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प्रमोशन पर लगी रोक, शिक्षकों को झटका
Updated Thu, 17 May 2018 11:56 PM IST
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बिजनौर। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद ने परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों के प्रमोशन पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है। इससे प्रमोशन चाहने वाले शिक्षकों को झटका लगा है। प्रमोशन के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा शिक्षकों के लिए अनिवार्य किए जाने को शिक्षक गलत बता रहे हैं।
सचिव बेसिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद ने बीएसए को दिए निर्देश पर परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापकों का प्रमोशन करने के आदेश दिए थे। पर बृहस्पतिवार को सचिव ने प्रमोशन करने पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है। जिले में करीब 300 शिक्षकों को प्रमोशन का लाभ मिलना था। इसके लिए बीएसए ने शिक्षकों की वरिष्ठता सूची भी प्रकाशित कर दी थी। पर नूरपुर विधान सभा उप निर्वाचन के चलते प्रमोशन सूची ठंडे बस्ते में डाल दी गई थी। माना जा रहा था कि नूरपुर विधान सभा उप चुनाव के बाद शिक्षकों को प्रमोशन का लाभ मिल सकेगा। अब प्रमोशन के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा को अनिवार्य बताया जा रहा है। बृहस्पतिवार को सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने प्रमोशन पर रोक लगा दी। सचिव के आदेश की बीएसए महेश चंद ने पुष्टि की है। दूसरी ओर, शिक्षकों का कहना है कि अब शिक्षकों को पात्रता परीक्षा कराना गलत है। सरकार ने नियुक्ति के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा अनिवार्य की थी। प्राथमिक शिक्षक संघ के मंत्री प्रशांत चौधरी ने बताया कि शिक्षक हितों की लड़ाई मजबूती से लड़ी जाएगी। मामले को प्रदेश संगठन को अवगत कराया जा रहा है। उधर, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुधीर यादव ने बताया कि मामले में संगठन चुप नहीं बैठेगा।
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सचिव बेसिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद ने बीएसए को दिए निर्देश पर परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापकों का प्रमोशन करने के आदेश दिए थे। पर बृहस्पतिवार को सचिव ने प्रमोशन करने पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है। जिले में करीब 300 शिक्षकों को प्रमोशन का लाभ मिलना था। इसके लिए बीएसए ने शिक्षकों की वरिष्ठता सूची भी प्रकाशित कर दी थी। पर नूरपुर विधान सभा उप निर्वाचन के चलते प्रमोशन सूची ठंडे बस्ते में डाल दी गई थी। माना जा रहा था कि नूरपुर विधान सभा उप चुनाव के बाद शिक्षकों को प्रमोशन का लाभ मिल सकेगा। अब प्रमोशन के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा को अनिवार्य बताया जा रहा है। बृहस्पतिवार को सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने प्रमोशन पर रोक लगा दी। सचिव के आदेश की बीएसए महेश चंद ने पुष्टि की है। दूसरी ओर, शिक्षकों का कहना है कि अब शिक्षकों को पात्रता परीक्षा कराना गलत है। सरकार ने नियुक्ति के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा अनिवार्य की थी। प्राथमिक शिक्षक संघ के मंत्री प्रशांत चौधरी ने बताया कि शिक्षक हितों की लड़ाई मजबूती से लड़ी जाएगी। मामले को प्रदेश संगठन को अवगत कराया जा रहा है। उधर, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुधीर यादव ने बताया कि मामले में संगठन चुप नहीं बैठेगा।
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