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Bijnor News: बिजनौर - जिले में 13 लाख को नहीं लगी बूस्टर डोज
Tue, 02 May 2023 12:36 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Tue, 02 May 2023 12:36 AM IST
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- जिले में ढाई महीने से नहीं है कोरोना वैक्सीन
- 682995 लोगों को ही लगी है बूस्टर डोज
- 237821 किशोरों को लगी कोरोनारोधी टीके की दूसरी डोज
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पिछले डेढ़ माह में करीब 200 कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण कराने के दावे तो किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत कुछ और है। जिले में 13 लाख से ज्यादा लोगों को कोरोनारोधी टीके की बूस्टर डोज नहीं लगी है। टीका नहीं लगने से लोगों के कोरोना संक्रमित होने का खतरा ज्यादा है।
बिजनौर में पिछले ढाई महीने से कोरोनारोधी टीका नहीं है। जिसकी वजह से टीकाकरण केंद्र बंद हो गए हैं। वैक्सीन नहीं होने से लोग परेशान हो रहे हैं। जिले में 20,27,926 लोगों को बूस्टर डोज लगाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अभी तक 6,82,995 लोगों को ही बूस्टर डोज लगी है। अभी 13,44,931 लोग कोरोना की बूस्टर से वंचित हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से कोरोना संक्रमण लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। मेडिकल अस्पताल में रोजाना 70 मरीज बुखार, खांसी, जुकाम के लक्षणों वाले पहुंच रहे हैं। जांच कराने पर इन मरीजों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है।
निजी केंद्रों पर भी नहीं टीकाकरण की व्यवस्था
जिले में केवल सरकारी अस्पतालों में कोरोनारोधी टीका लगाया जाता है। निजी अस्पतालों में कोरोनारोधी टीके की व्यवस्था नहीं है। हालांकि इस समय सरकारी अस्पतालों में कोरोनारोधी टीका नहीं है। जिसके चलते अगर किसी को कोरोनारोधी टीका लगवाना है तो उसे बिजनौर से बाहर जाना पड़ेगा। दूसरे जिले में जाकर पैसे देकर वैक्सीन लगवानी पड़ेगी।
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स्वास्थ्य विभाग को नहीं वैरिएंट की जानकारी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में स्थित आईडीएसपी विभाग के मुताबिक लोगों को कौन सा वैरिएंट संक्रमित कर रहा है। यह अभी साफ नहीं हो रहा है। जबकि जिले में लगातार कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। वैरिएंट के पता चलने से संक्रमण के खतरे का अंदाजा लगाया जा सकता है। जिले में सभी मरीज ठीक हैं।
-- -- वर्जन::
जिले में कोरोनारोधी टीका खत्म हुए करीब ढाई महीने हो गए हैं। राज्य स्तर पर भी कोरोनारोधी टीका नहीं है। मांग पत्र भेजा जा चुका है। हालांकि इस बार कोरोना संक्रमण घातक नहीं है। सभी मरीज स्वस्थ हैं - डॉ. अशोक कुमार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
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- 682995 लोगों को ही लगी है बूस्टर डोज
- 237821 किशोरों को लगी कोरोनारोधी टीके की दूसरी डोज
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पिछले डेढ़ माह में करीब 200 कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण कराने के दावे तो किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत कुछ और है। जिले में 13 लाख से ज्यादा लोगों को कोरोनारोधी टीके की बूस्टर डोज नहीं लगी है। टीका नहीं लगने से लोगों के कोरोना संक्रमित होने का खतरा ज्यादा है।
बिजनौर में पिछले ढाई महीने से कोरोनारोधी टीका नहीं है। जिसकी वजह से टीकाकरण केंद्र बंद हो गए हैं। वैक्सीन नहीं होने से लोग परेशान हो रहे हैं। जिले में 20,27,926 लोगों को बूस्टर डोज लगाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अभी तक 6,82,995 लोगों को ही बूस्टर डोज लगी है। अभी 13,44,931 लोग कोरोना की बूस्टर से वंचित हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से कोरोना संक्रमण लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। मेडिकल अस्पताल में रोजाना 70 मरीज बुखार, खांसी, जुकाम के लक्षणों वाले पहुंच रहे हैं। जांच कराने पर इन मरीजों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है।
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निजी केंद्रों पर भी नहीं टीकाकरण की व्यवस्था
जिले में केवल सरकारी अस्पतालों में कोरोनारोधी टीका लगाया जाता है। निजी अस्पतालों में कोरोनारोधी टीके की व्यवस्था नहीं है। हालांकि इस समय सरकारी अस्पतालों में कोरोनारोधी टीका नहीं है। जिसके चलते अगर किसी को कोरोनारोधी टीका लगवाना है तो उसे बिजनौर से बाहर जाना पड़ेगा। दूसरे जिले में जाकर पैसे देकर वैक्सीन लगवानी पड़ेगी।
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स्वास्थ्य विभाग को नहीं वैरिएंट की जानकारी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में स्थित आईडीएसपी विभाग के मुताबिक लोगों को कौन सा वैरिएंट संक्रमित कर रहा है। यह अभी साफ नहीं हो रहा है। जबकि जिले में लगातार कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। वैरिएंट के पता चलने से संक्रमण के खतरे का अंदाजा लगाया जा सकता है। जिले में सभी मरीज ठीक हैं।
जिले में कोरोनारोधी टीका खत्म हुए करीब ढाई महीने हो गए हैं। राज्य स्तर पर भी कोरोनारोधी टीका नहीं है। मांग पत्र भेजा जा चुका है। हालांकि इस बार कोरोना संक्रमण घातक नहीं है। सभी मरीज स्वस्थ हैं - डॉ. अशोक कुमार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी