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निक्षय एप पर ऑनलाइन होगा टीबी रोगियों का डाटा
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निक्षय एप पर ऑनलाइन होगा टीबी रोगियों का डाटा
बिजनौर। केंद्र के संशोधित कार्यक्रम के अंतर्गत अब टीबी रोगियों का डाटा निक्षय एप पर ऑनलाइन किया जाएगा। जिला क्षय रोग केंद्र में प्रत्येक टीबी रोगी का पूरा ब्योरा ऑनलाइन करने की कवायद शुरू हो गई है। हर रोगी को पंजीकरण कर नंबर आवंटित किया जाएगा। इससे पूरे देश में कहीं भी इसे देखा जा सकेगा।
भारत सरकार की मंशा है कि वर्ष 2025 तक देश को टीबी रोग से मुक्त किया जा सके। इसके लिए तेजी से अभियान चलाए जा रहे हैं। सरकार ने रोगियों को सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज कराने के लिए तरह-तरह की योजनाएं चला रखी हैं। प्रत्येक तीन माह पर देशभर में डोर टू डोर सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान चलाए जाते हैं। ताकि लोग जागरूक हों और इलाज कराने के बाद पूर्णत: ठीक हो सकें। अफसरों के मुताबिक टीबी के अधिकांश मरीज मजदूर तबके के हैं और बहुत से लोग एक से दूसरे प्रदेश में काम करते हैं। ऐसे में कभी कभी उन्हें इलाज कराने में दिक्कत आती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने देशभर के सभी मरीजों का डाटा निक्षय पर एप पर ऑनलाइन करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद से मरीज देश के किसी भी सरकारी अस्पताल में अपना मुफ्त इलाज करा सकते हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी बीएस रावत ने बताया कि नई व्यवस्था के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है। शीघ्र ही इसे शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल जनपद मेें करीब चार हजार मरीज हैं। सभी का ब्योरा ऑनलाइन किया जाएगा।
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बिजनौर। केंद्र के संशोधित कार्यक्रम के अंतर्गत अब टीबी रोगियों का डाटा निक्षय एप पर ऑनलाइन किया जाएगा। जिला क्षय रोग केंद्र में प्रत्येक टीबी रोगी का पूरा ब्योरा ऑनलाइन करने की कवायद शुरू हो गई है। हर रोगी को पंजीकरण कर नंबर आवंटित किया जाएगा। इससे पूरे देश में कहीं भी इसे देखा जा सकेगा।
भारत सरकार की मंशा है कि वर्ष 2025 तक देश को टीबी रोग से मुक्त किया जा सके। इसके लिए तेजी से अभियान चलाए जा रहे हैं। सरकार ने रोगियों को सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज कराने के लिए तरह-तरह की योजनाएं चला रखी हैं। प्रत्येक तीन माह पर देशभर में डोर टू डोर सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान चलाए जाते हैं। ताकि लोग जागरूक हों और इलाज कराने के बाद पूर्णत: ठीक हो सकें। अफसरों के मुताबिक टीबी के अधिकांश मरीज मजदूर तबके के हैं और बहुत से लोग एक से दूसरे प्रदेश में काम करते हैं। ऐसे में कभी कभी उन्हें इलाज कराने में दिक्कत आती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने देशभर के सभी मरीजों का डाटा निक्षय पर एप पर ऑनलाइन करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद से मरीज देश के किसी भी सरकारी अस्पताल में अपना मुफ्त इलाज करा सकते हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी बीएस रावत ने बताया कि नई व्यवस्था के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है। शीघ्र ही इसे शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल जनपद मेें करीब चार हजार मरीज हैं। सभी का ब्योरा ऑनलाइन किया जाएगा।
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