{"_id":"5acbb7044f1c1b646b8b49b4","slug":"121523300100-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वार्ता पर सहमति, रोडवेजकर्मियों की हड़ताल वापस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वार्ता पर सहमति, रोडवेजकर्मियों की हड़ताल वापस
Updated Tue, 10 Apr 2018 12:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर। यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर आठ अप्रैल की मध्यरात्रि से चल रही हड़ताल और चक्का जाम को स्थगित कर दिया गया है। यह निर्णय उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक पी. गुरुप्रसाद और प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला से यूनियन के पदाधिकारियों की हुई वार्ता पर सहमति बनने के बाद लिया गया।
यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष पंडित रामजी त्रिपाठी के मुताबिक चालकों को शैक्षिक योग्यता के अनुसार अनुभव के आधार पर प्रोन्नति देने, अक्षम कर्मचारियों का कार्यालय के लिए उपयोग करने, मृतक आश्रितों को तुरंत नियुक्ति देने, वरिष्ठता के आधार पर चालकों एवं परिचालकों तथा अन्य कर्मचारियों को वेतन देने, अनुबंधित बसों का संचालन 25 प्रतिशत से अधिक नहीं करने सहित कई मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारियों ने गेट मीटिंग कर धरना-प्रदर्शन किया था।
इस संबंध में कर्मचारियों ने आठ अप्रैल की मध्यरात्रि से चक्का जाम करते हुए हड़ताल करने की घोषणा की थी। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर यूनियन की ओर से दस अप्रैल को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का भी निर्णय लिया था। लखनऊ में प्रमुख सचिव और प्रबंध निदेशक से हुई वार्ता के बाद कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का शीघ्र ही निस्तारण करने की बात पर सहमति बनी और हड़ताल स्थगित करने की घोषणा कर दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष पंडित रामजी त्रिपाठी के मुताबिक चालकों को शैक्षिक योग्यता के अनुसार अनुभव के आधार पर प्रोन्नति देने, अक्षम कर्मचारियों का कार्यालय के लिए उपयोग करने, मृतक आश्रितों को तुरंत नियुक्ति देने, वरिष्ठता के आधार पर चालकों एवं परिचालकों तथा अन्य कर्मचारियों को वेतन देने, अनुबंधित बसों का संचालन 25 प्रतिशत से अधिक नहीं करने सहित कई मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारियों ने गेट मीटिंग कर धरना-प्रदर्शन किया था।
विज्ञापन
इस संबंध में कर्मचारियों ने आठ अप्रैल की मध्यरात्रि से चक्का जाम करते हुए हड़ताल करने की घोषणा की थी। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर यूनियन की ओर से दस अप्रैल को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का भी निर्णय लिया था। लखनऊ में प्रमुख सचिव और प्रबंध निदेशक से हुई वार्ता के बाद कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का शीघ्र ही निस्तारण करने की बात पर सहमति बनी और हड़ताल स्थगित करने की घोषणा कर दी गई।
विज्ञापन