसटी जमा हो रही है। जीएसटी विभाग का कहना है कि जीएसटी में पंजीकृत व्यापारी को हर महीने जीएसटी रिटर्न दाखिल करना होता है। इसमें व्यापारी को खरीद, बिक्री, कर आदि की जानकारी देनी होती है। छह महीने तक जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं करने पर व्यापारियों के पंजीकरण रद्द हुए हैं। वहीं शासन की ओर से अधिकारियों को जीएसटी के फायदे बताए जाने के निर्देश दिए गए हैं। जिसके चलते अब अधिकारी व्यापारियों को जीएसटी पंजीकरण के फायदे बता रहे हैं।
विज्ञापन
इन वजह से रद्द हुए जीएसटी पंजीकरण
- छह महीने तक जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं करना।
- व्यापार का नहीं चल पाने पर रद्द करने के लिए आवेदन दाखिल करना।
हर महीने जमा हो रही 22 करोड़ जीएसटी
जीएसटी जमा करने के मामले में जिला अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। पंजीकृत व्यापारियों से हर माह करीब 22 करोड़ की जीएसटी जमा की जा रही है। मुख्यालय की ओर से जिले को हर साल करीब 267 करोड़ रुपये की जीएसटी जमा करने का लक्ष्य दिया गया है। लक्ष्य पूरा करने के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है।
जीएसटी पंजीकरण के फायदे
- जीएसटी पंजीकृत व्यापारी को मुख्यमंत्री व्यापारी दुर्घटना योजना का लाभ मिलता है। पंजीकृत व्यापारी का 10 लाख रुपये का बीमा हो जाता है।
- कोई व्यापारी अपनी संस्था का बैंक में अकाउंट बिना जीएसटी पंजीयन के नहीं खोल सकता है।
- जीएसटी में पंजीकृत व्यापारी को बैंक से आसानी से लोन मिल जाता है।
- जीएसटी पंजीकृत व्यापारी ब्रांडेंड कंपनी के साथ व्यापार कर सकता है।
- बिना जीएसटी पंजीयन के व्यापारी सरकारी ठेकों में प्रतिभाग नहीं कर सकता है।
- जीएसटी में पंजीकृत व्यापारी ई-वे बिल से 50 हजार से अधिक राशि का सामान दूसरे प्रांत से भी खरीद सकता है।
वर्जन...
जीएसटी जमा करने के मामले में जिला प्रदेश स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। व्यापारियों को जीएसटी पंजीकरण कराने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं करने की वजह से व्यापारियों का पंजीयन रद्द हुआ है।
- राजीव ऑर्थर, ज्वाइंट कमिश्नर, जीएसटी विभाग बिजनौर