{"_id":"5b98165f867a557fe0598615","slug":"121536693855-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दहेज हत्याकांड में जेठ की जमानत याचिका निरस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दहेज हत्याकांड में जेठ की जमानत याचिका निरस्त
Updated Wed, 12 Sep 2018 12:54 AM IST
विज्ञापन
दहेज हत्याकांड में जेठ की जमानत अर्जी निरस्त
बिजनौर। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने निगहत परवीन हत्याकांड में आरोपी जेठ की जमानत अर्जी निरस्त कर दी है।
शासकीय अधिवक्ता महफूज चौधरी के अनुसार देहरादून के भंडारी बाग निवासी सलमा खातून की पुत्री निगहत परवीन का निकाह कस्बा शेरकोट के मोहल्ला कोटरा निवासी शहजाद अहमद के साथ 11 अगस्त 2014 को हुआ था। शादी में काफी दान दहेज मिलने के बाद भी शहजाद व अन्य परिजन कम दहेज लाने की बात कहकर निगहत से मारपीट करते थे। दस अप्रैल 2018 को रात नौ बजे शहजाद ने सलमा को फोन कर बताया कि पांच लाख रुपये उसे पहुंचा दें। वरना वह उसकी बेटी निगहत को जान से मार देगा। 11 अप्रैल को सलमा के पास फोन आया तो सलमा ने पांच लाख रुपये देने से मना कर दिया। इस पर निगहत को मारने की धमकी दी गई। सलमा अपने बेटे सुहैल के साथ शेरकोट पहुंची। वहां काफी भीड़ लगी थी। अंदर जाकर देखा तो निगहत मरी पड़ी थी। उसके गले पर निशान थे और ससुराल वाले घर से फरार थे।
इस मामले में सलमा खातून की ओर से बेटी के पति शहजाद, ससुर अब्दुल रब, जेठ खुर्शीद, जेठानी की लड़की निदा परवीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। कोर्ट ने इस मामले में पर्याप्त आधार न पाते हुए जेठ खुर्शीद की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। इस प्रकरण में ससुर अब्दुल रब की जमानत याचिका पहले ही निरस्त हो चुकी है। प्रभारी जिला जज ने अपहरण के आरोपी राहुल की जमानत याचिका भी निरस्त कर दी है। एक किशोरी को गंज निवासी राहुल भगा ले गया था। परिजनों ने राहुल के खिलाफ किशोरी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
बिजनौर। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने निगहत परवीन हत्याकांड में आरोपी जेठ की जमानत अर्जी निरस्त कर दी है।
शासकीय अधिवक्ता महफूज चौधरी के अनुसार देहरादून के भंडारी बाग निवासी सलमा खातून की पुत्री निगहत परवीन का निकाह कस्बा शेरकोट के मोहल्ला कोटरा निवासी शहजाद अहमद के साथ 11 अगस्त 2014 को हुआ था। शादी में काफी दान दहेज मिलने के बाद भी शहजाद व अन्य परिजन कम दहेज लाने की बात कहकर निगहत से मारपीट करते थे। दस अप्रैल 2018 को रात नौ बजे शहजाद ने सलमा को फोन कर बताया कि पांच लाख रुपये उसे पहुंचा दें। वरना वह उसकी बेटी निगहत को जान से मार देगा। 11 अप्रैल को सलमा के पास फोन आया तो सलमा ने पांच लाख रुपये देने से मना कर दिया। इस पर निगहत को मारने की धमकी दी गई। सलमा अपने बेटे सुहैल के साथ शेरकोट पहुंची। वहां काफी भीड़ लगी थी। अंदर जाकर देखा तो निगहत मरी पड़ी थी। उसके गले पर निशान थे और ससुराल वाले घर से फरार थे।
इस मामले में सलमा खातून की ओर से बेटी के पति शहजाद, ससुर अब्दुल रब, जेठ खुर्शीद, जेठानी की लड़की निदा परवीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। कोर्ट ने इस मामले में पर्याप्त आधार न पाते हुए जेठ खुर्शीद की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। इस प्रकरण में ससुर अब्दुल रब की जमानत याचिका पहले ही निरस्त हो चुकी है। प्रभारी जिला जज ने अपहरण के आरोपी राहुल की जमानत याचिका भी निरस्त कर दी है। एक किशोरी को गंज निवासी राहुल भगा ले गया था। परिजनों ने राहुल के खिलाफ किशोरी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन