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पुलिस की थर्ड डिग्री से बिगड़ी हालत के बाद युवक हायर सेंटर रेफर, ग्रामीणों का पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन
Updated Wed, 11 Apr 2018 12:51 AM IST
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ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
फोटो तीन
धामपुर। गांव कोटरा टप्पा के ग्रामीणों ने मंगलवार को एक निजी अस्पताल के बाहर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गौरव हत्याकांड में जो भी दोषी हो। पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई करें। हत्याकांड का खुलासा करने को निर्दोषों को जबरन घरों से उठाकर उनकी बर्बरतापूर्ण तरीके से पिटाई करना अमानवीयता है। प्रदेश के सीएम से मामले की सही प्रकार से जांच कराकर घटना का खुलासा कराने और पूछताछ के नाम पर हिरासत में लिए युवकों के साथ बेरहमी से पिटाई करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। उधर पुलिस की पिटाई से बेहोश हुए युवकों की हालत में सुधार न होने पर मंगलवार को हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया है। परिजनों का आरोप है कि इनमें से एक युवक की हालत स्थिर बनी है। उसे बार बार खून की उल्टियां आ रही है।
गावं कोटरा टप्पा की सीमला देवी, अजबकली देवी, सुरेश देवी, जया देवी, सुमन, देवेंद्र गुर्जर, विजय कुमार, कैलाश कुमार, रवेंद्र कुमार, ओमवीर सिंह, करन सिंह, कुलदीप सिंह, महेंद्र सिंह का कहना है कि पुलिस ने गांव अजीतपुर निवासी गौरव हत्याकांड का खुलासा करने को कोटरा टप्पा के दो युवकों प्रदीप और रिंकू को पूछताछ के लिए चार दिन पहले उठाया था। आरोप है कि पुलिस पूछताछ के नाम पर दोनों युवकों ने बेरहमी से पिटाई की। जब दोनों की हालत बिगड़ गई तो पुलिस रविवार की रात को उपचार के लिए नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जब इसका पता ग्रामीणों और परिजनों को लगा तो उनमें आक्रोश फैल गया। ग्रामीण रविवार रात में ही ट्रैक्टर ट्राली में भरकर पुलिस कोतवाली पहुंच गए थे और वहां पर जमकर हंगामा किया था। मामले को बढ़ता देख पुलिस ने हिरासत में लिए दोनों युवकों को परिजनों की सुपुर्दगी में देकर अपनी कस्टडी से मुक्त कर दिया था। आरोप है कि दो दिन से चल रहे उपचार के बाद भी दोनों युवकों की हालत में सुधार नहीं हो पाया है। दोनों की हालत को स्थिर बताया गया है। मंगलवार को जब उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो डाक्टरों ने हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि उनके द्वारा दोनों युवकों को जिला अस्पताल में उपचार को भर्ती कराया गया है।
मारपीट का तो मतलब ही नहीं है: सीओ
उधर सीओ अर्चना सिंह ने लगे आरापों को गलत बताया। गौरव की हत्या से पहले दोनों युवकों को वीडियो फुटेज में मृतक के साथ देखा जा रहा है। इन युवकों से केवल पूछताछ की गई है। मारने पीटने का कोई मतलब ही नहीं है। ऐसा ही कोतवाल मनोज कुमार ने दुहराया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
फोटो तीन
धामपुर। गांव कोटरा टप्पा के ग्रामीणों ने मंगलवार को एक निजी अस्पताल के बाहर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गौरव हत्याकांड में जो भी दोषी हो। पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई करें। हत्याकांड का खुलासा करने को निर्दोषों को जबरन घरों से उठाकर उनकी बर्बरतापूर्ण तरीके से पिटाई करना अमानवीयता है। प्रदेश के सीएम से मामले की सही प्रकार से जांच कराकर घटना का खुलासा कराने और पूछताछ के नाम पर हिरासत में लिए युवकों के साथ बेरहमी से पिटाई करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। उधर पुलिस की पिटाई से बेहोश हुए युवकों की हालत में सुधार न होने पर मंगलवार को हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया है। परिजनों का आरोप है कि इनमें से एक युवक की हालत स्थिर बनी है। उसे बार बार खून की उल्टियां आ रही है।
गावं कोटरा टप्पा की सीमला देवी, अजबकली देवी, सुरेश देवी, जया देवी, सुमन, देवेंद्र गुर्जर, विजय कुमार, कैलाश कुमार, रवेंद्र कुमार, ओमवीर सिंह, करन सिंह, कुलदीप सिंह, महेंद्र सिंह का कहना है कि पुलिस ने गांव अजीतपुर निवासी गौरव हत्याकांड का खुलासा करने को कोटरा टप्पा के दो युवकों प्रदीप और रिंकू को पूछताछ के लिए चार दिन पहले उठाया था। आरोप है कि पुलिस पूछताछ के नाम पर दोनों युवकों ने बेरहमी से पिटाई की। जब दोनों की हालत बिगड़ गई तो पुलिस रविवार की रात को उपचार के लिए नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जब इसका पता ग्रामीणों और परिजनों को लगा तो उनमें आक्रोश फैल गया। ग्रामीण रविवार रात में ही ट्रैक्टर ट्राली में भरकर पुलिस कोतवाली पहुंच गए थे और वहां पर जमकर हंगामा किया था। मामले को बढ़ता देख पुलिस ने हिरासत में लिए दोनों युवकों को परिजनों की सुपुर्दगी में देकर अपनी कस्टडी से मुक्त कर दिया था। आरोप है कि दो दिन से चल रहे उपचार के बाद भी दोनों युवकों की हालत में सुधार नहीं हो पाया है। दोनों की हालत को स्थिर बताया गया है। मंगलवार को जब उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो डाक्टरों ने हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि उनके द्वारा दोनों युवकों को जिला अस्पताल में उपचार को भर्ती कराया गया है।
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मारपीट का तो मतलब ही नहीं है: सीओ
उधर सीओ अर्चना सिंह ने लगे आरापों को गलत बताया। गौरव की हत्या से पहले दोनों युवकों को वीडियो फुटेज में मृतक के साथ देखा जा रहा है। इन युवकों से केवल पूछताछ की गई है। मारने पीटने का कोई मतलब ही नहीं है। ऐसा ही कोतवाल मनोज कुमार ने दुहराया है।
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