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दो साल में फेल हुई 12 नसबंदी, नहीं मिला मुआवजा

Thu, 12 May 2022 11:36 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 12 May 2022 11:36 PM IST
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12 sterilizations failed in two years, did not get compensation
अमन कुमार शर्मा
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बिजनौर। जिले में परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग नसबंदी पर जोर दे रहा है। जिले में दो साल में 3886 महिलाओं की नसबंदी की गई। जिनमें से 12 महिलाओं की नसबंदी फेल हो गई। नसबंदी फेल होने पर महिलाओं को 60 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाता है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के दावे खोखले हैं, अभी तक किसी भी महिला को मुआवजा नहीं मिला है।
जिले में स्वास्थ्य विभाग पुरुष नसबंदी और महिला नसबंदी दोनों को लेकर लोगों को जागरूक कर रहा है। कुछ हद तक लोग नसबंदी करा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक साल 2020-21 में पुरुष नसबंदी का लक्ष्य 30 रखा गया था, लेकिन कुल 14 नसबंदी हुई थी। वहीं साल 2021-22 में 13 नसबंदी के लक्ष्य के सापेक्ष 14 पुरुषों की नसबंदी हुई थी। अगर हम महिला नसबंदी की बात करें तो साल 2020-21 में 2281 नसबंदी करने का लक्ष्य रखा गया था, इनमें से 1807 महिलाओं ने ही नसबंदी कराई थी। इनमें से चार नसबंदी फेल हो गई थी। वहीं 2021-22 में स्वास्थ्य विभाग ने 2700 महिलाओं की नसबंदी करने का लक्ष्य रखा था, जिनमें से 2079 महिलाओं की नसबंदी की गई थी। इनमें 8 नसबंदी फेल हो गई थी।
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नसबंदी फेल होने पर दिए जाता है मुआवजा
जिले में दो सालों में 12 नसबंदी फेल हो चुकी हैं। नसबंदी फेल होने पर 60 हजार रुपये दिए जाते हैं। 30 हजार रुपये एनएचएम और 30 हजार रुपये प्रदेश सरकार की ओर से दिए जाते हैं। अपर शोध अधिकारी डॉ. राजकुमार वर्मा ने बताया कि बजट न आने की वजह से फेल नसबंदी का अभी मुआवजा नहीं दिया गया है।
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इन वजहों से फेल होती है नसबंदी
डॉ. तब्बसुम परवीन ने बताया कि महिलाओं की नसबंदी ज्यादातर तीन वजह से फेल होती है। जो महिलाएं पहले से गर्भवती होती है, उनकी नसबंदी फेल हो जाती है। कभी-कभी लेप्रोस्कोपी की वजह से रिंग ढीले पड़ जाते हैं, तो नसबंदी फेल हो जाती है। इसके साथ ही मरीज द्वारा सही जानकारी न देने पर भी महिलाओं की नसबंदी फेल हो जाती है।

बजट आते ही दिया जाएगा मुआवजा: डॉ. राजकुमार
अपर शोध अधिकारी डॉ. राजकुमार वर्मा ने बताया कि दो साल से नसबंदी फेल होने वालों को मुआवजा नहीं दिया गया है। सरकार की ओर से स्वास्थ्य विभाग को अभी बजट नहीं मिला है। जैसे ही बजट आता है, मुआवजा दे दिया जाएगा।
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