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जिला पंचायत अध्यक्ष उदयन वीरा की किस्मत का फैसला आज
Updated Mon, 31 Jul 2017 12:19 AM IST
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बिजनौर। जिला पंचायत अध्यक्ष उदयनवीरा की कुर्सी का फैसला सोमवार को हो जाएगा। दोनों खेमों ने अपनी-अपनी जीत के लिए अब धन का सहारा लेना शुरू कर दिया है। दोनों खेमे जिला पंचायत सदस्यों को अपने पाले में लाने के लिए मुंहमांगी रकम दे रहे हैं। अभी तक किसी भी खेमे के पास बहुमत नहीं है।
प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष उदयनवीरा के खिलाफ बगावत के सुर उठने लगे थे। जिला पंचायत के वर्तमान में 56 सदस्य हैं। अविश्वास प्रस्ताव की मांग के बीच उदयनवीरा ने एक होटल में बैठक बुलाकर करीब 40 सदस्यों को अपने पाले में लाकर तब विरोधी खेमे के साकेंद्र प्रताप सिंह व उनके साथियों को जोर का झटका दिया था। लेकिन बाद में विरोधी खेमा भी सदस्यों को अपने पाले में लाने में कामयाब हो गया। कुछ दिन पहले विरोधी खेमे ने 42 सदस्यों को जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ होने का दावा करते हुए अविश्वास प्रस्ताव सौंपा था। सूत्रों के अनुसार दोनों खेमों के पास अभी तक स्पष्ट बहुमत नहीं है। सदस्यों को अपने पाले में लाने के लिए अब रुपया पानी की तरह बहाया जा रहा है। कुछ सदस्य दोनों ही खेमों से संपर्क में हैं। जो खेमा ज्यादा रुपया देगा, ये सदस्य उस खेमे में ही चले जाएंगे। अविश्वास प्रस्ताव लाने के समर्थक कुछ सदस्य टूटकर उदयनवीरा के पाले में चले गए हैं तो उदयनवीरा के कुछ समर्थक विरोधी खेमे के संपर्क में बताए जा रहे हैं।
जिला पंचायत में भाजपा व सपा के 12-12 सदस्य हैं, लेकिन अविश्वास प्रस्ताव को लेकर दोनों दलों ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। दोनों पार्टियों के नेता पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अगर अविश्वास प्रस्ताव में उदयन वीरा की कुर्सी जाती है तो बाद में अध्यक्ष पद के चुनाव में दोनों पार्टियां खुलकर मैदान में आ सकती हैं।
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प्रस्ताव पर विचार 11 बजे
अविश्वास प्रस्ताव पर सुबह 11 बजे वोटिंग होगी। कलक्ट्रेट में डीएम के सभागार में वोटिंग होगी। प्रभारी एएमए राजेश्वर सिंह के अनुसार चुनाव संपन्न कराने के लिए जिला जज को पत्र लिखा गया है। पंचायत सदस्यों के हाथ उठवाकर या वोट डलवाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष उदयनवीरा के खिलाफ बगावत के सुर उठने लगे थे। जिला पंचायत के वर्तमान में 56 सदस्य हैं। अविश्वास प्रस्ताव की मांग के बीच उदयनवीरा ने एक होटल में बैठक बुलाकर करीब 40 सदस्यों को अपने पाले में लाकर तब विरोधी खेमे के साकेंद्र प्रताप सिंह व उनके साथियों को जोर का झटका दिया था। लेकिन बाद में विरोधी खेमा भी सदस्यों को अपने पाले में लाने में कामयाब हो गया। कुछ दिन पहले विरोधी खेमे ने 42 सदस्यों को जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ होने का दावा करते हुए अविश्वास प्रस्ताव सौंपा था। सूत्रों के अनुसार दोनों खेमों के पास अभी तक स्पष्ट बहुमत नहीं है। सदस्यों को अपने पाले में लाने के लिए अब रुपया पानी की तरह बहाया जा रहा है। कुछ सदस्य दोनों ही खेमों से संपर्क में हैं। जो खेमा ज्यादा रुपया देगा, ये सदस्य उस खेमे में ही चले जाएंगे। अविश्वास प्रस्ताव लाने के समर्थक कुछ सदस्य टूटकर उदयनवीरा के पाले में चले गए हैं तो उदयनवीरा के कुछ समर्थक विरोधी खेमे के संपर्क में बताए जा रहे हैं।
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जिला पंचायत में भाजपा व सपा के 12-12 सदस्य हैं, लेकिन अविश्वास प्रस्ताव को लेकर दोनों दलों ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। दोनों पार्टियों के नेता पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अगर अविश्वास प्रस्ताव में उदयन वीरा की कुर्सी जाती है तो बाद में अध्यक्ष पद के चुनाव में दोनों पार्टियां खुलकर मैदान में आ सकती हैं।
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प्रस्ताव पर विचार 11 बजे
अविश्वास प्रस्ताव पर सुबह 11 बजे वोटिंग होगी। कलक्ट्रेट में डीएम के सभागार में वोटिंग होगी। प्रभारी एएमए राजेश्वर सिंह के अनुसार चुनाव संपन्न कराने के लिए जिला जज को पत्र लिखा गया है। पंचायत सदस्यों के हाथ उठवाकर या वोट डलवाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।