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मस्जिद उमर फारूक और मदरसा अंजुमन हादिऊल-उलूम में जलसा आयोजित
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मुल्क की तरक्की और खुशहाली की दुआ की
नजीबाबाद/जलालाबाद। मस्जिद उमर फारूक और मदरसा अंजुमन हादिऊल-उलूम में आयोजित जलसे में मुल्क की तरक्की और अमन के लिए दुआ कराई। उलमा ने नबी की सुन्नतों पर अमल करने, अल्लाह को याद रखने और इंसानियत के रास्ते पर चलने की सलाह दी।
मस्जिद उमर फारूक मेहंदीबाग में जलसे का आगाज कारी शाहआलम की तिलावते कलाम पाक और मास्टर आस अहमद की नाते पाक से हुआ। जलसे को खिताब करते हुए मौलाना सय्यद अजहर मदनी ने कहा अल्लाह के नबी ने फरमाया है कि अल्लाह को याद रखना और इंसानियत के रास्ते पर चलाना हर मुसलमान का फर्ज है। उन्होंने जुबान को काबू रखने, दूसरों की खिदमत करने की सलाह दी। कारी इकबाल की अध्यक्षता और मुफ्ती रिजवान के संचालन में आयोजित जलसे में मुफ्ती गुफरान, मौलाना ईसा, मौलाना मुस्तकीम, मौलाना, महताब नोमानी, मौलाना लईक, मौलाना अबरार, मौलाना आजम, मौलाना ईनाम, कारी महबूब, मौलाना उजैर, कारी असद सहित अनेक लोगा मौजूद रहे। उधर जलालाबाद के मदरसा हादिऊल-उलूम राहुखेड़ी में कारी अलताफ हुसैन की अध्यक्षता में जलसा आयोजित हुआ। जलसे को खिताब करते हुए मौलाना शौकत अली व अहमद फिजर मसूदी ने कहा कि अल्लाह अपने नेक बंदों के साथ रहता है। अल्लाह की रहमतें उसके नेक बंदों पर जरूरी बरसती हैं। उन्होंने एक-दूसरे की मद्द करने, नेकी के रास्ते पर चलने और नबी की सुन्नतों पर अमल करने की सलाह दी। जलसे के दौरान मुल्क की तरक्की और खुशहाली की दुआ की। मौलाना सुहेल के संचालन में आयोजित जलसे में लियाकत अंसारी, सरदार मोहम्मद, भोलू कुरैशी, मास्टर अकरम, मौलाना महफूज, मौलाना रईस अहमद सहित अनेक लौग मौजूद रहे।
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नजीबाबाद/जलालाबाद। मस्जिद उमर फारूक और मदरसा अंजुमन हादिऊल-उलूम में आयोजित जलसे में मुल्क की तरक्की और अमन के लिए दुआ कराई। उलमा ने नबी की सुन्नतों पर अमल करने, अल्लाह को याद रखने और इंसानियत के रास्ते पर चलने की सलाह दी।
मस्जिद उमर फारूक मेहंदीबाग में जलसे का आगाज कारी शाहआलम की तिलावते कलाम पाक और मास्टर आस अहमद की नाते पाक से हुआ। जलसे को खिताब करते हुए मौलाना सय्यद अजहर मदनी ने कहा अल्लाह के नबी ने फरमाया है कि अल्लाह को याद रखना और इंसानियत के रास्ते पर चलाना हर मुसलमान का फर्ज है। उन्होंने जुबान को काबू रखने, दूसरों की खिदमत करने की सलाह दी। कारी इकबाल की अध्यक्षता और मुफ्ती रिजवान के संचालन में आयोजित जलसे में मुफ्ती गुफरान, मौलाना ईसा, मौलाना मुस्तकीम, मौलाना, महताब नोमानी, मौलाना लईक, मौलाना अबरार, मौलाना आजम, मौलाना ईनाम, कारी महबूब, मौलाना उजैर, कारी असद सहित अनेक लोगा मौजूद रहे। उधर जलालाबाद के मदरसा हादिऊल-उलूम राहुखेड़ी में कारी अलताफ हुसैन की अध्यक्षता में जलसा आयोजित हुआ। जलसे को खिताब करते हुए मौलाना शौकत अली व अहमद फिजर मसूदी ने कहा कि अल्लाह अपने नेक बंदों के साथ रहता है। अल्लाह की रहमतें उसके नेक बंदों पर जरूरी बरसती हैं। उन्होंने एक-दूसरे की मद्द करने, नेकी के रास्ते पर चलने और नबी की सुन्नतों पर अमल करने की सलाह दी। जलसे के दौरान मुल्क की तरक्की और खुशहाली की दुआ की। मौलाना सुहेल के संचालन में आयोजित जलसे में लियाकत अंसारी, सरदार मोहम्मद, भोलू कुरैशी, मास्टर अकरम, मौलाना महफूज, मौलाना रईस अहमद सहित अनेक लौग मौजूद रहे।
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