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Bijnor News: 26 जनवरी को चांदपुर में होगा 122 फीट ऊंचे झंडे का ध्वजारोहण
Tue, 24 Jan 2023 11:52 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Tue, 24 Jan 2023 11:52 PM IST
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चांदपुर में चौधरी चरण सिंह स्मारक का स्वतंत्रता सैनानी रामेश्वर बंसल की स्मृति में होता सौंदर्यकरण।
चांदपुर। चांदपुर में गणतंत्र दिवस पर चौधरी चरण सिंह स्मारक पर स्वतंत्रता सेनानी स्व. रामेश्वर बंसल की स्मृति में स्थापित 122 फीट ऊंचे झंडे का ध्वजारोहण किया जाएगा।
चांदपुर-नूरपुर तिराहे पर वर्ष 1990 में चौधरी चरण सिंह चौक का निर्माण कर पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा स्थापित की गई थी। चांदपुर के मोहल्ला कटारमल निवासी रामेश्वर प्रसाद बंसल करीब 20-22 साल की उम्र में ही देश के स्वतंत्रता आंदोलन में कूद गए थे। उन्होंने वर्ष 1942 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के भारत छोड़ो आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। स्वतंत्रता सेनानी रामेश्वर प्रसाद बंसल के पुत्र राकेश बंसल ने बताया कि आंदोलन के चलते अंग्रेजों की बात नहीं मानने पर उनके पिता को 17 नवंबर 1942 से 27 जनवरी 1944 तक करीब 436 दिन प्रदेश की विभिन्न जेलों में रहना पड़ा था। रामेश्वर प्रसाद बंसल चांदपुर क्षेत्र में खांडसारी उद्योग के जनक भी रहे हैं। रामेश्वर प्रसाद बंसल को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने 15 अगस्त 1972 को स्वतंत्रता संग्राम में स्मरणीय योगदान के लिए ताम पत्र देकर सम्मानित किया था।
राकेश बंसल ने अपने पिता की स्मृति में अपने खर्च पर चांदपुर नूरपुर तिराहे पर बने चौधरी चरण सिंह स्मारक का सुंदरीकरण कराने का बीड़ा उठाते हुए स्मारक पर करीब 112 फीट का तिरंगा झंडा लगवाया है। झंडा स्थापित करने की जिम्मेदारी पंजाब के जालंधर की एक कंपनी को सौंपी गई थी। संवाद
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चांदपुर-नूरपुर तिराहे पर वर्ष 1990 में चौधरी चरण सिंह चौक का निर्माण कर पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा स्थापित की गई थी। चांदपुर के मोहल्ला कटारमल निवासी रामेश्वर प्रसाद बंसल करीब 20-22 साल की उम्र में ही देश के स्वतंत्रता आंदोलन में कूद गए थे। उन्होंने वर्ष 1942 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के भारत छोड़ो आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। स्वतंत्रता सेनानी रामेश्वर प्रसाद बंसल के पुत्र राकेश बंसल ने बताया कि आंदोलन के चलते अंग्रेजों की बात नहीं मानने पर उनके पिता को 17 नवंबर 1942 से 27 जनवरी 1944 तक करीब 436 दिन प्रदेश की विभिन्न जेलों में रहना पड़ा था। रामेश्वर प्रसाद बंसल चांदपुर क्षेत्र में खांडसारी उद्योग के जनक भी रहे हैं। रामेश्वर प्रसाद बंसल को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने 15 अगस्त 1972 को स्वतंत्रता संग्राम में स्मरणीय योगदान के लिए ताम पत्र देकर सम्मानित किया था।
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राकेश बंसल ने अपने पिता की स्मृति में अपने खर्च पर चांदपुर नूरपुर तिराहे पर बने चौधरी चरण सिंह स्मारक का सुंदरीकरण कराने का बीड़ा उठाते हुए स्मारक पर करीब 112 फीट का तिरंगा झंडा लगवाया है। झंडा स्थापित करने की जिम्मेदारी पंजाब के जालंधर की एक कंपनी को सौंपी गई थी। संवाद
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